जर्मनी प्रतिनिधिमंडल ने किया तीर्थनगरी का दौरा
ऋषिकेेश। तीर्थनगरी में प्रस्तावित सिटी सेनिटेशन प्रोजेक्ट के तहत सीवर और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए चिह्नित इलाकों का जर्मन सरकार और जीआईजेड कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने नगरपालिका अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने कई स्थानों के साथ ही निकाय के डपिंग ग्राउंड का जायजा भी लिया। रविवार को जर्मन सरकार के वित्तीय सहयोग से गंगा स्वच्छता और साफ-सफाई के लिए प्रस्तावित सिटी सेनिटेशन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से पूर्व जर्मन के डिप्टी अंबेसडर डा. विक के साथ जीआईजेड कंपनी और जर्मन बैंक व अन्य अधिकारियों ने ऋषिकेश में स्थालीय निरीक्षण किया। उन्होंने सीवरलाईन के लिए प्रस्तावित सर्वहारानगर, लक्कड़घाट में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और हरिद्वार रोड स्थित पुरानी चुंगी पर निकाय के डंपिंग ग्राउंड को देखा।
नगरपालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने बताया कि जर्मन सरकार तीर्थनगरी में सीवरलाईन के लिए करीब तीन सौ करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रस्ताव अभी अंतिम चरण में है। बताया कि जर्मन सरकार के डेलीगशन ने उनकी ओर से दी जाने वाली वित्तीय सहायता का सही इस्तेमाल हो, इसके लिए साइड विजिट किया। बताया कि जल्द ही सीवर लाईन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। सिटी सेनिटेशन प्रोजेक्ट की निगरानी और उसमें तकनीकी सहयोग जर्मन कंपनी जीआईजेड ने देना है।
निरीक्षण में जर्मन बैंक केडब्ल्यूएफ की डा. सिलके पॉलविज, जर्मन की अपर मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डवलपमेंट से मिस मुलर, जीआईजेड से प्रोग्राम डायरेक्टर तेनजा फिल्डमैन, इंडिया कंट्री हैड डा. उलरिके रिवायरे, डा. क्लीन, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा), जल संस्थान, जल निगम के अधिकारी शामिल थे।

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