देहरादून। बेटियों ने खुद को फिर साबित कर दिखाया। उनके सुनहरे पंखों की उड़ान अब अपना रास्ता खुद तय कर रही है। गुरुवार को जारी सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में लड़कियों की सफलता कुछ ऐसा ही बयां कर रही है। हर बार की तरह इस बार भी बेटियों ने अपना दम दिखाया है। लड़कों को पीछे छोड़ उन्होंने हर विषय में मजबूत पकड़ दर्शायी है। किस तरह से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया और भविष्य के लिए उन्होंने क्या राह चुनी है। जानते हैं उन्हीं की जुबानी।
दून इंटरनेशनल स्कूल की आटर्स वर्ग की चारू शर्मा ने 98.2 फीसद अंक लाकर टॉप किया है। वह अपनी सफलता का श्रेय पिता आलोक कुमार व माता निशा शर्मा को देती हैं। इसी स्कूल की मानसी बडोनी ने 96.4 फीसद अंक अर्जित कर अपने परिजन और स्कूल का नाम रोशन किया है। उनके पिता राहुल बडोनी व माता मनीषा बडोनी बेटी उपलब्धि से बेहद खुश हैं।
द एशियन स्कूल में 97.8 फीसद अंक लाकर स्कूल टॉपर बनीं विज्ञान वर्ग की छात्रा ऋतिका ढौंढियाल एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। वह रविवार को होने वाले नीट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद ढौंढियाल आइटीबीपी में फार्मेसिस्ट और माता सरोजिनी गृहणी हैं। परीक्षा के लिए वह रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई किया करती थीं। वहीं मूड फ्रेश करने के लिए टीवी देखना या संगीत सुना करतीं थीं। इसी विद्यालय की विज्ञान वर्ग की दिव्यांशी परिहार ने 95 फीसद अंक प्राप्त किए हैं।
उनका सपना भी डॉक्टर बन मानव सेवा करना है। उनके पिता राजेश कुमार सरकारी विद्यालय में प्रधानाचार्य और माता संगीता सरकारी शिक्षक हैं। वहीं, 95 फीसद लाने वालीं इस विद्यालय की विज्ञान वर्ग की ही अनुषा पंत एनजीओ में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे अपने पिता ललित पंत से प्रेरित हैं। वह भी अपने पिता की तरह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर सरल प्रोग्रामिंग के जरिए जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित करना चाहती हैं। उनकी माता विभा पंत मार्केट रिसर्चर हैं।


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