उत्तराखंड की शुगर मिलें अब चीनी ही नहीं बिजली भी पैदा करेंगी. राज्य में अपनी तरह की इस पहली थर्मल हाइड्रो परियोजना के लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम ने प्रदेश की दो शुगर मिलों को चुना है- बाजपुर शुगर मिल और नदेही शुगर मिल.

प्रदेश में चल रही बिजली की किल्लत से निजात पाने के लिए अब उत्तराखंड जल विद्युत निगम (UJVNL) प्रदेश के शुगर मिलों से बिजली उत्पादन करने की कार्य योजना बना रहा है.

मूलतः जल विद्युत के क्षेत्र में काम करने वाला निगम अब पहली बार शुगर मिल से निकलने वाले बगास को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर बिजली बनाएगा.

आपको बता दें कि बगास शुगर मिल से निकलने वाला वेस्ट है जिससे अब तक कोई फ़ायदा नहीं मिलता था.
यूजीवीएनएल के एमडी एसएन वर्मा के अनुसार कि परियोजना के प्रथम चरण में दो मिलों को लिया गया है लेकिन आगे सभी शुगर मीलों से बिजली उत्पादन किया जाएगा.

बाजपुर शुगर मिल और नदेही शुगर मिल से निगम को 38 मेगावाट बिजली मिलने की गुंजाइश है.

नदेही शुगर मिल में बिजली उत्पादन के लिए 115 करोड़ का बजट आबंटित किया गया है और यहां से 16 मेगावाट बिजली पैदा होगी.

बाजपुर मिल के लिए 154 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है और इससे प्रदेश को 22 मेगावाट बिजली मिलेगी.

वर्मा के अनुसार बिजली उत्पादन सयंत्र लगाने की प्रक्रिया में दोनों शुगर मिलों को अपग्रेड भी करेगा जिससे इनकी चीनी उत्पादन की क्षमता भी बढ़ेगी.

यूजेवीएनएल के एमडी के अनुसार नवंबर 2019 तक इन दोनों मिलों से बिजली की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है.

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