ऋषिकेश।   स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की टीम ने कायाकल्प योजना के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश का दौरा किया। इस दौरान टीम ने संस्थान में ओपीडी, आईपीडी,ओटी आदि का सघन निरीक्षण किया और एम्स अस्पताल में स्वच्छता, सुरक्षा आदि मानकों को परखा। दो दिवसीय दौरे पर एम्स ऋषिकेश पहुंची केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के चार सदस्यीय दल का संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत की अगुवाई में स्वागत किया गया। एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि दल ने स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की कायाकल्प योजना के तहत एम्स अस्पताल में हाईजीन, क्लिनिंग और सेफ्टी मेजरमेंट के पैरामीटर का भौतिक सत्यापन किया। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो.रवि कांत ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फेमिली वैलफेयर एनआईएचएमडब्ल्यू के प्रो. मनीष चतुर्वेदी के नेतृत्व में दो दिवसीय दौरे पर आई टीम ने संस्थान की हरेक विंग का मुआयना किया, जिनमें ओपीडी, आईपीडी,ऑपरेशन थिएटर, लैब, हर्बल गार्डन आदि का सघनता से निरीक्षण किया और मरीजों का फीडबैक लिया,साथ ही सभी मेडिकल रिकॉर्ड देखे और आवश्यक जानकारी प्राप्त की। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि टीम देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, सुरक्षा, पेसेंट फीडबैक, ओटी, इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्थाओं की सघन जांच करती है, साथ ही अस्पताल में बैड स्ट्रेंथ,सर्जरी, ओपीडी का डाटा एकत्रित करती है। जिसके आधार पर मानकों पर खरा उतरने वाले संस्थानों को कायाकल्प पुरस्कार दिया जाता है।एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि गतवर्ष ऋषिकेश एम्स को कायाकल्प अवार्ड के तहत 50 लाख के पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इस दौरान एम्स प्रशासन ने टीम को संस्थान की अब तक की उपलब्धियों और भावी योजनाओं से भी अवगत कराया। टीम में डा. रवि, डा.सुमित, डा.धर्मेंद्र शामिल थे।इस अवसर पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा.ब्रह्मप्रकाश, डीएमएस डा.अनुभा अग्रवाल,डा.आरबी कालिया, सब डीन डा.कुमार सतीश रवि आदि मौजूद रहे।

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