ऋषिकेश,14 अगस्त। उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा एक याचिका की गई सुनवाई के बाद राज्य के सभी जंगलों मे वर्षो से रहने वाले से वन गुजरों को जंगल से बहार कर दिये जाने के आदेश के बाद तमाम गुजरो मे रोष उत्पन्न हो गया है।जो कि उक्त निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं।यह जानकारी वन गुजर अमीर हमजा ने देते हुए बताया कि हिमालयन युवा विकास समिति द्बारा हाईकोर्ट मे एक याचिका जंगलों मे रहने वाले गुजरो के विरुद्ध लगाई थी जिस पर पीड़ित पक्ष की बात की सुनवाई के बिना पक्ष सुने सभी गुर्जरो को जंगलो से बहार करने के आदेश दे दिये गये है इस आदेश के बाद सभी गुजरों मे रोष उत्पन्न हो गया है जिसे लेकर गुजर समाज उक्त आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगा । हमजा ने कहा कि इस आदेश खिलाफ सभी गुजरो को एक जुट करने के लिए पहले सभी स्थानों पर सभायें की जायेगी । इसी क्रम मे आज गैडी खाता मे बैठक भी की गई । जिसमे शमशेर भडाना जी नलोवाला ,युसूफ बानिया , पप्पू प्रधान चेची ,अजहर भडाना, नियाज चेची, बुल्ली देदड , मो आलम कसाना गुर्जर बस्ती ,रोशन बानिया , नानी भडाना , अजाद चेची, सफी लोद्दा , इरशाद भडाना , बाबू खटाना , नूर भडाना नूरआलम कसाना , गनी चेची ,शम्मा मोटा, दालो कसाना, गुलाम कसाना , गनी चौहान , गनी डिण्डा सहित कई स्थानों से काफी संख्या मे लोगों ने भाग लिया
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ऋषिकेश में गुर्जरों को जंगलों से बाहर निकाले जाने के आदेश के खिलाफ गुर्जर समाज में रोष

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