हरिद्वार लोकसभा के अंतर्गत ऋषिकेश विधानसभा के 185 बूथों पर हुआ शांतिपूर्ण मतदान, निर्वाचन आयोग के मतदाताओं को दिए गए सुविधा देने के दावे हुए फेल
ऋषिकेश,11अप्रैल । हरिद्वार लोकसभा सीट के अंतर्गत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में 17वीं लोकसभा के लिए हो रहे ,मतदान के चलते ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 185 बूथों पर प्रातः से ही मतदान किए जाने के लिए जहां मतदाताओं की लंबी लंबी लाइन लगी थी ।वहीं पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत यमकेश्वर ब्लॉक में जहां कई बूथों पर मतदान अभिकर्ता ओं के ना पहुंचने के कारण देरी से मतदान प्रारंभ हुआ। वहीं निर्वाचन आयोग द्वारा शांति शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराए जाने के साथ मतदाताओं के लिए बूथ स्तर पर जुटाई जाने वाली तमाम सुविधाओं के दावे खोखले साबित हुए ।उल्लेखनीय की देश में 17वीं लोक सभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के दौरान विकलांग मतदाताओं के लिए बूथ स्तर पर रैंप बनाए जाने के साथ व्हीलचेयर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया था ,परंतु अधिकांश बूथों पर यह सभी सुविधाएं नदारद दिखाई दी। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार मार्ग पर स्थित ज्योति विशेष विद्यालय के मतदान केंद्र पर अपने परिवार के साथ सुबह मतदान किया । जहां विधानसभा अध्यक्ष के पीठासीन अधिकारी के साथ देर से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ किये जाने को लेकर नोकझोंक भी हुई भी हुई । जिसका कारण मशीन में गड़बड़ी का होना भी बताया गया ।इसी प्रकार प्रगति बिहार में भी सुबह लगाई गई ,वोटिंग मशीन में गड़बड़ी होने के कारण दूसरी मशीन लगाई गई ,जिसके कारण लेट से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हुई। उल्लेखनीय की ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 185 बूथ बनाए गए हैं ।जिसमें प्रत्येक बूथ पर 4 निर्वाचन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 185 बूथों पर कुल 740 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है ।सभी स्थानों पर निर्वाचन आयोग की ओर से जहां ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं कुछ स्थानों पर मशीनों में खराबी भी पाई गई है। निरवाचन आयोग की ओर से इस बार संवेदनशील बूथों का समूह बनाकर स्पेशल ट्रैवल एरिया भी बनाया गया है ।जिसमें चंद्रेश्वर नगर ,लक्कड़ घाट ,सर्वहारा नगर ,श्यामपुर और छिद्र वाला, स्पेशल ट्रैवल एरिया घोषित किए गए थे। एक ट्रैवल एरिया में एक उपनिरीक्षक को प्रभारी बनाते हुए आधा सेक्शन पीएसी तथा अर्ध बल सैनिको की तैनाती की गई है ।ऋषिकेश के जोनल अधिकारी कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के अनुसार एक सैक्सन पीएसी प्लाटून कमांडर के साथ अलग से रिजर्व में रखा गया है ।पूरे विधानसभा क्षेत्र में कुल 500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ।जिसमें एक बूथ पर एक कास्टेबल के साथ एक होमगार्ड पीआरडी के जवान तैनात किए गए हैं रायवाला और ऋषिकेश जॉन को 13 सेक्टरों में किया गया है ।मतदान के चलते जोनल पुलिस अधिकारी के साथ क्यू आर टी की टीम भी उपलब्ध कराई गई है ।वहीं निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए थे। परंतु अधिकांश मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के कारण विकलांगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है ।मतदान केंद्र देहरादून रोड पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रेलवे रोड पर स्थित महाराष्ट्र भवन तथा सरस्वती विद्या मंदिर में कहीं भी व्हीलचेयर मौजूद नहीं थी। सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश चंद ने उक्त सुविधाएं उपलब्ध ना कराए जाने की जानकारी सहायक निर्वाचन अधिकारी को भी दे दी है ।वहीं निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार मतदान केंद्र से 200 मीटर की परिधि में किसी भी राजनीतिक दल की चुनाव प्रचार सामग्री तथा बस्ते ना लगाए जाने पर लगाई गई रोक के चलते मतदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।जो कि अपने मतदान किए जाने की पर्ची को लेकर भटकते देखे गए ।
