कई प्रदेशों से पहुंच रहे हैं बुकी
देहरादून। देश में इन दिनों क्रिकेट का नशा खेल प्रेमियों के जहाँ सर चढ़कर बोल रहा है वही सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट यानी आईपीएल सीजन 12 के इस खेल में हर रोज करोड़ो रूपये का सट्टा लगाया जा रहा है। उत्तराखण्ड के बुकी यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमांचल, जम्मू- कश्मीर व गोवा तक पहुच गए है। यह लोग वहां बैठकर अपना धंधा संचालित कर रहे है। मैच पर सट्टा लगाने के लिए अब फोन कॉल की भी जरूरत नहीं हैं। सटोरियों ने इसके लिए ऑनलाइन ऐप तैयार कर लिए है। शहर में इन दिनों कई जगहों पर आईपीएल मैच पर सट्टा लगाया जा रहा है।
आईपीएल सीजन 12 की शुरुआत से ही उत्तराखण्ड में क्रिकेट पर सट्टे का बाजार शुरू हो गया है। हर रोज आईपीएल मैचों पर करोडो का दांव लगाया जा रहा है। हर बॉल पर सट्टा लगाया जाता  है। मैच के टॉस से लेकर हर रन व बॉल पर बैटिंग हो रही है। सट्टे के इस खेल में कोई एक झटके में कंगाल तो कोई मालामाल हो रहा है। मैच पर सट्टे के इस खेल में शहर के व्यापारी से लेकर युवा तक शामिल है। दिल्ली, मुम्बई और दुबई में बैठे सटटा बाजार के मास्टर लोकल एजेंट्स के माध्यम से अपना जाल फैलाये हुए है। सट्टे के इस कारोबार में अपराधियों का भी कनेक्शन है। मैचों पर सट्टा लगाने का पूरा नेटवर्क लैपटॉप, मोबाईल, वाइस रिकॉर्डिंग वगरहा पर भी चलता है। पुलिस के सुस्त रवैये से ये खेल जारी है। सर्विलांस टीम द्वारा पकड़े जाने के डर से बुकीज ने इस धंधे डिजिटल तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मोबाईल फोन की काल ट्रेस होने के झंझट से बचने के लिए इन दिनों सटटा लगाने के लिए ऑनलाइन ऐप उपलब्ध है। इन ऐप का नाम लक्की 07, डायमण्ड आदि है। क्रिकेट के सट्टे का बाजार कोड वर्ड का इस्तेमाल होता है। सटटा लगाने वाले शख्स को लाइन कहा। जाता है। जो एजेंट यानि पंटर के जरिये बुकी (डिब्बे) से बात करता है। एजेंट को एडवांस देकर एकाउंट खुलवाना पड़ता है। इसकी एक लिमिट होती है। सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है। सट्टेबाज 20 ओवर की लंबी पारी, 10 ओवर का सेशन, 6 ओवर का सटटा लगाने को छोटी पारी खेलना कहते है। मैच की पहली गेंद से लेकर टीम की जीत तक भाव चढ़ते- उतरते है। मैच के दौरान सट्टे के इस खेल में मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों का रेट जारी किया जाता है। हर गेंद से लेकर टीम की जीत पर भाव चढ़ते उतरते रहते है। मैच में सटटा लगाने वाले अपनी मनपसन्द टीम पर भाव के हिसाब से रुपया लगाते है। टीम जीत जाती है तो भाव के हिसाब से रुपया मिलता है। अगर टीम हार जाती है तो एजेंट को रुपया देना होता है।


शहर के बाहर भी बैठे है बुकी
देहरादून। पुलिस की कार्यवाही से बचने के लिए हल्द्वानी के कई बुकी यूपी, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल, जम्मू कश्मीर व गोवा में बैठकर अपना धन्धा संचालित कर रहे है। लेह लद्दाख से लेकर हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, दिल्ली, पानीपत, करनाल, लुधियाना, जालंधर, शिमला, पांवटा साहिब गोवा में बैठकर बुकिज सट्टे के इस कारोबार को चला रहे है। हर सप्ताह सट्टेबाज अपना मोबाइल नम्बर बदल देता है। आॅनलाइन होने के चलते सट्टे के कारोबार में मोबाइल फोन का इस्तेमाल की भी आवश्यकता कम हो गयी है। इसीलिए पुलिस सटोरिंयो को ट्रेस नहीं कर पा रही है। शहर में सट्टे का यह धंधा वनभूलपुरा व राजपुरा से बड़े पैमाने पर संचालित किया जाता है। बकायदा इस धंधे को संचालित करने के लिए सट्टा माफिया ने बड़ा आॅफिस बना रखा है। सट्टे के कारोबारी अपने एजेंट का भी खास ख्याल रखते है। एजेंट को मोटा मुनाफा देने के साथ ही इन्हें समय समय पर गोवा व विदेशों की सैर तक करायी जाती है।

Post A Comment: