धोखाधड़ी के मामले में लंबी सुनवाई के बाद पायलट बाबा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उनके सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद एक ही दिन में दो बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। उन्होंने गुरुवार को ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
वहीं देर रात हल्द्वानी पुलिस पायलट बाबा को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों न उनकी ईसीजी की।
बता दें कि आइकावा इंटरनेशनल एजुकेशन संस्था के संस्थापक व संचालक हिमांशु राय, इशरत खान, उपाध्यक्ष जापानी नागरिक केको आइकावा, कपिल अद्वैत उर्फ पायलट बाबा व इनके सहयोगी इरफान खान, पीसी भंडारी, विजय यादव व मंगल गिरी के खिलाफ 2008 में हल्द्वानी निवासी दर्जा राज्यमंत्री हरीश पाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उसमें कहा गया था कि कंप्यूटर सेंटर की शुरुआत करने के लिए उनसे 67760 के बदले आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 50500 रुपये प्रतिमाह की आय होगी। उनसे कुल 320760 रुपये की राशि हड़प ली गई और कुछ नहीं मिला।
बता दें कि आइकावा इंटरनेशनल एजुकेशन संस्था के संस्थापक व संचालक हिमांशु राय, इशरत खान, उपाध्यक्ष जापानी नागरिक केको आइकावा, कपिल अद्वैत उर्फ पायलट बाबा व इनके सहयोगी इरफान खान, पीसी भंडारी, विजय यादव व मंगल गिरी के खिलाफ 2008 में हल्द्वानी निवासी दर्जा राज्यमंत्री हरीश पाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उसमें कहा गया था कि कंप्यूटर सेंटर की शुरुआत करने के लिए उनसे 67760 के बदले आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 50500 रुपये प्रतिमाह की आय होगी। उनसे कुल 320760 रुपये की राशि हड़प ली गई और कुछ नहीं मिला।


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