योग, गंगा स्नान, वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी कर जल संरक्षण का लिया संकल्प
वल्र्ड हेल्थ डे पर परमार्थ निकेतन आश्रम में चलाया स्वच्छता अभियान
यूरोलाॅजी के साथ-साथ वाॅटरलाॅजी को भी आगे बढ़ाये-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
7 अप्रैल, ऋषिकेश। वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर परमार्थ निकेतन में भारत के विभिन्न प्रातों से आये यूरोलाॅजी विशेषज्ञों ने योग, आसन और ध्यान का अभ्यास किया। तत्पश्चात परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ सभी चिकित्सकों ने गंगा स्नान किया।
50 से अधिक यूरोलाॅजी विशेषज्ञ जोलीग्रांट हास्पिटल में अपनी 3 दिवसीय कार्यशाला हेतु देश के विभिन्न प्रांतों से आये हुये है। आज कार्यशाला के समापन अवसर पर जोलीग्रांट के यूरोलाॅजीस्ट डाॅ मनोज विश्वास के नेतृत्व में इस दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन का भ्रमण किया साथ ही सुश्री गंगा नन्दिनी त्रिपाठी के मार्गदर्शन में योग, ध्यान और आसनों का अभ्यास किया।
परमार्थ निकेतन के सेवकों एवं चिकित्सकों ने वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर हर व्यक्ति को हर जगह हेल्थ केयर मिले। हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिले तथा बीमार होने पर हर जगह अच्छा इलाज उपलब्ध हो सके विषय पर विस्तृत चर्चा की। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी बेहतर स्वास्थ्य के लिये स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने का आह्वान अक्सर करते है। उनका मानना है कि हेल्थ केयर आवश्यक है परन्तु उससे पहले हमें स्वच्छ जल, स्वच्छ पर्यावरण पर ध्यान देने की जरूरत है।
मनुष्य की किडनी भी तभी अच्छे से कार्य कर सकती है जब शरीर को प्र्याप्त मात्रा में जल मिले और पृथ्वी पर जल होगा तभी शरीर को मिलेगा और फिर ही किडनी स्वस्थ रह सकती है अतः जल अत्यंत आवश्यक तत्व है और उसका संरक्षण नितांत आवश्यक है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विदेश से वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर भेजे अपने संदेश में कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर सभी का अधिकार है और शरीर को स्वस्थ रखना नितांत अवश्य है। स्वस्थ रहने के लिये दवाइयों कि नहीं बल्कि प्राकृतिक जीवनशौली, योग और मेडिटेशन की जरूरत है। हमारे शरीर में किडनी को स्वस्थ रखने के लिये शरीर में जल की उपयुक्त मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत है। जल ही जीवन है परन्तु दूसरी ओर जल का घटता स्तर है वैश्विक समस्या है अतः जल के संरक्षण के साथ जल के पुनर्चक्रण पर ध्यान देना नितांत आवश्यक है । हम सभी को एक जुट होकर जल संरक्षण के लिये कार्य करना होगा तभी हम भावी पीढ़ियों के लिये जल बचा सकते है। उन्होने सभी यूरोलाॅजी विशेषज्ञों से आह्वान किया कि यूरोलाॅजी के साथ अब वाटॅरलाजी पर भी ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि धरती पर जल का स्तर घटता जा रहा है, एक समय था जब लगभग 10-12 फुट खोदने पर ही जल निकल आता था और आज 500 फुट खोदने पर भी जल नहीं है यह अत्यंत चिंता का विषय है इसलिये हम सब का कर्तव्य बनता है जल का संरक्षण करे।
डाॅ अनिल, अध्यक्ष नार्थ जोन यूरोलाॅजी सोसाइटी ऑफ इंडिया, ने कहा कि यूरोलाॅजी विशेषज्ञ शरीर के प्लंबर है जो शरीर के पानी की पाइपलाइन सिस्टम को स्वस्थ और मजबूत बनायें रखता है।
यूरोलाॅजी विशेषज्ञों के दल के सदस्यों ने कहा कि कार्यशाला का समापन परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में हुआ यह वास्तव में अद्भुत अनुभव है। उन्होने योग और ध्यान के मर्म को जानकर प्रसन्नता व्यक्त की। डाॅ मनोज विश्वास से कहा कि मेरे एक निवेदन पर स्वामी जी महाराज ने हमें अपने घर की तरह सुविधायें प्रदान की जिसकी मुझे उम्मीद भी नहीं थी। उन्होने कहा कि परमार्थ निकेतन में हमारा स्वागत रूद्राक्ष के पौधे देकर किया जो हमें हमेशा आतंरिक और बाहृय स्वच्छता बनाये रखने के लिये प्रेरित करते रहेंगे।
परमार्थ निकेतन परिवार के सदस्यों और यूरोलाॅजी विशेषज्ञों के दल ने मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लिया साथ ही जल के प्रति विश्व स्तर पर जागरूकता लाने के लिये वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। इस अवसर पर डाॅ मनोज विश्वास, डाॅ राजीव सूद, डाॅ एच एस भटियाल, डाॅ संजय प्रियदर्शी, डाॅ अनिल, डाॅ संजय गर्ग, डाॅ सुभाष यादव, डाॅ विकास, डाॅ संजय अग्रवाल, डाॅ शैलेन्द्र गोयल, डाॅ पवन केशरवानी, डाॅ योगेश कालरा, डाॅ राजीव करपाल, डाॅ सोनिका अग्रवाल जी, डाॅ सविता यादव, हिमांशु पाण्डेय, डाॅ नीलम वर्मा, डाॅ पवन कुमार और अन्य यूरोलाॅजी विशेषज्ञों ने सहभाग किया।
