हरित गुरूपूर्णिमा मनाया गया गुरु के स्मरण व समर्पण का महापर्व गुरु पूर्णिमा हरियाली और स्वच्छता संदेश से शुरु होगी हरित कांवड़ यात्रा प्रकृति के सानिध्य में स्वस्थ जीवन-स्वामी चिदानन्द सरस्वती गुरुब्रह्मा गुर्रुिष्णुः गुरुदेव महेश्वर, गुरु साक्षात्परमब्रह्म तस्मैश्री गुरुवे नमः ऋषिकेश 27 जुलाई। परमार्थ निकेतन आश्रम के संस्थापक महामण्डलेश्वर स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती के 53वें निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों का श्रीगणेश आज विधिवत हो गया। 1942 में स्वर्गाश्रम क्षेेत्र में परमार्थ निकेतन की स्थापना हुई। प्रातः 08.00 बजे सद्गुरुदेव पूजन, श्रीरामायण आरती, हनुमान चालीसा पाठ व दिव्य आरती का आयोजन महामण्डलेश्वर असंगानन्द सरस्वती जी एंव श्री स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने, देश व विदेश में रहने वाले असंख्य शिष्यों से गुरूपूर्णिमा को हरित रूप से मनाने के लिये प्रेरित किया। उन्हांेेने कहा, ’गुरु हमारे जीवन से अन्धकार को मिटाकर प्रकाश लाता है। यही गुरु शब्द का निहितार्थ है। निर्वाण महोत्सव के शुभारम्भ के अवसर पर सम्पन्न मुख्य पूजा महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती एंव स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने की। अपने गुरुदेव स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती को परम तपस्वी सन्त के साथ-साथ महान चिन्तक व विचारक बताते हुए स्वामी असंगानन्द सरस्वती ने कहा कि वह भारतीय आध्यात्मिक आकाश के वह दैदीप्यमान सितारे हैं, जो सदैव अमर रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके विचारों एवं सिद्धातों को जीवन मंे उतारना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि व गुरुदक्षिणा होगी। गुरूपूर्णिमा के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एंव मानस कथाकार श्री मुरलीधर जी ने गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन एंव ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस की ओर से हरित कांवड़ मेला के लिये आये नये टैªक्टर, शुद्व पेयजल के लिये टैंकर, अनेकों जल मंदिर, कूडे़दानों एंव स्वच्छता क्रांन्ति रथ, चिकित्सा शिविर के लिये दवाईयों की व बायो टायलेट शौचालयों का विधिवत पूजन व उद्धाटन किया। साथ ही पूज्य स्वामी जी ने हरित कांवड़ मेला में लगे परमार्थ के सभी सेवकों, जीवा टीम व परमार्थ ऋषिकुमारों को आर्शीवाद दिया व हरियाली और स्वच्छता का संकल्प कराया। हरियाली और स्वच्छता के लिये गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन की ओर से वृहृद रुप से पौधारोपण किया जायेगा। कांवड़ में आने वाले श्रद्धालु यात्रियों के लिये बाघखाल से लेकर बैराज तक के मुख्य रास्ते पर हर 500 मीटर पर शुद्ध जलमन्दिरों की तथा हर 300 मीटर पर कूडे़दानों की व्यवस्था तथा कूडे के निस्तारण की व्यवस्था, निःशुल्क चिकित्सा शिविर व बायो टायलेट शौचालयों की व्यवस्था की गयी है। साथ ही साथ स्वच्छ भारत अभियान में कांवड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुजन जुड़ सके तथा वापिस घरों में प्रेरणा लेकर जायें इसके लिये प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक, पपेट शो व स्वच्छता क्रांन्ति रथ आदि द्वारा जन जागरण अभियान भी चलाया जायेगा। उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, मौलाना महमूद मदनी जी, संस्थापक 37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी, आचार्य श्री बालकृष्ण जी, संत मुरलीधर जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज, जत्थेदार पटना साहिब गुरूद्वारा ज्ञानी इकबाल सिंह जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, स्वामी वेदविद्यानन्द सरस्वती जी, श्री अमरजीत सिंह जी, मानव संसाधन राज्य मंत्री भारत सरकार, डाॅ सत्यपाल सिंह जी व श्री मदन कौशिक जी ने मिलकर स्वामी जी को उनके जन्म दिवस पांच रूद्राक्ष व (पीपल, पाकर, बरगद त्रिमूर्ति) के पौधे को मिलकर भेंट किया था उस को आज गुरूपूर्णिमा के अवसर पर पूज्य स्वामी जी व परमार्थ ऋषिकुमारों द्वारा पौधारोपण किया गया।


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