ऋषिकेश। पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट के तत्वावधान में एम्स ऋषिकेश में आयोजित प्रतियोगिताओं में देशभर से करीब सवा चार सौ से अधिक युवा वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विभिन्न विषयों व वर्गों में चार प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने युवा वैज्ञानिकों को भविष्य में नई रिसर्च के लिए बेहतर कार्य करने को प्रोत्साहित किया।
सोमवार को संस्थान परिसर में डिपार्टमेंट ऑफ फार्मोक्लाजी व सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का बतौर मुख्य अतिथि एम्स दिल्ली के प्रोफेसर वाईके गुप्ता, सोसायटी के संरक्षक व एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ.रवि कांत व आईजीआईएमएस पटना के निदेशक प्रोफेसर एनआर विश्वास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने कहा कि निरंतर शोध कार्यों से भविष्य में देश व समाज को मेडिकल के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। इस दौरान एम्स निदेशक ने नए शोध कार्यों के लिए युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित भी किया। प्रोफेसर वाईके गुप्ता ने देशभर में चल रहे नए शोध कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आयोजन समिति को युवा वैज्ञानिकों के प्रोत्साहित करने को इस तरह के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। उनका कहना है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। उन्होंने युवा चिकित्सकों-वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर जोर दिया।
इस मौके पर सोसायटी द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में देशभर से जुटे वैज्ञानिकों ने शिरकत की। चार वर्गों में हुई प्रतिस्पर्धाओं में मेडिकल साइंस, लाइफ साइंस, आयुष व इनोवेटिव आइडिया एंड पेटेंट विषय शामिल हैं। जिनमें 430 युवा वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। बताया गया कि प्रतियोगिताओं के परिणाम देर रात तक आएंगे।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष व फार्मोक्लाजी विभाग के एचओडी प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू, डॉ. पुनीत धमेजा,डॉ. मनीषा बिष्ट, डॉ. गौरव चिकारा, डॉ.सुभाष विशाल, डॉ. विनोद, डॉ. रोहिताश, जगजीत, पल्लवी, चाहत,सना,अनामिका, आशुतोष अनुराग आदि मौजूद थे।
सोमवार को संस्थान परिसर में डिपार्टमेंट ऑफ फार्मोक्लाजी व सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का बतौर मुख्य अतिथि एम्स दिल्ली के प्रोफेसर वाईके गुप्ता, सोसायटी के संरक्षक व एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ.रवि कांत व आईजीआईएमएस पटना के निदेशक प्रोफेसर एनआर विश्वास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने कहा कि निरंतर शोध कार्यों से भविष्य में देश व समाज को मेडिकल के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। इस दौरान एम्स निदेशक ने नए शोध कार्यों के लिए युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित भी किया। प्रोफेसर वाईके गुप्ता ने देशभर में चल रहे नए शोध कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आयोजन समिति को युवा वैज्ञानिकों के प्रोत्साहित करने को इस तरह के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। उनका कहना है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। उन्होंने युवा चिकित्सकों-वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर जोर दिया।
इस मौके पर सोसायटी द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में देशभर से जुटे वैज्ञानिकों ने शिरकत की। चार वर्गों में हुई प्रतिस्पर्धाओं में मेडिकल साइंस, लाइफ साइंस, आयुष व इनोवेटिव आइडिया एंड पेटेंट विषय शामिल हैं। जिनमें 430 युवा वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। बताया गया कि प्रतियोगिताओं के परिणाम देर रात तक आएंगे।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष व फार्मोक्लाजी विभाग के एचओडी प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू, डॉ. पुनीत धमेजा,डॉ. मनीषा बिष्ट, डॉ. गौरव चिकारा, डॉ.सुभाष विशाल, डॉ. विनोद, डॉ. रोहिताश, जगजीत, पल्लवी, चाहत,सना,अनामिका, आशुतोष अनुराग आदि मौजूद थे।


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