ऋषिकेश। मायाकुंड स्तिथ निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान में आज पेशावर कांड की बरसी पर पेशावर कांड के महानायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया  स्कूल के निदेशक डॉ राजे नेगी ने बताया कि आज ही के दिन 23 अप्रैल 1930 को पेशावर में जब अंग्रेजी हुकुमत का विरोध कर रहे हजारों निहत्थे पठानों पर अंग्रेजी सेना के अधिकारी ने गोली चलाने के आदेश दिए थे तब उस सेना का दल जो रायल गढ़वाल रायफल्स कहलाता था उस दल का नेतृत्व कर रहे हवलदार मेजर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी ने अपने दल को सीज फायर यानी गोली न चलाने के आदेश दिए ।
भारत की आजादी के लिए लड़ते लोगों पर गोली न चला कर हवलदार मेजर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी सहित पूरी रायल गढ़वाल रायफल्स ने बगावत कर दी।अंग्रेज अफसर के आदेश के बाद भी अपनी टुकड़ी को निहत्थे पठानों पर गोली न चलाने का आदेश देना ये जानकर भी कि इसके लिए अंग्रेजी हुकूमत उन्हे जीवन भर प्रताड़ित करेगी ।पूरे जीवन में कमाया धन पद और रुतवा सब खत्म हो जाएगा और कठोर कारावास भुगतना पड़ेगा फिर भी श्री वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी ने अपनी कोई परवाह नहीं की और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जाकर सैंकड़ों पठानों को बचा लिया । पेशावर जो कि अब पाकिस्तान में है वहां आज भी श्री वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी का स्मारक है और वहां के पठान लोग श्री वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी को बहुत आदर के साथ याद करते हैं,वहां के बच्चों को पेशावर कांड के नायक के बारे में पढ़ाया भी जाता है।इस अवसर पर स्कूल की शिक्षका मीनाक्षी राणा, प्रिया क्षेत्री,समाज सेवी विनोद जुगलान,उत्तम असवाल उपस्तिथ थे।

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