ऋषिकेश,24 मई( आज का आदित्य) कबीर की वाणी के बिना देश के कई विख्यात ग्रंथ अधूरे हैं ,इसलिए कबीर की वाणी का उल्लेख सभी धार्मिक ग्रंथों में किया गया है ।इसलिए कबीर के विचारों को सर्वोपरि माना गया है। यह विचार श्री कबीर साहेब के 619 में प्रकाश उत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रम के दौरान यहां लक्ष्मण झूला मार्ग पर स्थित कबीर चौरा आश्रम में सोमवार को को मंहत प्रदीप दास ने भीष्म प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित समारोह के दौरान व्यक्त करते हुए कहा कि संत कबीर ने सभी को जात पात से दूर रहकर मानव सेवा का संदेश दिया है ।उन्होंने कहा कि आज भारत ही नहीं विश्व में संत कबीर के उपदेशों व दोहों से प्रेरणा लेकर उनके अनुयाई बने जिसके कारण आज उनके द्वारा दिए गए संदेशों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं जिन्होंने सनातन धर्म समाज सुधारक का कार्य भी किया है कार्यक्रम के दौरान स्वामी कृष्णानंद ,इस अवसर पर मंहत कपिल मुनि उर्फ़ भीष्म प्रताप , राजेंद्र दास, सुभाष माथुर ,वेदप्रकाश धीगंडा़, विनोद शर्मा, सुरेश चंद श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, अंजू श्रीवास्तव, एके श्रीवास्तव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे ।

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