स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और उत्तराखण्ड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी की हुई भेंटवार्ता

ताज महोत्सव में योग सिखाने पर हुई चर्चा

जल जागरण जन जागरण बने-राज्यपाल, उत्तराखण्ड

देश का हर व्यक्ति जल संरक्षण, संवर्द्धन और संचयन के लिये हो जागरूक-
स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 2 जुलाई। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और उत्तराखण्ड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी की भेंटवार्ता हुई। स्वामी जी महाराज ने महामहिम से ताज महोत्सव में योग सिखाने, यमुना जी की दैनिक आरती की शुरूआत, आगरा के हरित विकास, जल संरक्षण, संचयन और संवर्द्धन तथा अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के विभिन्न देशों के योग जिज्ञासुओं को और अधिक आकर्षित करने हेतु विस्तृत चर्चा हुई।
 परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और उत्तराखण्ड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी की प्रेरणा से पी लो पानी स्वच्छ जल की तीन मशीनें ताजमहल परिसर में लगायी गयी थी तथा 9 अन्य मशीनें आगरा शहर के विभिन्न स्थानों यथा चिकित्सालयों, मन्दिरों (रावली मन्दिर, मनकामेश्वर मन्दिर, कैलाश मन्दिर, बालकेश्वर मन्दिर, राजेश्वर मन्दिर, पृथ्वीनाथ मन्दिर) एवं स्मारकों पर लगाये जाने के संदर्भ में चर्चा हुई। महामहिम ने सुझाव दिया कि आगरा शहर के चार बड़े मन्दिरों में भी पी लो पानी मशीन को लगाया जायें।
स्वामी जी महाराज ने मानसून में आगरा शहर, यमुना तट पर और उत्तराखण्ड में भी वृक्षारोपण करने हेतु श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी से चर्चा करते हुये कहा कि छायादार, जड़दार, जलदार और मिट्टी को पकड़ कर रखने वाले पौधे लगाये जायें जिससे जल का संचयन और संरक्षण होगा। साथ ही मानसून के जल का अधिक से अधिक कैसे उपयोग किया जाये जिससे जल का संचयन हो, संरक्षण और संवर्द्धन भी हो सके।
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव को और सर्वसुलभ, आकर्षक और बेहतर बनाया जाये कि विश्व के विभिन्न देशों से और अधिक संख्या में योग जिज्ञासु योग की विधाओं को आत्मसात करने हेतु आ सके। स्वामी जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में योग पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि देश विदेश से लोग यहां पर आयें और पहाड़ोें पर विराजमान तीर्थ स्थलों का भ्रमण करे, यहां के प्राकृतिक सौन्द्रर्य का आनन्द ले इससे पहाड़ी संस्कृति, संस्कारों के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा तथा बाहर से आने वाले लोगों के दिलों में उत्तराखण्ड की संस्कृति के प्रति प्यार बढ़ेगा; रोजगार बढ़ेगा और व्यापार बढ़ेगा।
स्वामी जी ने महामहिम की प्रशंसा करते हुये कहा कि आप महिलाओं, बच्चों, निराश्रितों एवं असहाय लोगों की सहायता के लिये हमेशा तत्पर रहती है इससे हम सभी को बहुत प्रसन्नता होती है जिनका कोई नहीं है उन पर राज्य की राज्यपाल महोदय का पूरा ध्यान रहता है। उन्होने कहा कि यह उत्तराखण्ड का सौभाग्य है कि उसके पास संवेदनशील, सृजनशील और संस्कारशील गर्वनर है। स्वामी जी ने महामहिम की मुक्त कंठ से प्रशन्सा करते हुये कहा कि हम सभी उत्तराखण्ड वासियों का भी कर्तव्य है कि हम अपने राज्य को स्वच्छ, सुन्दर और समृद्ध बनाये रखने के लिये सरकार का पूरा-पूरा सहयोग करे और अपने स्तर पर भी अपने आस पास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने हेतु अपना योगदान प्रदान करे।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि उत्तरप्रदेश में हर वर्ष फरवरी माह में ताज महोत्सव होता है उसमें आने वाले लोगों को योग से जोड़ने के लिये योजना बनायी जाये ताकि अधिक से अधिक लोग योग से जुड़े और निरोग जीवन जियें। साथ ही हम उत्तराखण्ड में ऐसा आकर्षक पर्यटन विकसित करे कि ताज महोत्सव और उत्तरप्रदेश में होने वाले मेलों के अवसर पर आने वाले लोगों को उत्तराखण्ड में भी आकर्षित कर सकें इस पर भी महामहिम से विस्तार से चर्चा हुई।
महामहिम श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज  को ’’देवभूमि संवाद’’ नामक कृति भेंट कि जिसकी रचियता भी महामहिम जी है। साथ ही हरित विकास के लिये मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

Post A Comment: