मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को कोटद्वार में ‘कोटद्वार इको टूरिज्म सर्किट विकास एवं सफारी वाहनों का संचालन योजना’ का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इन योजनाओं से कोटद्वार के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटद्वार को गढ़वाल का द्वार कहा जाता है. आज इन योजनाओं की शुरुआत होने से कोटद्वार को विकास का द्वार भी कहा जाएगा. इन योजनाओं से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इको टूरिज्म को राज्य के विकास और आय से जोड़ा जाइए. इस प्रकार की योजनाएं तैयार की जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके. साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिसमें जनसहयोग की आवश्यकता है. गृह मंत्रालय भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड हड़ताली प्रदेशों की सूची में सबसे आगे है, यह हमारे लिए सोचनीय विषय है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को हड़ताल प्रदेश नही बनने देंगे, इसमें जनता का सहयोग चाहिए. कार्मिकों की हड़ताल से विकास कार्य बाधित होते हैं. राज्य सरकार विकास के कार्यों में इस प्रकार की बाधा को बर्दाश्त नहीं करेगी.
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से ऑल वेदर सड़क परियोजना का कार्य प्रगति पर है, इसके साथ ही जोशीमठ और औली के लिए भारत सरकार के सहयोग से महत्वकांक्षी परियोजना तैयार की जा रही है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 960.77 लाख की धनराशि के विभिन्न कार्यो का शिलान्यास भी किया. इसमें राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार में सिम्मलचैड़ से सिताबपुर, दुर्गापुर से हल्दूखाता एवं झण्डीचौड़ से लालढ़ांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग सुढृढ़ीकरण कार्य लागत 456.17 लाख रुपये है.
राज्य योजना के अंतर्गत कोटद्वार में विकास खण्ड दुगड्डा के अंतर्गत विभिन्न मोटर मार्गों की लागत 137.60 लाख है, राज्य योजना के अंतर्गत कोटद्वार के विकासखंड दुग्गड़ा में पीसी और सीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 236.33 लाख रूपये और एससीएसपी योजना के अंतर्गत कोटद्वार में भीमसिंह पुर से उदय रामपुर मोटर मार्ग लागत 130.77 लाख रुपये सम्मिलित है.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कोटद्वार में कर्मकार कल्याण बोर्ड के कार्यालय भवन एवं सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के नवनिर्मित भवनों का भी उद्घाटन किया.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत ने कहा कि कोटद्वार एक धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल है. आज कोटद्वार इको टूरिज्म सर्किट विकास एवं सफारी वाहनों का संचालन योजना को शुभारंभ किया गया है, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही कोटद्वार को एक नई पहचान मिलेगी.
रावत ने कहा कि इस योजना से स्थानीय युवाओं का रोजगार के भी अवसर मिलेंगे. वन मंत्री ने बताया कि आज सोना नदी गेट से 6 सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है.
उच्च शिक्षा और सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर धन सिंह रावत, लैंसडॉन विधायक दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत, प्रमुख वन संरक्षक डॉक्टर आरके महाजन, एमडी इको टूरिज्म विकास निगम अनूप मलिक उपस्थित थे.


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