ऋषिकेश 20 अगस्त,श्यामपुर खदरी में गंगाजल स्तर में हुई वृद्धि के कारण जँगल चरने वाले पशु भारी बाढ़ के कारण इधर उधर भटकते रहे।इसमें से कुछ गंगा में आई बाढ़ के कारण मर गए तो कुछ एक पशु आबादी क्षेत्र में भटकते दुर्घटनाग्रस्त हो गए।ऐसा ही एक मामला खदरी गैस गोदाम के समीप गुरु कृपा आश्रम के सामने एक खाली प्लाट की बुनियाद को खोदी गयी नाली में गिर गयी।स्थानीय सन्त भवात्मा नन्द महाराज ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान सरोप सिंह पुण्डीर को दी।सूचना पाकर समाजसेवी विनोद जुगलान ने कुछ युवकों के सहयोग से गाय को बाहर निकालने का प्रयास किया किन्तु विफल रहे।युवाओं ने गाय को पानी पिलाने और उपचार करने का प्रयास किया किन्तु उपचार से पूर्व ही गाय का निधन हो गया।इसके बाद जे सी बी की सहायता से न केवल आश्रम के समीप मृत गाय को दफनाया गया बल्कि गंगातट के समीप मृत पड़े पशुओं को भी दफनाया गया।इसमें ग्राम प्रधान सरोप सिंह,जे सी बी मालिक राजेन्द्र चौधरी  राजू,समाजसेवी विनोद जुगलान विप्र सहित मनजीत सिंह ने सहयोग किया।पर्यावरण सचेतक विनोद जुगलान ने बताया कि गंगा तट पर मृत पड़े पशुओं को दफनाने का प्रयास किया गया लेकिन कुछ स्थान पर दलदल होने के कारण अभी भी मृत पशु पड़े हुए हैं और बाढ़ की संभावना के कारण गंगा तट पर जाना जोखिम भरा है।दूसरी ओर पॉलिटेक्निक के समीप बाढ़ आने के कारण कुछ स्थानीय भी अपने पालतू पशुओं को मरने के बाद इधर उधर फेंक देते हैं जिससे सुवासित वायु प्रदूषित होती है प्रशासन को मृत पशुओं के निस्तारण का प्रबन्ध करना चाहिए और जो लोग मृत पशुओं को खुले में फेंकते हैं उन पर कार्यवाही की जानी चाहिए।मौके पर आचार्य शिव स्वरूप, लालमणि रतूड़ी,दिनेश कुलियाल,श्रीकान्त ,अनिल रतूड़ी,सुनील नौटियाल,मुकेश रानकोटीआदि मौजूद रहे।

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