ऋषिकेश ,11सितम्बर। जलजनित रोगों की चपेट में आकर लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। तीर्थ नगरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोग डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर जैसी बीमारियों की चपेट में हैं। शहर की विभिन्न लैबोरेटरी  में डेंगू की जांच के लिए प्रतिदिन बडी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।राहत की बात बस इतनी सी है कि स्थिति अभी काफी हद तक नियंत्रण में है।हालांकि मुनि की रेती के चौदह बीघा क्षेत्र में पिछले दिनों एक रोगी की डेंगू से हुई मौत के बाद लोगों में खौफ बड़ा है।सितम्बर माह के मध्य की शुरुआत बस होने को है लेकिन बारिश का दौर अभी भी थमा नही है।मानसूनी मौसम लम्बा खिचने से जल जनित बीमारियां लगातार पनप रही है।मलेरिया के साथ साथ अब डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। राजकीय चिकित्सालय एम्स हॉस्पिटल सहित तमाम प्राइवेट हॉस्पिटल में इन दिनों जल जनित बीमारियों से ग्रसित रोगियों की लंबी लंबी कतारें लग रही है। खास तौर पर डेंगू को लेकर लोग सहमे हुए हैं।गौरतलब है कि 'एडीज एजेप्टी' मच्छर से होता है डेंगू।डेंगू बुखार 'एडीज एजिप्टी' मच्छर के काटने से होता। इस मच्छर को टाइगर मासकीटो के नाम से भी जाना जाता है। यह मच्छर गंदी नालियों में नहीं रहता है। यह घरों में साफ एकत्रित पानी में होता है। खास बात यह है कि यह सिर्फ दिन में ही काटते हैं।

क्या कहते हैं राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सक

राजकीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक मुकेश पांडे का कहना है कि इस बीमारी के सामान्य लक्षण
तेज बुखार, तेज बदन दर्द, सिर दर्द, जोड़ों के दर्द, आंख में दर्द व शरीर पर दाना निकलना डेंगू बुखार का प्रमुख लक्षण है। ऐसे मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट एक लाख से कम हो जाता है। लक्षण दिखने पर तुरंत लैब से  जांच करानी चाहिए।

डॉक्टर मुकेश पांडे का कहना था कि इस बीमारी से बचने के लिए इस प्रकार बचाव के उपाय: करने चाहिए
-घर में आस पास पानी न एकत्रित होने दें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- शरीर पर नीम या सरसों के तेल का प्रयोग करें।
- घर में मच्छर अगरबत्ती जला सकते हैं।
- घर में कूलर या बाल्टी के पानी को हमेशा बदलते रहें।

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