ऋषिकेश। अविरल गंगा के लिए संत गोपालदास ने शुक्रवार को एम्स से छुट्टी मिलने के बाद त्रिवेणी घाट पर फिर से अनशन शुरू कर दिया था। उनके समर्थन में स्थानीय योग छात्र भी आ गए थे। लेकिन राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर प्रशासन ने शनिवार को सुबह करीब 9 बजे गोपालदास को त्रिवेणी घाट से उठाकर जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।दरअसल ऋषिकेश के कुछ योग छात्र राष्ट्रपति आगमन पर एम्स रोड पर मार्च करने के मूड में थे। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गोपालदास को अस्पताल भेज दिया है। सूचना है कि कुछ स्टूडेंट्स को भी पुलिस ने उठाया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
बता दें कि शुक्रवार को संत गोपालदास त्रिवेणीघाट पर अनशन पर बैठे थे। देर शाम स्थानीय योग छात्रों ने हाथों में पट्टियां लहराते हुए समर्थन का एलान किया था। इस दौरान घाट पर पहुंचे छात्रों ने शनिवार को एम्स तक मार्च निकालने की भी योजना बनाई थी।
उधर, एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने कहा है कि अब कोई भी संत संस्थान में अनशन करने आता है तो जरूरत के मुताबिक उसे नली के जरिये लिक्विड दिया जाएगा। हर वो प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो एक जरूरतमंद मरीज के प्रति एक चिकित्सक की होती है। उन्होंने कहा कि एम्स चिकित्सा और शिक्षा का संस्थान है अनशन का नहीं। ऐसी स्थिति में अनशनकारियों को या तो यहां इलाज की सुविधा लेनी चाहिए या दूर रहना चाहिए।
बता दें कि शुक्रवार को संत गोपालदास त्रिवेणीघाट पर अनशन पर बैठे थे। देर शाम स्थानीय योग छात्रों ने हाथों में पट्टियां लहराते हुए समर्थन का एलान किया था। इस दौरान घाट पर पहुंचे छात्रों ने शनिवार को एम्स तक मार्च निकालने की भी योजना बनाई थी।
उधर, एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने कहा है कि अब कोई भी संत संस्थान में अनशन करने आता है तो जरूरत के मुताबिक उसे नली के जरिये लिक्विड दिया जाएगा। हर वो प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो एक जरूरतमंद मरीज के प्रति एक चिकित्सक की होती है। उन्होंने कहा कि एम्स चिकित्सा और शिक्षा का संस्थान है अनशन का नहीं। ऐसी स्थिति में अनशनकारियों को या तो यहां इलाज की सुविधा लेनी चाहिए या दूर रहना चाहिए।

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