ऋषिकेश। भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों यथा चीन, ब्राजील, अमेरीका, ब्रिटेन, दुबई और कई अन्य देशों के लगभग 400 से अधिक छात्र ने आज परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर ’’स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण’’ का संकल्प ग्रहण किया। इस अवसर पर स्वच्छता का संदेश प्रसारित करने हेतु ’’स्वच्छता जागरूकता रैली’’ का आयोजन किया गया जिसमंे वेल्हम बाॅयज स्कूल देहरादून, विश्व के विभिन्न देशों से आये विद्यार्थी, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक एवं जिला स्वच्छ भारत प्रेरक बिहार के प्रतिभागी, लद्दाख से आयी बौद्ध भिक्षुुनियां, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार और देशी विदेशी सैलानियों ने सहभाग किया।
जीवा एवं गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन द्वारा पपेट शे के माध्यम से ’’स्वच्छता का महत्व’’ विषय पर लघु नाटिका का चित्रण किया गया। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियांे ने विश्व में स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की तथा माँ गंगा की आरती में भाग लिया।
भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों से आया यह छात्रों का दल परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के द्वारा पर्यावरण संरक्षण, नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाने तथा वृक्षारोपण के लिये किये जा रहे अथक प्रयासों एवं अद्भुत कार्यो से प्रेरित होकर परमार्थ निकेतन पधारा है।
विदेशी छात्रों मंे गंगा आरती को लेकर भी अत्यधिक उत्सुकता थी। छात्रों ने भारतीय आध्यात्म को परमार्थ निकेतन आकर नजदीक से जाना और यह महसूस किया की वास्तव में परमार्थ तट पर होने वाली आरती के वह पल अमृत के समान है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता केवल अनुभव किया जा सकता है। छात्रों के दल को परमार्थ परिवार की ओर से भेंट स्वरूप विभिन्न प्रजातियों के 50 पौधें दिये गये। जिन्हे वे अपने शिक्षण संस्थाओं में रोपित करेंगे।
छात्रों के दल ने परमार्थ में आयोजित तीन दिवसीय ’सीखें, जाने और जीवन बचायें़’कार्यशाला एवं विश्व शौचालय काॅलेज का भ्रमण किया तथा स्वच्छता पाठ्यक्रम का अवलोकन किया। तत्पश्चात छात्रों के दल को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने लाइव संदेश दिया। उन्होने सभी का माँ गंगा के तट पर अभिनन्दन करते हुये कहा, ’’नव सृजन के लिये नये जोश और नये उत्साह की नितांत अवश्यकता है। नई ऊर्जा, नई सम्भावनाओं को जन्म देती है और वर्तमान समय में सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य का निर्माण सबसे बड़ी चुनौती है। हमें भविष्य को सुरक्षित रखने के लिये आज से ही पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने हेतु समुचित उपाय करना होगा। स्वामी जी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट का जिक्र करते हुये कहा कि पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 130 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण होती है। अगर हम सभी जागरूक रहे तो इस भयावह आंकडों को कम किया जा सकता है। स्वामी जी ने सभी युवाओं का आहृवान करते हुये कहा कि परिवर्तन ही जीवन है, अतः नई सोच; नये विचारों के साथ आगे बढ़े और प्रदूषण नामक वैश्विक समस्या के समाधान के लिये स्वच्छता के अग्रदूत बने।’’
गंगा तट पर सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रदूषण को जड़ से मिटाने तथा स्वच्छता को अंगीकार करने का संकल्प लिया। उन्होने दोहराया की हमारी नदियांे, समुद्रों एवं जल स्रोतों की प्लास्टिक एवं रसायनों से रक्षा करेंगे तथा पृथ्वी के संरक्षण के लिये मिलकर कार्य करेंगे। वैश्विक स्तर पर स्वच्छ जल की उपलब्धता हेतु निरन्तर प्रयास करेंगे जिससे हम सम्पूर्ण पृथ्वी पर खुशी और समृद्धि ला सकते है।
इस अवसर पर छात्र प्रतिनिधि लाॅरेंस स्कूल, एडवक, डेली काॅलेज इन्दौर, प्रगुन सिंह, तेगवीर सिंह, वेल्हम स्कूल प्रतिनिधि, स्वामिनी आदित्यनन्दा सरस्वती जी, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी जी, डाॅ जीना, राजेन्द्र बोरा, सैमुअल, टोपो, सुश्री श्रुति पंत, ऐलिस, ट्रेसा, जुन, क्लाउडीन, बाॅबी, श्रीमती इन्दू जी, विशाल भट्ट, रामचरण जी एवं अन्य देशी विदेशी स्कूलों के प्रतिनिधि एवं परमार्थ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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