देहरादून: मौसम को लेकर मौसम विभाग ने उत्तराखंड में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले दो दिन प्रदेश पर भारी पड़ सकते हैं। विभाग के अनुसार इस दौरान पर्वतीय इलाकों में बादल फटने की घटनाएं होने की भी आशंका है। तीर्थयात्री फिलहाल को पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टाल दें। अलर्ट को देखते हुए शासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी महकमों को सजग रहने को कहा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ ही पुलिस और प्रशासन को भी सतर्क किया गया है। 
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मौसम के लिहाज से रविवार और सोमवार बेहद संवेदनशील हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और नैनीताल में विशेष सावधानी की जरूरत है। इस बीच हरिद्वार और देहरादून में तेज बौछारों का दौर शुरू हो गया है।
पहाड़ों की लाइफलाइन माने जानी वाली सड़कों पर मौसम का कहर जारी है। चार धाम मार्गों पर मलबा आने से यातायात में बाधा पड़ रही है तो प्रदेश में 70 से ज्यादा संपर्क मार्गों पर आवाजाही बाधित है। गंगोत्री हाईवे पर मुश्किलों का दौर थम नहीं पा रहा है। गुरुवार की रात जबरदस्त भूस्खलन के बाद हाईवे पर फंसे 700 कांवड़ यात्रियों को वहां से सुरक्षित निकाला गया।
वहीं शुक्रवार रात 12 बजे मलबा आने से टिहरी जिले में हाईवे बंद हो गया। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग पर आवाजाही बहाल हो सकी। लगातार बारिश के कारण प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बरसाती नदियों के उफान के कारण लोग सहमे हुए हैं। गंगा, यमुना, सरयू, गोरी और काली नदी भले ही खतरे के निशान से दूर हों, लेकिन जलस्तर बढऩे से आसपास के इलाकों में लोग भयभीत हैं। ऋषिकेश के निकट स्थानीय सौंग नदी एक बार फिर उफान पर है। शनिवार को इस नदी का पानी भानियावाला कस्बे में घुस गया।

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