कमिश्नर शैलेश बगौली ने लिया स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का आशीर्वाद
सपरिवार परमार्थ निकेतन पहंुचे मंडलायुक्त शैलेश  बगौली जी
मेलों के प्रदेश उत्तराखण्ड को स्वच्छ, सुन्दर और हरित बनाने पर हुई चर्चा
मेलों का प्रदेश मैला न दिखे इसके लिये करना होगा प्रयास-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 6 अगस्त। गढ़वाल मण्डल कमिश्नर शैलेश बगौली जी सपरिवार पहंुचे परमार्थ निकेतन उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री बगौली जी मण्डलायुक्त बनने के पश्चात पहली बार परमार्थ निकेतन पधारे।
 स्वामी जी महाराज ने उत्तराखण्ड की सड़कों की स्थिति एवं बढ़ते सड़क हादसो पर चिंता व्यक्त करते हुये कमिश्नर शैलेश बगौली जी से सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने पर चर्चा की। साथ ही कहा कि उत्तराखण्ड मेलों का प्रदेश है यहां पर पूरा वर्ष मेले और गंगा स्नान की तिथियांें पर करोड़ों की संख्या में जनसमुदाय पहुंचता है, यह प्रदेश एक आध्यात्मिक प्रदेश है अतः बाहर से आने वाले साधकों और सैलानियों को स्वच्छ जल, स्वच्छ शौचालय, साफ-सुथरी सड़के, स्वच्छ गंगा तट और प्रदूषण मुुक्त वातावरण प्रदान करना हमारा प्रथम कर्तव्य है।
 स्वामी जी ने कहा कि लोग यहां पर आस्था और विश्वास के साथ आते है; वे इस पवित्र क्षेत्र में शान्ति, आरोग्य, तनाव से मुक्त वातावरण, शुद्ध जल और स्वच्छ वायु की तलाश में आते है। अतः इस दिव्य और पवित्र उत्तराखण्ड धाम की पवित्रता को बनायें रखने के लिये हम सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
 श्री शैलेश बगौली जी से स्वामी जी महाराज ने गंगा में गिरते नालों को टेप करने के विषय में विशद चर्चा की उन्होने कहा कि गंगोत्री से लेकर हरिद्वार तक अनेक नाले गंगा में गिर रहे जो गंगा में बढ़ते प्रदूषण का प्रमुख कारण है। हम चारों धाम के द्वार हरिद्वार की बात करे तो वहा पर लगभग 20 नालों का प्रदूषित जल सीधे गंगा में गिर रहा है स्थिति यह है कि गंगा अपने जन्म प्रदेश से ही प्रदूषित होकर निकल रही है। गंगा में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिये नालों को टेप करना नितंात आवश्यक है। स्वामी जी महाराज ने तीर्थ नगरी में विचरण करती गायों के विषय में भी चर्चा की और कहा कि शहरों के बाहर गायों के लिये शेल्टर बनाने की जरूरत है जिसमें गायों के लिये चारा, पानी और उचित देखभाल की पूरी व्यवस्था हो। साथ ही कहा कि तीर्थ क्षेत्र में उचित कूड़ा प्रबंधन तथा शौचालय निर्माण के साथ उनकी स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने होगा ताकि सैलानियों को किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो। श्री बगौली जी ने स्वामी जी द्वारा दिये सुझावों को बड़ी ही संजीदगी और गौर से सुना और कहा कि आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर इन सभी सुझावों पर कार्ययोजना तैयार कर एक बार फिर बैठक कर उसके क्रियान्वयन के लिये योजना तैयार की जायेगी।  श्री बगौली जी ने इन सब सुझावों के लिये स्वामी जी महाराज को धन्यवाद दिया।
  स्वामी जी महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का सौभाग्य है कि संत हृदय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी का नेतृत्व प्राप्त है। वे नदियों, पहाड़ों, स्वच्छता और नालों के विषय में अद्भुत कार्य कर रहे है। इस कार्य में हम सभी प्रदेशवासी, प्रशासन, संस्थायें, संत समाज और नागरिक समुदाय मिलकर कार्य करे तो यह दुगनी प्रगति के साथ हमारा प्रदेश विकास कर सकता हैै। स्वामी जी ने कहा कि सरकार ने गंगा मंे गिरते नालों को टेप करने की जो भावी योजना बनायी है वह एक ग्रान्ड प्लान है उसमें समय लगेगा लेकिन ग्राउण्ड प्लान के लिये चन्द्रेश्वर नाला ऋषिकेश पर एक योजना तैयार की है इसका माननीय मुख्यमंत्री जी ने उद्घाटन किया था पांच दिन के कम अंतराल में यह कार्य पूरा हो गया था, जब तक कोई बड़ी योजना नहीं बन जाती तब तक इस योजना को लागू किया जाये तो एक बहुत बड़ी सफलता होगी, इससे गंगा प्रदूषण मुक्त होगी और जिससे लोगांे में उत्साह भी बढ़ेगा और वे भी इसमें सहयोग हेतु आगे आयेगे। इस योजना को अन्य नालों पर भी लागू किया जाये जो गंगा को प्रदूषणमुक्त करने में हम सफल हो सकते है तथा इससे प्राप्त परिणाम से प्रभावित होकर इस योजना को दूसरे नदियों में गिरते नालों पर भी लागू किया जा सकता है जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी स्वच्छ भारत अभियान के लिये भी सहयोग होगी।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के साथ कमिश्नर शैलेश बगौली व पूरे परिवार ने शिवाभिषेक के अवसर पर भगवान शिव के चरणों में बैठकर भूमि का, धरती का विश्व ग्लोब का अभिषेक किया। स्वामी जी महाराज ने सभी को वृक्षारोपण कर सावन मास में धरती का श्रंगार करने का संकल्प कराया तथा बाबा भोले से सभी कावड़ियों के लिये मंगल कामना, धरती पर हरियाली, खुशहाली और समृद्धि बनी रहे इसकी प्रार्थना की।

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