नई दिल्ली: उत्तर भारत  में कड़ाके की ठंड  का मौजूदा दौर जनवरी के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में जहां कई जगह तापमान शून्य से नीचे जा चुका है, वहीं मैदानी इलाकों में यह 03 डिग्री तक गिर चुका है। इस बार की कड़ाके की सर्दी में मैदानी क्षेत्रों में जो अहम बदलाव दिख रहा है, वह कोहरा का कम होना है। ज्यादातर इलाकों में दिन में धूप निकल रही है जिससे लोगों की दिन की गतिविधियां सामान्य चल रही हैं। वहीं, ठंड की वजह से श्रीनगर में बहते हुए झरने जम गए। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. के.जे. रमेश ने मीडिया को बताया कि सर्दी का यह दौर करीब-करीब चरम पर पहुंच चुका है। साल के आखिरी दिनों और जनवरी के शुरुआती दो-तीन दिनों में इसमें थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है। जनवरी का पहला सप्ताह सर्वाधिक सर्द रहेगा। उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 08 डिग्री से नीचे चल रहा है जो कई स्थानों पर न्यूनतम 03 डिग्री तक दर्ज किया गया है। जबकि श्रीनगर समेत कई पहाड़ी इलाकों में यह शून्य से नीचे गया है। उत्तराखंड में 2000 मीटर से ऊंचाई वाले इलाकों का न्यूनतम तापमान शून्य या उससे भी कम चला गया है। मसूरी, नई टिहरी, गढ़_ _मुक्तेश्वर, चकराता में तापमान जहां माइनस में है। वहीं चंपावत और बागेश्वर में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे राज्य में भारी पाला पड़ने की चेतावनी भी जारी की है। मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने को लेकर अलर्ट जारी किया है। देहरादून में रिकॉर्ड टूटने के कगार पर पहुंचने वाला है। गुरुवार को न्यूनतम तापामन 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इतना ही तापमान 2015 में दिसंबर में भी रिकॉर्ड किया गया था। अगर तापमान एक डिग्री भी नीचे गिरता है तो 2011 का रिकॉर्ड टूटेगा, जो न्यूनतम 2.6 डिग्री सेल्सियस था।

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