ऋषिकेश। उत्तराखण्ड राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन के लिए बाजार से ब्याज पर लाखों रूपया उठा रही है जिसके कारण राज्य का बच्चा-बच्चा कर्जदार हो रहा है। लेकिन राजकोष के खाली होने का कारण किसी की भी समझ में नहीं आ रहा। जिस राज्य में आबकारी, पर्यटन, ऊर्जा, परिवहन सहित विभिन्न विभागो से राजकोष में लाखों करोडो जमा हो रहे हों उसके बाद भी राजकोष के खाली होने के कारण तो अनेक हो सकते हैं लेकिन सबसे बडा जो कारण सामने आ रहा है वह भ्रष्टाचार है। उदाहरण स्वरूप आबकारी विभाग से ही सरकार को करोडो का चूना लग रहा है। आज का आदित्य समाचार पत्र ने जो खोजबीन की उसमें कई तथ्यसामने आए हैं। सबसे बडा जो तथ्य सामने आ रहा है उसमें यह बात साफ हो चुकी है कि आबकारी विभागकी लापरवाही के कारण राजकोष में अभी तक करोडो का अधिभार जमा नहीं हुआ है।देहरादून जिले की बात कही जाए तो रानीपोखरी शराब केे ठेके पर डेढ माह से अधिभार पेंडिंग चल रहा है। रानीपोखरी देशी शराब के ठेके के संचालक ने पिछले डेढ माहसे अधिभार जमा नहीं किया है जिसके कारण सरकार को सीध्ेा लाखों का चूना लगा है। जिला आबकारी अधिकारी के शायद यह संज्ञान में नहीं आया कि रानीपोखरी शराब के ठेके का अध्भिार अभी तक जमा नहीं हुआ। यदि जिला आबकारी अधिकारी के संज्ञान में यह मामला आ जाता तो निश्चित रूप से अधिभार अभी तक जमा हो चुका होता। जब अधिभार के मामले में आज का आदित्य समाचार पत्र ने आबकारी मंत्री प्रकाश पंत से दूरभाष पर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। जब इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी को दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होने फोन उठाने तक की जहमत नहीं उठायी। जिसके बाद मामला संज्ञान में आने के बाद जिला आबकारी अधिकारी ने रानीपोखरी ठेके के संचालक को नोटिस जारी किया । उसके बाद भी अधिभार जमा न होने के कारण रानीपोखरी शराब ठेके को सोमवार को सीज कर दिया गया।
आज का आदित्य समाचार पत्र अधिभार मामले पर पैनी निगाह गडाये हुए है। जो अधिभार राजकोष में जमा होता है उससे ही विकास कार्यो को गति मिलती है।रानीपोखरी देशी मदिरा शराब के ठेके के संबंध में यह भी खुलासा हुआ है कि इसी शराब केे ठेके से सबसे ज्यादा शराब की सप्लाई ड्राई एरिया ऋषिकेश में होती है। कानून के हिसाब से ड्राईएरिया क्षेत्र में शराब की सप्लाई नहीं हो सकती।यदि पुलिस विभाग के आकंडो पर गौर किया जाए तो इस बात का खुलासा होता कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश में शराब तस्करी के सर्वाध्सिक मामले हैं। यहां अनेक पुरूष हीनहीं बल्कि महिलाएं भी शराब तस्करी में जेल जा चुकी हैं। कई शराब तस्करतो ऐसे हैं जिन के ऊपर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही भी हो चुकी है। अब बड़ी बात यह है किजब पुलिस विभाग भी यह मानता है कि ऋषिकेश मेेंशराब की तस्करी हो रही है तो आबकारी विभाग कौन सी चिर निद्रा में सो रहा है। हरिद्वार व ऋषिकेश दोनो ही ड्राई एरिया क्षेत्र में है औरइन दोनो ही क्षेत्रो मेंशराब की तस्करी किसी से छिपी हुयी नहीं है। अब देखने वाली बात यह है कि जिला आबकारी अधिकारी कब ऋषिकेश में तस्करी होने वाले शराब के खिालफ अभियान छेडते हैं।

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