ऋषिकेश। मायाकुंड स्तिथ निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान में आज बलिदान दिवस के अवसर पर अमर हुतात्मा भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको एवं उनके वीर साथियों सुखदेव एवं राजगुरु को नमन किया गया।स्कूल के निदेशक डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि देश की आजादी के लिए आज ही के दिन हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलने वाले महान स्वंतत्रता सेनानियों शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जब-जब आजादी की बात होगी तब-तब इंकलाब का नारा देने वाले भारत माता के ये वीर सपूत याद किए जाते रहेंगे। 23 मार्च 1931 को ही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया था।भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी दिया जाना भारत के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने 1928 में लाहौर में एक ब्रिटिश जूनियर पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी (लाहौर षड्यंत्र केस)। इसके लिए तीनों को फांसी की सजा सुनाई थी। तीनों को 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल के भीतर ही फांसी दे दी गई। इस मामले में सुखदेव को भी दोषी माना गया था। सजा की तारीख 24 मार्च थी, लेकिन 1 दिन पहले ही फांसी दे गई थी।इस अवसर पर  श्रदा सुमन अर्पित करने वालो में स्कूली बच्चो के साथ उत्तम सिंह असवाल,रमेश लिंगवाल,मयंक भट्ट, प्रिया क्षेत्री,प्रियंका कुकरेती,मीनाक्षी राना,रवि कुकरेती,आशुतोष कुड़ी याल उपस्थित थे।

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