ऋषिकेश 25। एम्स से निष्कासित कर्मचारी संघर्ष मोर्चा का धरने 30 वे दिन भी जारी रहा । अनशन कारियों का आमरण अनशन का तीसरा दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर अनिता भंडारी कथा मोनिका शर्मा का स्वाथ्य परीक्षण के लिए डॉ त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम आयी।क्रमिक अनशन पर दीपक गुसाईं आकाश जोशी दीपक कुमार मनोज बिष्ट ज्योति दयाराम सैनी सोनू शिवराज सिंह रोहित चौबे दीपक रयाल समर्थन देने वालो में अरविंद हटवाल नवीन शर्मा गोवर्धन बलूनी आकाश जोशी खजानी देवी रेखा सेमल्टी दाताराम ममगाई सरिता मोनिका साधना विकास शकुंतला नेगी खजानी गुसाईं अजीत गोरा लागला अमित बडोनी पंकज चौहान कंचन सुनील खंडूरी प्रवेश सिंह उदयवीर चौहान उर्मिला डबराल गीताराम उनियाल राज्यआंदोलनकारी मंच के सलाहकार विक्रम भंडारी प्रदेश महामंत्री डी एस गुसाईं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा मौजूद थे । वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि एम्स निदेशक राज्य आंदोलनकारियों को हल्के में ना लें जब हम राज्य केंद्र सरकार से छीन कर ले सकते हैं तो यह से निष्कासित कर्मचारियों को बहाल करने का इरादा रखते हैं। मंच के महामंत्री डी एस गुसाईं ने कहा कि एम्स से निदेशक जो नियुक्तियों में राज्य भाषा का उल्लेख किया यह उत्तराखंड सरकार को कटघरे में खड़े करने वाला सवाल है हम पूछना चाहते हैं जितने कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है क्या सभी राज्य भाषा से संबंधित है। निदेशक ने गलत बयान बाजी करके केंद्र सरकार और राज्य सरकार को तमाचा मारने का काम किया है क्योंकि उनके बयानों से प्रतीत होता है कि वह केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विरोधी हैं। मंच के सलाहकार विक्रम भंडारी ने कहा कि राज्य सरकार भी कुंभकरण की नींद सो रही है तथा राज्य की मुखिया हमेशा आंख कान बंद करके रहते हैं जिसकी सभी ने घोर निंदा की है उन्होंने कहा कि एम्स निदेशक के जनसंपर्क अधिकारियों को यही नहीं पता कि हम ने क्या बयान बाजी करनी है उन्होंने भी बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है कि स्थानीय निवासियों को यहां पर पूरा लाभ दिया जा रहा है। अरविंद हटवाल ने कहा कि 6 और 7 साल सेवा करने के बाद आज एम्स निदेशक को यह लोग अयोग्य नजर आ रहे हैं । कहा कि एम्स से निदेशक अगर चेते नहीं तो हम एम्स के लिए एसआईटी गठन की मांग करेंगे ताकि निदेशक के काले कारनामों का पर्दाफाश हो सके यदि एम्स निदेशक वास्तव में पाक साफ है तो उन्हें सफाई देने की क्या आवश्यकता है । बेरोजगार संघ सलाहकार ई. नवीन शर्मा का कहना है कि एम्स प्रशासन को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए कि कितनी परमानेंट नियुक्ति आयी और कितने लोगों को निकाला गया आउटसोर्सिंग में स्थानीय लोगो को दुत्कार और बाहरी को तवज्जो के क्या मानक है जब आउटसोर्सिंग जारी है तो फिर 5 या 6 साल से कार्यरत कर्मचारियों को निकाला किसलिये जा रहा है कर्मचारियों के आरोप गंभीर है स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच होनी नितान्त आवश्यक है ।राज्य सरकार को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए ।राज्य आंदोलनकारी शकुंतला नेगी ने कहा कि एम्स में भ्रष्टाचार को स्थानीय जनप्रतिनिधि बढ़ावा दे रहे हैं जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं आज तक स्थानीय विधायक वह विधानसभा अध्यक्ष ने धरना स्थल पर जाना उचित समझा जिसकी भरपाई इन लोगों को लोकसभा चुनाव में भारी पड़ेगी। भूतपूर्व कैप्टन बलवीर नेगी ने कहा कि एम्स से निदेशक का ऐसा जुलूस निकलेगा क्यों उत्तराखंड जीवन में कभी नहीं आएगा क्योंकि वह अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने का काम कर रहे हैं एम्स में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं है मरीजों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है इमरजेंसी में मरीजों को दो-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है मरीजों के प्रति बहुत बड़ी लापरवाही होती है यहां तक की दूसरे के नाम का सैंपल दूसरे आदमी को दिया दिया जाता है यह कई बार देखा गया है जनसंपर्क अधिकारी खाली तनख्वाह लेने के लिए है उनका भी मरीजों के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए उन्होंने कहा कि वास्तव में यह इसमें जांच करवाई जाए तो कई 100 करोड़ का घोटाला उजागर होने की संभावना है । आशुतोष डंगवाल का कहना है कि वह कर्मचारियों के हित में किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है ।आमरण अनशन पर बैठी अनिता भंडारी और मोनिका शर्मा ने कहा कि जब तक हमारी बहाली नहीं होगी हमें प्राणों की आहुति भी देनी पड़े तो हम देंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एम्स प्रशासन की होगी आमरण अनशन के समर्थन में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति राइट टू हेल्थ, अटल सेना, उत्तराखंड बेरोजगार संघ, आजाद भारत कांग्रेस गढ़सेना नगर निगम के 40 पार्षद एवं मेयर तथा कांग्रेस पार्टी यूकेडी ने समर्थन दिया ।


Post A Comment: