ऋषिकेश।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आयोजित एमबीबीएस के वर्ष 2014 बैच के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप ओरिएंटेशन कोर्स के तहत इंटर्नस को व्याख्यानमाला के माध्यम से अस्पताल में उनकी भूमिका, जिम्मेदारी, रोग की पहचान व सही उपचार,इंटरनेशनल पेसेंट सेफ्टी गोल्स,सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और रोगी की सुरक्षा संबंधी जानकारियां दी। सप्ताहव्यापी स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम के तीसरे दिन शुक्रवार को एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि इंटर्नस को मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल पॉलिसी की अनिवार्य रूप से जानकारी होनी चाहिए। साथ ही उन्हें सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी भी होनी चाहिए तभी रोगियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि चिकित्सक का ध्येय धन अर्जित करने की बजाए मरीज की सेवा होनी चाहिए। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि दिन -रात की ड्यूटी के कारण रोगियों से चिकित्सक को तनावग्रस्त नहीं हो, इसके लिए उन्हें रोगी की सेवा के साथ निजी सुरक्षा का खयाल भी रखना चाहिए। प्रोफेसर बीना रवि ने अस्पताल में इंटर्नस की भूमिका और जिम्मेदारी पर व्याख्यान दिया। साथ ही उन्हें विभाग की प्रोसेस और मरीजों को गाइड करने के तौर तरीके बताए। प्रो.शालिनी राव ने मरीज की सुरक्षा के लिए रखी जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।साथ ही रोगियों से संवाद, उनसे जुड़ी सही जानकारियां लेने के गुर सिखाए। डा.पुनीत धमीजा ने सही तरीके से रोग की पहचान, दवा और उसकी सही मात्रा के बारे में अहम जानकारियां दी। बताया कि रोगी को दवाओं के साइड इफैक्ट से भी अवगत कराया जाना चाहिए। डा.फरहान उल हुदा ने विद्यार्थियों को सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानी, रोगी की संपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद ही सर्जरी करने की बात कही। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. तरुण गोयल ने पेसेंट रिकॉर्ड को मेंटेन करने के बारे में बताया।

Post A Comment: