रुड़की I देश के शीर्ष संस्थानों के लिए पहचान रखने वाली रुड़की का दामन पिछले दो दशकों से आतंकी गतिविधियों से दागदार होता रहा है। बुद्धिजीवियों की इस नगरी में कई आईएसआई संपर्क में आने वाले आरोपी पकड़े गए तो पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देकर देश को कमजोर करने के मामले सामने आए। अब युवा वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल ने एक बार फिर रुड़की को सुर्खियों में ला दिया है।  
रुड़की निवासी युवा वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल के हनी ट्रैप मामले में नागपुर में गिरफ्तारी ने एक बार फिर शिक्षानगरी को देश की सुर्खियों में ला दिया है। साथ ही रुड़की क्षेत्र में पूर्व में पकड़े गए कई आतंकियों की पुरानी यादें ताजा कर दी है। इतना ही नहीं पुलिस व प्रदेश की जांच एजेंसियों की टेंशन बढ़ा दी है। निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी से पहले भी रुड़की में कई आतंकी पकड़े जा चुके हैं।

इससे पूर्व वर्ष 1998 में अमृतसर बॉर्डर पर सेना ने पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा था। इसने पूछताछ में बताया था कि हरिद्वार व रुड़की के होटलों में कई दिन तक ठहरा था और उसने कई महत्वपूर्ण जानकारी यहां ली थी। जबकि वर्ष 2001 में सेना ने प्रताप सिंह को पकड़ा था। इसके पास से सेना ने सेना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे।
बम बनाने वाली कई वस्तुएं बरामद की थी
इसके अलावा वर्ष 2001 में ही आईआईटी के रुड़की के एक छात्र मोहित ने नकली नोट बनाने का साफ्टवेयर तैयार कर देश की जांच एजेंसियों को ध्यान रुड़की की ओर खींचा था। इसके बाद छह दिसंबर वर्ष 2014 में रुड़की में हुए ब्लॉस्ट में छात्र तुषार धीमान की मौत ने देश की जांच एजेंसियों को हिलाकर रख दिया। तब एनआईए से लेकर आईबी, कई प्रदेशों की एटीएस व जांच एजेंसियों ने रुड़की में डेरा डाल दिया था।

जांच एजेंसियों को शक था कि यह घटना आतंकी थी और वह कोई बड़ी वारदात करने वाले थे, लेकिन अभी तक ब्लॉस्ट की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। इसके बाद वर्ष 2016 में लंढौरा क्षेत्र से दिल्ली की आईबी ने हरिद्वार में अर्द्धकुंभ से पहले चार संदिग्ध आतंकी भगवानपुर क्षेत्र के चंदनपुर गांव निवासी अखलाक, कोतवाली क्षेत्र रुड़की के जौरासी गांव निवासी ओसामा, लंढौरा कस्बा निवासी मोहम्मद अजीम व मोहम्मद मेहराज को गिरफ्तार किया था।

संदिग्ध आतंकियों ने पूछताछ में बताया था कि वह आईएसआई के संपर्क में थे और अर्द्धकुंभ में बड़ी वारदात करने वाले थे। आईबी ने उनकी निशानदेही पर जंगल से माचिस पकैट और बम बनाने वाली कई वस्तुएं बरामद की थी।  

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