देहरादून। चिल्ड्रन होम अकादमी भोगपुर में सातवीं कक्षा के छात्र वासु की हत्या के बाद अन्य बच्चों के अभिभावक भी खौफ में है। अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अपनों की कुशलक्षेम लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक करीब एक दर्जन अभिभावक अकादमी पहुंचे और बच्चों से मिलकर उनका हालचाल जाना। विद्यालय में काफी संख्या में स्थानीय परिवारों के बच्चे भी अध्ययन के लिए जाते हैं। रानीपोखरी के एक अभिभावक ने छात्र की मौत को दुखद बताते हुए कहा कि अभिभावक समुदाय से इस घटना से आहत है। ऐसा किसी के भी साथ घटित होना दुखद है।
भट्नगरी के एक अभिभावक का कहना है कि प्रकरण में शामिल दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शैक्षिक सत्र पूरा होने के बाद सभी अभिभावकों को एकजुट कर इस मामले को लेकर निर्णय लिया जाएगा। गाजियाबाद से आई सुनीता का कहना है कि वे पहले भी स्कूल आ चुकी हैं। घटना के बारे में सुना तो वे भागी चली आईं। उनके दो बच्चे यहां पढ़ते हैं। एक सातवीं और दूसरा छठवीं कक्षा में पढ़ता है। जो हुआ वह किसी और बच्चे के साथ न हो ये सुनिश्चित करना चाहिए। सुनीता का दर्द ये भी है कि वह बच्चों को स्कूल से निकाल भी लें तो कहां ले जाएंगे। मजबूरी है कि यहीं पढ़ाना है। सारा प्रयास होना चाहिए कि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
सावित्री देवी का बच्चा भी चिल्ड्रन होम में पढ़ता है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने पहले से अनुशासन और व्यवस्था पर ध्यान दिया होता तो हालात ऐसे बुरे न देखने पड़ते। कहा कि अंदरखाने उन्हें भी डर है कि एक बच्चे के साथ वारदात हुई है कल को अन्य बच्चों के साथ कहीं कुछ न हो जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश हो रही है। आगे से कोई चूक नहीं होगी। स्कूल प्रबंधन के भरोसे पर यकीन कर बच्चे की आगे की पढ़ाई यहीं से करवाएंगे। बनवारी भी अपने बच्चों को देखने के लिए चिल्ड्रन होम अकादमी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे को देखकर दिल थोड़ा शांत हुआ। डर अब भी है कि आगे भी कहीं ऐसी घटना न हो जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने यकीन दिलाया है कि सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा। बनवारी की भी वही मजबूरी है जो बाकी परिजनों की है। वे कहते हैं कि हमारे जैसे लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाना भी पहाड़ का सफर तय करने जैसा होता है। ऐसे में बच्चों को यहां पढ़ाकर उनका भविष्य उज्ज्वल करना चाहते हैं।
भट्नगरी के एक अभिभावक का कहना है कि प्रकरण में शामिल दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शैक्षिक सत्र पूरा होने के बाद सभी अभिभावकों को एकजुट कर इस मामले को लेकर निर्णय लिया जाएगा। गाजियाबाद से आई सुनीता का कहना है कि वे पहले भी स्कूल आ चुकी हैं। घटना के बारे में सुना तो वे भागी चली आईं। उनके दो बच्चे यहां पढ़ते हैं। एक सातवीं और दूसरा छठवीं कक्षा में पढ़ता है। जो हुआ वह किसी और बच्चे के साथ न हो ये सुनिश्चित करना चाहिए। सुनीता का दर्द ये भी है कि वह बच्चों को स्कूल से निकाल भी लें तो कहां ले जाएंगे। मजबूरी है कि यहीं पढ़ाना है। सारा प्रयास होना चाहिए कि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
सावित्री देवी का बच्चा भी चिल्ड्रन होम में पढ़ता है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने पहले से अनुशासन और व्यवस्था पर ध्यान दिया होता तो हालात ऐसे बुरे न देखने पड़ते। कहा कि अंदरखाने उन्हें भी डर है कि एक बच्चे के साथ वारदात हुई है कल को अन्य बच्चों के साथ कहीं कुछ न हो जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश हो रही है। आगे से कोई चूक नहीं होगी। स्कूल प्रबंधन के भरोसे पर यकीन कर बच्चे की आगे की पढ़ाई यहीं से करवाएंगे। बनवारी भी अपने बच्चों को देखने के लिए चिल्ड्रन होम अकादमी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे को देखकर दिल थोड़ा शांत हुआ। डर अब भी है कि आगे भी कहीं ऐसी घटना न हो जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने यकीन दिलाया है कि सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा। बनवारी की भी वही मजबूरी है जो बाकी परिजनों की है। वे कहते हैं कि हमारे जैसे लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाना भी पहाड़ का सफर तय करने जैसा होता है। ऐसे में बच्चों को यहां पढ़ाकर उनका भविष्य उज्ज्वल करना चाहते हैं।

Post A Comment: