ऋषिकेश ,06 अगस्त। गौहरी माफी में आई बाढ़ के कारण डेढ़ सो परिवारों की फंसी सांसत में जान के बाद राहत कार्य में जुटी आप दा प्रबंधन की टीम की मेहनत के बावजूद भी ऋषिकेश प्रशासन चंद्रभागा नदी मे खड़ी मुआवजे के लिए झोपड़ियों को नहीं हटा पा रहा है ।जिसका कारण विभिन्न पार्टियों का झोपड़ी वालों को संरक्षण होना बताया जा रहा है। ज्ञात रहे की चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर वोटों के लिए राजनीतिक दलोँ के नेताओं के संरक्षण में लगभग 300 अवैध झोपड़िया पड़ी है जो कि आए दिन बढ़ती जा रही है जबकि हर वर्ष चंद्रभागा नदी में बरसाती पानी भारी मात्रा में आता है जिसमें अक्सर झोपड़ियां बहती रही है ।झोपड़ी मे रहने वाले लोग हर साल प्रशासन से हजारों रुपए का मुआवजा भी लेते हैं लेकिन प्रशासन हर वर्षाकालीन महीने में झोपड़ी में रहने वाले लोगों को नोटिस भी कमाता है लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण प्रशासन इन्हें आज तक हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया है इस वर्ष भी चंद्रभागा नदी के किनारे लग दोनों ओर लगभग 400 झोपड़ियां अवैध रूप से बचें और सिंचाई विभाग द्वारा उन्हें बरसात से पूर्व हटने का नोटिस भी समय आ गया है पिछले 5 दिनों से हो रही वर्षा के कारण चंद्रभागा नदी अपने पूरे उफान पर आ गई है जिसके चलते झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने तो खाली कर दी लेकिन मुआवजे के लिए अभी भी झोपड़िया अपने स्थान पर ही खडी है। जिन्हें राजनीतिक संरक्षण के कारण ना तो प्रशासन की हटाने की हिम्मत है ,और ना ही झोपड़ी वालों को बसाने वाले तथाकथित नेताओं की भाजपा नेता विनोद शर्मा का आरोप है कि क्षेत्र के के छुटभैया नेताओं द्वारा इन्हें पैसे लेकर चंद्रभागा नदी मैं बसाया गया है जो कि उनसे से महीना वसूली तो करते ही है साथ ही इन लोगों से अवैध धंधे भी करवाते हैं जहां से पुलिस अवैध धन्धों मे लिप्त लोगों को भी पकडती रही हो इन्हीं कारणों के चलते प्रशासन की इन्हें हटाये जाने की हिम्मत नहीं होती ।
प्रशासन क्या कहता है
उप जिलाधिकारी हर गिरी का कहना था कि वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व चंद्रभागा के दोनों किनारों पर बसे सभी झोपड़पट्टी वालों को अपनी झोपड़ियां हटाने के निर्देश दे दिए गए थे यदि उन की झोपड़ी पानी में बहती है तो उन्हें इस वर्ष किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। संबंधित सिंचाई विभाग को भी इस संबंध में अलर्ट रहने के लिए कहा गया है जो कि समय समय पर अपनी कार्रवाई करता है।
प्रशासन क्या कहता है
उप जिलाधिकारी हर गिरी का कहना था कि वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व चंद्रभागा के दोनों किनारों पर बसे सभी झोपड़पट्टी वालों को अपनी झोपड़ियां हटाने के निर्देश दे दिए गए थे यदि उन की झोपड़ी पानी में बहती है तो उन्हें इस वर्ष किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। संबंधित सिंचाई विभाग को भी इस संबंध में अलर्ट रहने के लिए कहा गया है जो कि समय समय पर अपनी कार्रवाई करता है।

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