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ऋषिकेश ,24 जुलाई ( आज का आदित्य) नगर निगम ऋषिकेश द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर बसे लगभग ढाई सौ लोगों को हटाए जाने की कार्रवाई के चलते दिए गए ,नोटिस पर बुधवार को निगम के मुख्य आयुक्त चतर सिंह ने सुनवाई की ।सुनवाई के दौरान नगर निगम के आयुक्त चतर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा चंद्रभागा नदी में बसे अवैध रूप से झोपड़ी डालकर रह गए राजनीतिक छत्रछाया में लोगों को हटाए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जिन्हें पहले भी नगर निगम तथा सिंचाई विभाग द्वारा हटाने के लिए नोटिस दिये गये थे। लेकिन उसके बावजूद भी यह लोग टस से मस नहीं हुए हैं। राजू शर्मा का कहना है कि यह लोग पिछले दो दशक से यहां झुग्गी झोपड़ी डालकर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं ।जिन्हें हटाए जाने से पहले निगम को इनके रहने की व्यवस्था की जानी चाहिए ।क्योंकि यह पहले भी त्रिवेणी घाट से हटाए जा चुके हैं ।जिन्हें सिंचाई विभाग द्वारा ही विस्थापित कर बसाया गया था । वहींं निगम के मुख्य आयुक्त चतर सिंह का कहना ही कि एनजीटी द्वारा चंद्रभागा में रहने वाले अवैध रूप से अतिक्रमणकारियों को गंभीरता से लिया है ।जिन्हे हटाए जाने के लिए निगम को अग्रिम कार्रवाई किये जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी श्रृंखला में निगम के कर्मचारियों द्वारा चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर बसे लगभग साढे 300 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस भी दिए गये है। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने उक्त नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया है। जिसके चलते अब निगम द्वारा अतिक्रमणकारियों की सुनवाई की जा रही है ।जिसके बाद इन्हे शक्ति से हटा दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि अतिक्रमण कारी अधिकार है बिहार व उत्तर प्रदेश से आकर यहां बसे हैं जिनके वहां भी पुश्तैनी घर हैं ।
ऋषिकेश ,24 जुलाई ( आज का आदित्य) नगर निगम ऋषिकेश द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर बसे लगभग ढाई सौ लोगों को हटाए जाने की कार्रवाई के चलते दिए गए ,नोटिस पर बुधवार को निगम के मुख्य आयुक्त चतर सिंह ने सुनवाई की ।सुनवाई के दौरान नगर निगम के आयुक्त चतर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा चंद्रभागा नदी में बसे अवैध रूप से झोपड़ी डालकर रह गए राजनीतिक छत्रछाया में लोगों को हटाए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जिन्हें पहले भी नगर निगम तथा सिंचाई विभाग द्वारा हटाने के लिए नोटिस दिये गये थे। लेकिन उसके बावजूद भी यह लोग टस से मस नहीं हुए हैं। राजू शर्मा का कहना है कि यह लोग पिछले दो दशक से यहां झुग्गी झोपड़ी डालकर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं ।जिन्हें हटाए जाने से पहले निगम को इनके रहने की व्यवस्था की जानी चाहिए ।क्योंकि यह पहले भी त्रिवेणी घाट से हटाए जा चुके हैं ।जिन्हें सिंचाई विभाग द्वारा ही विस्थापित कर बसाया गया था । वहींं निगम के मुख्य आयुक्त चतर सिंह का कहना ही कि एनजीटी द्वारा चंद्रभागा में रहने वाले अवैध रूप से अतिक्रमणकारियों को गंभीरता से लिया है ।जिन्हे हटाए जाने के लिए निगम को अग्रिम कार्रवाई किये जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी श्रृंखला में निगम के कर्मचारियों द्वारा चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर बसे लगभग साढे 300 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस भी दिए गये है। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने उक्त नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया है। जिसके चलते अब निगम द्वारा अतिक्रमणकारियों की सुनवाई की जा रही है ।जिसके बाद इन्हे शक्ति से हटा दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि अतिक्रमण कारी अधिकार है बिहार व उत्तर प्रदेश से आकर यहां बसे हैं जिनके वहां भी पुश्तैनी घर हैं ।



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