अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान २०१९ के एम॰बी॰बी॰एस॰ परीक्षा को उत्तीर्ण करके ऋषिकेश के गर्वित प्रसाद ने प्रदेश में नाम रोशन किया है .
ऋषिकेश के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर हरी ओम् प्रसाद व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रितु प्रसाद के पुत्र , जिन्होंने अपनी परंभिक शिक्षा राज आर्यन एकेडमी , मोर्निंग ब्लेस स्कूल , ओमकरानंद स्कूल ऋषिकेश एवं ब्राइटलैंड स्कूल देहरादून व सेंट जोरजैस मसूरी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोटा मैं एलन से कोचिंग की । अभी मार्च मैं बोर्ड का इग्ज़ैम पूरा होने के बाद अविरल क्लैसेज़ से डॉक्टर डी॰के॰ मिश्रा के नेतृत्व में क्रैश कोर्स किया । अपने प्रथम प्रयास मैं ही NEET की परीक्षा व AIIMS का इग्ज़ाम उत्तीर्ण कर के गर्वित प्रसाद ने तीर्थ नगरी का नाम रोशन किया है .
वार्तालाप में गर्वित प्रसाद ने बताया की वो रोज़ ९ घंटे पढ़ते थे . सुबह ६ बजे उठकर ताज़ी हवा में पढ़ना उनका शौक़ है . परीक्षा के दीनो में भी वो रोज़ शाम को एक घंटे फ़ुट्बॉल खेलते थे. इंग्लिश का अख़बार पढ़ना , news व current affairs में रुचि रखते है . सोशल मीडिया से पिछले २ साल से दूरी बनायी हुई है .
उन्होंने ये संदेश दिया है किसी भी इग्ज़ैम मै सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र है की निरंतर व नियमित पढ़ाई , रिवीज़न व डिस्कशन .
गार्सीअ सन बहन अलंकृता के साथ सभी टॉपिक पढ़कर डिस्कस करते थे जिसके फलस्वरूप उनकी बहन का भी एन॰ई॰ई॰टी॰ नीट इग्ज़ाम में सफलता प्राप्त की
गर्वित ने बताया कि उनको भी अपने माता पिता की तरहउत्तराखंड से लगाव है ओर वो आगे चलकर एम्स से अछी तालीम हासिल करके एक सफल नयूरो सर्जन बन कर उत्तराखंड की जनता की सेवा करना चाहते है।
ऋषिकेश के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर हरी ओम् प्रसाद व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रितु प्रसाद के पुत्र , जिन्होंने अपनी परंभिक शिक्षा राज आर्यन एकेडमी , मोर्निंग ब्लेस स्कूल , ओमकरानंद स्कूल ऋषिकेश एवं ब्राइटलैंड स्कूल देहरादून व सेंट जोरजैस मसूरी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोटा मैं एलन से कोचिंग की । अभी मार्च मैं बोर्ड का इग्ज़ैम पूरा होने के बाद अविरल क्लैसेज़ से डॉक्टर डी॰के॰ मिश्रा के नेतृत्व में क्रैश कोर्स किया । अपने प्रथम प्रयास मैं ही NEET की परीक्षा व AIIMS का इग्ज़ाम उत्तीर्ण कर के गर्वित प्रसाद ने तीर्थ नगरी का नाम रोशन किया है .
वार्तालाप में गर्वित प्रसाद ने बताया की वो रोज़ ९ घंटे पढ़ते थे . सुबह ६ बजे उठकर ताज़ी हवा में पढ़ना उनका शौक़ है . परीक्षा के दीनो में भी वो रोज़ शाम को एक घंटे फ़ुट्बॉल खेलते थे. इंग्लिश का अख़बार पढ़ना , news व current affairs में रुचि रखते है . सोशल मीडिया से पिछले २ साल से दूरी बनायी हुई है .
उन्होंने ये संदेश दिया है किसी भी इग्ज़ैम मै सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र है की निरंतर व नियमित पढ़ाई , रिवीज़न व डिस्कशन .
गार्सीअ सन बहन अलंकृता के साथ सभी टॉपिक पढ़कर डिस्कस करते थे जिसके फलस्वरूप उनकी बहन का भी एन॰ई॰ई॰टी॰ नीट इग्ज़ाम में सफलता प्राप्त की
गर्वित ने बताया कि उनको भी अपने माता पिता की तरहउत्तराखंड से लगाव है ओर वो आगे चलकर एम्स से अछी तालीम हासिल करके एक सफल नयूरो सर्जन बन कर उत्तराखंड की जनता की सेवा करना चाहते है।


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