ऋषिकेश। ऐम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (जिसका नाम बदलकर जन आरोग्य योजना कर दिया गया है,) का शुभारंभ किया ।
आयुष्‍मान भारत स्‍कीम के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक के फ्री हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा दी जाएगी, इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा।केंद्र सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इस स्‍कीम से लगभग 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचेगा। हालांकि ये योजना प्रभावी तौर पर 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को लागू होगी। इस योजना का लाभ आपको या आपके परिवार को मिलेगा का नहीं, आपका नाम अभी तक आयुष्मान योजना में जुड़ा है या नहीं, आप खुद आसानी से जांच कर सकते हैं।
आयुष्मान भारत के सीईओ डॉ. इंदु भूषण का कहना है कि लोगों के पास फिलहाल तीन विकल्प हैं, जहां से वो अपने बारे में पता कर सकते हैं कि उन्हें लाभ मिलेगा या नहीं?
पहला विकल्प (वेबसाइट)
केंद्र सरकार ने योजना से जुड़ी एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसका नाम mera.pmjay.gov.in है। कोई भी इस वेबसाइट के जरिये अपने बारे में पता कर सकता है. चाहे को किसी राज्य का रहने वाला हो।
सबसे पहले आपको mera.pmjay.gov.in पर जाना होगा. यहां आपको होम पेज पर ही ‘PM Jan Arogya Yojana’ बॉक्स मिलेगा. यहां आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा। आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे डालते ही पता चल जाएगा कि अभी आपका नाम इस योजना से जुड़ा है या नहीं।
दूसरा विकल्प (फोन नंबर)
आयुष्मान भारत के CEO इंदु भूषण ने बताया कि जिसके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उसके लिए सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. लोग 14555 पर कॉल करके पता कर सकते हैं कि उनका नाम योजना में जुड़ा है या नहीं। इस पर कॉल करने के बाद कुछ जानकारी मांगी जाएगी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद पता चलेगा कि आपको इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।
तीसरा विकल्प (सूचीबद्ध अस्पताल)
इंदु भूषण का कहना है कि लोग पास के अस्पतालों में भी जाकर जानकारी जुटा सकते हैं। इसके लिए आयुष्मान भारत से सूचीबद्ध अस्पतालों में जाना होगा. सरकारी की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों में लोगों की मदद के लिए अरोग्य मित्र की तैनाती की गई है। अरोग्य मित्र से संपर्क करके भी लोग अपना नाम योजना में ढूंढ सकते हैं।
सूचीबद्ध अस्पताल में तैनात अरोग्य मित्र आपसे पहचान के लिए राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज की मांग कर सकते हैं. पहचान साबित हो जाने के बाद अगर आपका नाम योजना में मिल जाता है तो फिर आपको ई-कार्ड दे दिया जाएगा. जिसके जरिये आप कभी भी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. ई-कार्ड में आगे फोटो और नाम होगा, जबकि पीछे में लाभार्थी का पता अंकित होगा।
निदेशक रविकांत ने बताया एम्स में आयुष्मान भारत की कार्ड धारकों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। मौके पर दीन सुरेखा किशोर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रकाश, ट्रामा के हैंड डॉ कमर आजम, S1 भारत की नोडल ऑफिसर पूर्वी कुलश्रेष्ठ, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजीत भदौरिया, डॉक्टर सुरेश शर्मा तथा अन्य संकाय सदस्य मौजूद थे ।

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