वल्र्ड हेल्थ डे पर परमार्थ निकेतन आश्रम में चलाया स्वच्छता अभियान
यूरोलाॅजी के साथ-साथ वाॅटरलाॅजी को भी आगे बढ़ाये-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
7 अप्रैल, ऋषिकेश। वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर परमार्थ निकेतन में भारत के विभिन्न प्रातों से आये यूरोलाॅजी विशेषज्ञों ने योग, आसन और ध्यान का अभ्यास किया। तत्पश्चात परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ सभी चिकित्सकों ने गंगा स्नान किया।
50 से अधिक यूरोलाॅजी विशेषज्ञ जोलीग्रांट हास्पिटल में अपनी 3 दिवसीय कार्यशाला हेतु देश के विभिन्न प्रांतों से आये हुये है। आज कार्यशाला के समापन अवसर पर जोलीग्रांट के यूरोलाॅजीस्ट डाॅ मनोज विश्वास के नेतृत्व में इस दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन का भ्रमण किया साथ ही सुश्री गंगा नन्दिनी त्रिपाठी के मार्गदर्शन में योग, ध्यान और आसनों का अभ्यास किया।
परमार्थ निकेतन के सेवकों एवं चिकित्सकों ने वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर हर व्यक्ति को हर जगह हेल्थ केयर मिले। हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिले तथा बीमार होने पर हर जगह अच्छा इलाज उपलब्ध हो सके विषय पर विस्तृत चर्चा की। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी बेहतर स्वास्थ्य के लिये स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने का आह्वान अक्सर करते है। उनका मानना है कि हेल्थ केयर आवश्यक है परन्तु उससे पहले हमें स्वच्छ जल, स्वच्छ पर्यावरण पर ध्यान देने की जरूरत है।
मनुष्य की किडनी भी तभी अच्छे से कार्य कर सकती है जब शरीर को प्र्याप्त मात्रा में जल मिले और पृथ्वी पर जल होगा तभी शरीर को मिलेगा और फिर ही किडनी स्वस्थ रह सकती है अतः जल अत्यंत आवश्यक तत्व है और उसका संरक्षण नितांत आवश्यक है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विदेश से वल्र्ड हेल्थ डे के अवसर पर भेजे अपने संदेश में कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर सभी का अधिकार है और शरीर को स्वस्थ रखना नितांत अवश्य है। स्वस्थ रहने के लिये दवाइयों कि नहीं बल्कि प्राकृतिक जीवनशौली, योग और मेडिटेशन की जरूरत है। हमारे शरीर में किडनी को स्वस्थ रखने के लिये शरीर में जल की उपयुक्त मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत है। जल ही जीवन है परन्तु दूसरी ओर जल का घटता स्तर है वैश्विक समस्या है अतः जल के संरक्षण के साथ जल के पुनर्चक्रण पर ध्यान देना नितांत आवश्यक है । हम सभी को एक जुट होकर जल संरक्षण के लिये कार्य करना होगा तभी हम भावी पीढ़ियों के लिये जल बचा सकते है। उन्होने सभी यूरोलाॅजी विशेषज्ञों से आह्वान किया कि यूरोलाॅजी के साथ अब वाटॅरलाजी पर भी ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि धरती पर जल का स्तर घटता जा रहा है, एक समय था जब लगभग 10-12 फुट खोदने पर ही जल निकल आता था और आज 500 फुट खोदने पर भी जल नहीं है यह अत्यंत चिंता का विषय है इसलिये हम सब का कर्तव्य बनता है जल का संरक्षण करे।
डाॅ अनिल, अध्यक्ष नार्थ जोन यूरोलाॅजी सोसाइटी ऑफ इंडिया, ने कहा कि यूरोलाॅजी विशेषज्ञ शरीर के प्लंबर है जो शरीर के पानी की पाइपलाइन सिस्टम को स्वस्थ और मजबूत बनायें रखता है।
यूरोलाॅजी विशेषज्ञों के दल के सदस्यों ने कहा कि कार्यशाला का समापन परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में हुआ यह वास्तव में अद्भुत अनुभव है। उन्होने योग और ध्यान के मर्म को जानकर प्रसन्नता व्यक्त की। डाॅ मनोज विश्वास से कहा कि मेरे एक निवेदन पर स्वामी जी महाराज ने हमें अपने घर की तरह सुविधायें प्रदान की जिसकी मुझे उम्मीद भी नहीं थी। उन्होने कहा कि परमार्थ निकेतन में हमारा स्वागत रूद्राक्ष के पौधे देकर किया जो हमें हमेशा आतंरिक और बाहृय स्वच्छता बनाये रखने के लिये प्रेरित करते रहेंगे।
परमार्थ निकेतन परिवार के सदस्यों और यूरोलाॅजी विशेषज्ञों के दल ने मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लिया साथ ही जल के प्रति विश्व स्तर पर जागरूकता लाने के लिये वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। इस अवसर पर डाॅ मनोज विश्वास, डाॅ राजीव सूद, डाॅ एच एस भटियाल, डाॅ संजय प्रियदर्शी, डाॅ अनिल, डाॅ संजय गर्ग, डाॅ सुभाष यादव, डाॅ विकास, डाॅ संजय अग्रवाल, डाॅ शैलेन्द्र गोयल, डाॅ पवन केशरवानी, डाॅ योगेश कालरा, डाॅ राजीव करपाल, डाॅ सोनिका अग्रवाल जी, डाॅ सविता यादव, हिमांशु पाण्डेय, डाॅ नीलम वर्मा, डाॅ पवन कुमार और अन्य यूरोलाॅजी विशेषज्ञों ने सहभाग किया।


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