दिल्ली सचिवालय में नोकरी लगाने के नाम से करता था ठगी
देहरादून। भारत सरकार के नई दिल्ली सचिवालय में नोकरी लगाने के नाम पर एक दर्जन से अधिक युवाओं से 25 लाख के ठगी करने वाले को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शम्भूनाथ मिश्रा पुत्र परमानंद मिश्रा मूल रूप से उत्तरकाशी का रहने वाला है। ठगी करने के बाद हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में आने वाले शाहपुर शितलाखेड़ा गॉव में छिपकर रह रहा था।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 6 जून को रीठा मंडी निवासी भीखाराम ने लक्खीबाग चौकी पर लिखित सूचना दी। जिसमे कहा गया कि वह कलावती न्यास धर्मशाला में उप प्रबंधक के पद पर नियुक्त है। जहां उसकी मुलाकात संजय नौटियाल पुत्र परमानंद नौटियाल निवासी मोहल्ला भूप सिंह सब्जी मंडी नज़दीक राधा मन्दिर जसपुर उधमसिंह नगर से धर्मशाला में आने जाने के दौरान उसकी जान पहचान करीब 3-4 वर्ष पहले हुई। अच्छी जान पहचान हो जाने पर उसने बताया की भारत सरकार नई दिल्ली के सचिवालय में कुछ कनिष्ष्ठ लिपिक के पद रिक्त है, यदि आप अपने लड़के मनीष कुमार को लगवाना चाहते हैं तो 3 लाख रुपये लगेंगे। जिसमे 50 हज़ार रुपये एडवांस में देने होंगे और बाकी काम होने के बाद। इसने खुद को भी विकास भवन कृषि कार्यालय रोशनाबाद हरिद्वार में उप कृषि अधिकारी के पद पर कार्यरत होना बताया। इस पर विश्वास कर मैने लड़के के सभी डॉक्यूमेंट की छाया प्रति उसे दे दी तथा 50 हज़ार रुपये एडवांस में दे दिए। उसके बाद संजय नौटियाल घर पर भी आने जाने लगा। इस दौरान उसने बताया कि सचिवालय में और भी पड़ खाली है। उसने कहा कि अगर आपके और कोई जानने वालेे या रिश्तेदार हो तो उनकी भी नौकरी लगवा देगा। उस पर भरोसा करके मैंने अपने तीनो बच्चो व एक रिश्तेदार का प्रार्थना पत्र लेकर कनिष्क लिपिक पद हेतु प्रार्थनापत्र लिखवाकर दे दिया और 2 लाख रुपये और दे दिए। इसी प्रकार आरोपी ने बच्चो को बीच-बीच में कई बार परीक्षा कराने को कहकर दिल्ली ले गया और कोई न कोई बहाना बनाकर परीक्षा न करवाकर दिल्ली घुमाकर बच्चो को वापस ले आता था। प्रकार अब तक इसने कुल 25 लाख रुपए भर्ती के नाम पर ले चुका है। आरोपी ने डाक से फर्जी नियुक्ति पत्र भी भिजवाये गए। जब सचिवालय नई दिल्ली में नियुक्ति पत्रों के संवंध में जानकारी की गई तो मालूम हुआ कि इस पद की भर्ती के लिए कोई नियुक्ति नही हुई है। जिसके बाद आरोपी को तलाशा गया किन्तु इसका कुछ पता नही चला। यह रोशनाबाद में भी नौकरी नही करता था तथा जो घर का पता इसने दिया था वह भी फर्जी था तथा इस नाम का कोई व्यक्ति उक्त स्थान पर नहीं रहता था। इस सूचना पर चौकी लक्खीबाग पर उचित धाराओ में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई।  मामला भोलेभाले लोगो को नौकरी का झांसा देकर 25 लाख रुपये की मोटी  रकम ठगने संबंधी होने के कारण एक टीम का गठन किया गया।  टीम  ने ठग के संबंध में पूर्ण जानकारी एकत्रित कर तलाश प्रारम्भ की गई तथा उसके मोबाइल नंबर प्राप्त किये गए। जिनको सर्विलांस पर लगाने पर आरोपी की लोकेशन इलाहाबाद मिलने पर तत्काल टीम को इलाहाबाद रवाना किया गया। यहां पर टीम को जानकारी मिली कि आरोपी के मोबाइल का जो व्यक्ति इस्तेमाल के रहा उसे वह सड़क पर पड़ा हुआ मिला। शिकायत करने वाले ने पुलिस को अभियुक्त की फ़ोटो उपलब्ध कराई गई थी। जिसको पुलिस सूत्रों को दिखाकर तलाश में लगाया गया। शनिवार को पुलिस सूत्र सूचना मिली कि ठग का असली नाम शम्भूनाथ मिश्रा है, जो कि ग्राम शाहपुर थाना पथरी हरिद्वार में अपने परिवार के साथ रह रहा है। इस सूचना पर टीम ने दबिश देकर ठग को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। ठग मूल रूप से ग्राम दिउली पट्टी धनारी जिला उत्तरकाशी का रहने वाला है।



फर्जी आधार कार्ड रखता था आपने पास
देहरादून।पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया की वह पूर्व में संविदा पर कृषि विभाग पौड़ी में नौकरी करता था। नौकरी हट जाने पर पंडिताई करने लगा, इसमे ज्यादा कमाई न होने पर इसने अपना नाम संजय नोटियाल पुत्र परमानंद नोटियाल नि0 जसपुर के नाम से आधार कार्ड बनवाया और उसके बाद पासपोर्ट भी इसी नाम से बनवा लिया।

उत्तरकाशी व पौड़ी में भी कर चुका है ठगी
 देहरादून। ठग शम्भूनाथ मिस्रा ने बताया कि इसने इसी प्रकार करीब 10 लोगो से उत्तरकाशी व पौड़ी में भी धोखाधड़ी से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की है। ठगी से प्राप्त पैसे से इसने नथवावाला देहरादून में प्लाट खरीदा हुआ है। इसके द्वारा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गयी है, जिनका परीक्षण व विश्लेषण कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी। उक्त ठगी से प्राप्त पैसे से खरीदी गई संपत्ति को सीज करने हेतु वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

ठग की गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
चौकी प्रभारी लक्खीबाग प्रदीप रावत
कॉस्टबेल नवीन
कॉस्टबेल गजेंद्र

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