ऋषिकेश,22 मार्च। श्यामपुर ऋषिकेश के एक सी आर पी एफ  के जवान   जयेंद्र  सिंह पुण्डीर का  शव  संदिग्ध परिस्थितियों में कोलकाता के जंगलों में मिलने के बाद सोमवार को परिजनों द्वारा ऋषिकेश के शमशान घाट पर अन्तिम संस्कार कर दिया गया है। जिसके शव को उसके भाई  रविद्रं  ने मुखाग्नि दी ।ज्ञात रहे की जयेद्र सिंह पुंडीर त्रिपुरा मे तैनात था, जो  कि होली के चलते घर छुट्टी लेकर  आ रहा था ।लेकिन उसके 11 मार्च से  रास्ते से गुम हो   जाने पर परिजनों में चिन्ता हो गई थी। उसके बाद परिजनों ने , सरकार ,सांसद , प्रशासन सभी को सूचना दी थी  । और कोलकाता में ही उसके पिता   विक्रम पुण्डीर ने जी.आर.पी  हावडा मे  गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी , जवान की गुमशुदगी को लेकर जयेद्र के परिजनों सहित मां पूर्णा देवी के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया था ।   मां पूर्णा देवी का कहना था, कि उनका बेटा त्रिपुरा से चला था जो 10 मार्च को होली मनाने के लिए छुट्टी लेकर ऋषिकेश के लिए चला था और वह 11 मार्च को कोलकाता के हावड़ा  स्टेशन पर आ गया था ।जहां उसे जीआरपी पुलिस ने   पकड़ा  था ।जहां से उनके बेटे से   बातचीत भी जीआरपी पुलिस ने फोन से करवाई थी ।  लेकिन उसके बाद 11 मार्च से लापता था। जिसकी उन्होंने खोज बीन भी की  हावडा जीआरपी थाने मे उसके पिता विक्रम ने16मार्च को  गुमशुदगी भी लिखवाई थी , लेकिन उसका कोई पता नहीं चला , उन्होंने चे । पूर्णा देवी का कहना है कि उनके बेटे जयेन्द्र की शादी 9 साल पहले हुई थी,  जिसके बाद जयेंद्र को पुलिस ने उल्बेरिया के जंगल मे बेहोशी की हालत मे पुलिस को मिला था जो कि मानसिक रुप से पीड़ित था ओर उसे वहां सरकारी अस्पताल मे उपचार हेतु भर्ती करवाया गया था  जहां उसकी मौत हो गई थी ।जिसके बाद पीड़ित परिवार का रो रो कर बुरा हाल है । इस अवसर पर  जीआरपी के जवानो के साथ प्रधान देवेंद्र रावत ,पूर्ण सिंह सजवान ,बलवंत सिंह रांंगड बहन शशि माई भी मौजूद थे।


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