ऋषिकेश 9 अगस्त । अयोध्या मामले पर चल रही सुनवाई के अंतर्गत सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के द्वारा रोजाना सुनवाई पर रोक लगाने की अपील संतो ने विरोध प्रकट किया। मायाकुंड स्थित श्री कृष्ण कुञ्ज में आयोजित अखिल भारतीय संत समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी श्री कृष्णाचार्य जी ने कहा कि मुस्लिम पक्षकारों के द्वारा रोजाना सुनवाई का विरोध उनकी मानसकिता को दर्शाता है। स्वामीजी ने कहा कि मुस्लिम पक्षकारों को यह डर सता रहा है कि कहीं मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई जी सेवानिवृत्त होने से पहले इस पर कोई निर्णय न दे दें।स्वामीजी ने कहा कि मुस्लिम पक्षकार न कल चाहते थे और न आज चाहते है कि इस गंभीर मुद्दे पर कोई निर्णय आये।गंगा यमुनी तहजीब को ज़िंदा रखने के लिए सुबुद्ध मुस्लिम भाइयों को चाहिए कि रोजाना सुनवाई का विरोध कर रहे पक्षकारों का बहिष्कार करें जिससे निर्णय शीघ्रातिशीघ्र आए। प्रख्यात विचारक आचार्य पंकज जी ने कहा कि जो पक्षकार रोजाना सुनवाई के विरोध कर रहे हैं क्या वो ये चाहते है कि इस मुद्दे पर हमारी आने वाली पीढ़ी में भी एक दूसरे के प्रति द्वेष बरकरार रहे। इससे लगता है कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के लिए यह मुद्दा महत्वहीन है। युवा संत स्वामी गोपालाचार्य जी ने सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब न्यायाधीश इस मुद्दे कीगंभीरता को समझते हुए रोजाना सुनवाई की परंपरा को तोड़ सकते हैं तो क्या सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को इसकी गंभीरता नज़र नही आती।पंडित रवि शास्त्री जी ने कहा कि श्री राम मंदिर हिंदुओ की अस्मिता का प्रतीक है जिसको छिन्न भिन्न करने के लिए मुस्लिम पक्षकारों ने पहले भी बहुत अड़ंगे लगाए हैं और उनकी यह मानसिकता अभी भी बरकरार है।इस मौके पर जितेंद्र पाठक, अंकित नैथानी, गोपीकृष्ण दास, भक्तिसार, विजयनारायन, हेमंत कुमार मिश्र, रामहृदय, कृष्णप्रपन्न, राकेश मोहन जी, केशव दास आदि उपस्थित रहे।


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