ऋषिकेश,17जून (AKA.)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आहवान पर डाक्टरों के प्रति हिंसा को रोकने के लिए विशेष कानून बनाने को लेकर  सोमवार को पूरे भारत के चिकित्सालयों के सभी डाक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर राजकीय चिकित्सालय  तथा एम्स में  प्रदर्शन किया उसके उपरांत प्रदेश के मुख्यमंत्री  के  माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम  बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ  एक ज्ञापन भी दिया । लेकिन इस दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रही।आईएमए ऋषिकेश के अध्यक्ष डॉ हरीओम् प्रसाद ने बताया की  आईएमए ऋषिकेश से जुड़े सभी सरकारी,निजी चिकित्सक  राजकीय चिकित्सालय ,ऋषिकेश में एकत्रित होकर वहाँ से सभी डाक्टर सिर पे पट्टियाँ बाँध कर व हाथ में डाक्टरों के प्रति हिंसा बंद करे की तख्तियां लिए हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां एसडीएम के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। आई एम् ए के सचिव डॉ यूएस खरोला ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 85 वर्ष के बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने इंटर्न डाक्टरों की पिटाई कर दी। जिस वजह से गम्भीर चोटें आयी है ।और उसके बाद वहाँ की स्वास्थ्य मंत्री व मुख्य मंत्री ने डाक्टरों के प्रति संवेदना व्यक्त करने की बजाए उन पर आंदोलन बंद करने का जोर लगा रही है।जिससे कारण भारतवर्ष के सभी डाक्टरों में भारी रोष है।एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष में आज आई एम ए से जुड़े चिकित्सको द्वारा अगले चोबीस घंटो तक ओ पी डी बन्द का ऐलान किया गया है। आई एम् ए कोषाध्यक्ष डॉ अमित अग्रवाल ने बताया की इसी संदर्भ में पूरे भारत के डाक्टर हिंसा से तंग आकर एक स्थायी व सख्त कानून बनाना चाहते है। ताकि एक अच्छे वातावरण में काम किया जा सके।इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ के एन लखेरा, डॉ एन बी श्रीवास्तव, डॉ हरीश द्विवेदी, डॉ राम कुमार भारद्वाज, डॉ नरेंद्र रतूड़ी, डॉ राजे नेगी, डॉ डी पी रतूड़ी, डॉ  हारून, डॉ एस के गुप्ता, डॉ आशुतोष डॉ चेतन रयाल  डा. राजेन्दर   गर्ग,डा. बीएम सोनी, डा विजय रमोला, डा मौह्मद शोएब, समेत आई एम ए से जुड़े सभी चिकित्सक गण उपस्थित थे।

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