रुड़की। देहरादून में हुए पुल हादसे के बाद रुड़की में सोलानी नदी पर बने 178 साल पुराने पुल को लेकर भी लोग डरे हुए हैं। इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गर्इ है। 

दरअसल, तीस साल पहले उप्र सिंचाई विभाग ने पुल को असुरक्षित घोषित करते हुए इस पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं भारी वाहनों को रोकने के लिए पुल के दोनों ओर हाइट गेज लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया। पुरातत्व विभाग में दर्ज यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। 

भारतेन्दू हरिश्चद ने अपनी पुस्तक में इस पुल का जिक्र किया है। सन ऑफ इंडिया का एक गाना नन्हा-मुन्ना राही हूं देश का सिपाही हूं भी इसी पुल पर फिल्माया गया। बावजूद इसके ये जर्जर हालत में पहुंच गया है। तीस साल पहले लगाए गए हाइट गेज भी हटा दिए गए हैं। अब इस पुल पर ईंट, रेत, बजरी ही नहीं दूसरे भारी वाहन भी बिना किसी रोकटोक के दौड़ रहे हैं। ऐसे में इस पुल पर किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। 

बावजूद इसके कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। पुल और गंगनहर पर फिलहाल उप्र सिंचाई विभाग का स्वामित्व है। उप्र सरकार की ओर से पुल की मरम्मत आदि पर कोई बजट ही खर्च नहीं किया जा रहा है। उत्तराखंड शासन भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। 

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