ऋषिकेश,11अप्रैल । हरिद्वार लोकसभा सीट के अंतर्गत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में 17वीं लोकसभा के लिए हो रहे ,मतदान के चलते ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 185 बूथों पर प्रातः से ही मतदान किए जाने के लिए जहां मतदाताओं की लंबी लंबी लाइन लगी थी ।वहीं पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत यमकेश्वर ब्लॉक में जहां कई बूथों पर मतदान अभिकर्ता ओं के ना पहुंचने के कारण देरी से मतदान प्रारंभ हुआ। वहीं निर्वाचन आयोग द्वारा शांति शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराए जाने के साथ मतदाताओं के लिए बूथ स्तर पर जुटाई जाने वाली तमाम सुविधाओं के दावे खोखले साबित हुए ।उल्लेखनीय की देश में 17वीं लोक सभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के दौरान विकलांग मतदाताओं के लिए बूथ स्तर पर रैंप बनाए जाने के साथ व्हीलचेयर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया था ,परंतु अधिकांश बूथों पर यह सभी सुविधाएं नदारद दिखाई दी। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार मार्ग पर स्थित ज्योति विशेष विद्यालय के मतदान केंद्र पर अपने परिवार के साथ सुबह मतदान किया । जहां विधानसभा अध्यक्ष के पीठासीन अधिकारी के साथ देर से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ किये जाने को लेकर नोकझोंक भी हुई भी हुई । जिसका कारण मशीन में गड़बड़ी का होना भी बताया गया ।इसी प्रकार प्रगति बिहार में भी सुबह लगाई गई ,वोटिंग मशीन में गड़बड़ी होने के कारण दूसरी मशीन लगाई गई ,जिसके कारण लेट से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हुई। उल्लेखनीय की ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 185 बूथ बनाए गए हैं ।जिसमें प्रत्येक बूथ पर 4 निर्वाचन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 185 बूथों पर कुल 740 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है ।सभी स्थानों पर निर्वाचन आयोग की ओर से जहां ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं कुछ स्थानों पर मशीनों में खराबी भी पाई गई है। निरवाचन आयोग की ओर से इस बार संवेदनशील बूथों का समूह बनाकर स्पेशल ट्रैवल एरिया भी बनाया गया है ।जिसमें चंद्रेश्वर नगर ,लक्कड़ घाट ,सर्वहारा नगर ,श्यामपुर और छिद्र वाला, स्पेशल ट्रैवल एरिया घोषित किए गए थे। एक ट्रैवल एरिया में एक उपनिरीक्षक को प्रभारी बनाते हुए आधा सेक्शन पीएसी तथा अर्ध बल सैनिको की तैनाती की गई है ।ऋषिकेश के जोनल अधिकारी कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के अनुसार एक सैक्सन पीएसी प्लाटून कमांडर के साथ अलग से रिजर्व में रखा गया है ।पूरे विधानसभा क्षेत्र में कुल 500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ।जिसमें एक बूथ पर एक कास्टेबल के साथ एक होमगार्ड पीआरडी के जवान तैनात किए गए हैं रायवाला और ऋषिकेश जॉन को 13 सेक्टरों में किया गया है ।मतदान के चलते जोनल पुलिस अधिकारी के साथ क्यू आर टी की टीम भी उपलब्ध कराई गई है ।वहीं निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए थे। परंतु अधिकांश मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के कारण विकलांगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है ।मतदान केंद्र देहरादून रोड पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रेलवे रोड पर स्थित महाराष्ट्र भवन तथा सरस्वती विद्या मंदिर में कहीं भी व्हीलचेयर मौजूद नहीं थी। सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश चंद ने उक्त सुविधाएं उपलब्ध ना कराए जाने की जानकारी सहायक निर्वाचन अधिकारी को भी दे दी है ।वहीं निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार मतदान केंद्र से 200 मीटर की परिधि में किसी भी राजनीतिक दल की चुनाव प्रचार सामग्री तथा बस्ते ना लगाए जाने पर लगाई गई रोक के चलते मतदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।जो कि अपने मतदान किए जाने की पर्ची को लेकर भटकते देखे गए ।


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