हरिद्वार: हरियाणा के दादरी जिले से कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे पांच श्रद्धालु गंगा में डूब गए। इनमें से दो को जैसे-तैसे बचा लिया गया। मगर, उनके तीन साथियों का कुछ पता नहीं चल पाया। जल पुलिस का गोताखोर दल मंगलवार को पूरे दिन उनकी तलाश करता रहा। तीनों कांवड़ यात्री हड़ौदी गांव के रहने वाले है। इनके परिजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी हरिद्वार में डेरा डाले हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक कांवड़ यात्रियों का यह दल सोमवार देर शाम उत्तरी हरिद्वार पार कर सप्तऋषि क्षेत्र में पहुंचा। यहां हरिपुर कलां गांव के पास शादाणी घाट नंबर 14 पर वे सभी गंगा स्नान करने लगे। इस बीच, कुछ युवक घाट पार करते हुए गंगा के बीच तक जा पहुंचे। इनमें से पांच युवक गंगा के बहाव में बहने लगे। शोर मचाने पर घाट पर मौजूद उनके साथियों ने रस्सा फेंका। एक साधु भी उन्हें बचाने के लिए गंगा में कूदा। काफी प्रयासों के बाद धर्मेंद्र व दीपक को बचा लिया गया। लेकिन 18 वर्षीय सतीश, 20 वर्षीय नरेंद्र व 18 वर्षीय तरुण का कुछ पता नहीं चल पाया। साथी कांवड़ यात्रियों ने फोन पर परिजनों को हादसे की जानकारी दी। परिजन व काफी संख्या में ग्रामीण सुबह ही हरिद्वार पहुंच गए थे।
इधर, हादसे की सूचना पर सुबह सप्तऋषि पुलिस चौकी प्रभारी रणवीर ङ्क्षसह चौहान ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली और जल पुलिस के गोताखोरों से नदी में बहे युवकों की तलाश शुरू की। एसपी सिटी व कांवड़ मेला प्रभारी ममता वोहरा ने बताया कि जल पुलिस की अलग-अलग टीमें बोट के सहारे गंगा में तीनों कांवड़ यात्रियों की तलाश में जुटी हैं।


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