Articles by "उत्तर प्रदेश"
Showing posts with label उत्तर प्रदेश. Show all posts
लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ अब उनका चैप्टर बंद हो गया है। शिवपाल ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'लोकसभा चुनाव से पहले हमने पहल की थी कि हमको भी गठबंधन में शामिल किया जाए। जब हमको अच्छा जवाब नहीं मिला तो हमने भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए थे। इसलिए हमने समाजवादी पार्टी का चैप्टर बंद कर दिया है।'
उन्होंने कहा कि अब तो समाजवादी पार्टी में शामिल होने या फिर उनके साथ कोई भी बात करने का सारा अध्याय बंद हो चुका है। शिवपाल ने घर वापसी के सवाल को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के किसी भी राजनीतिक दल में विलय की कोई संभावना नहीं है और हमने तय किया है कि 2022 का विधानसभा चुनाव जोरदार तरीके से लड़ेंगे।
शिवपाल ने कहा कि हम और हमारी पार्टी विधानसभा उपचुनाव के साथ ही 2022 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान दे रहे हैं। कई दलों के नेता हमारी पार्टी में शामिल होने के लिए संपर्क में हैं। समय आने पर उनको भी शामिल करेंगे। 2022 में हम उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे। यादव ने कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, 'लोकसभा चुनाव में तीन महीना पुरानी हमारी पार्टी ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। सीटें तो 100 साल पुरानी कांग्रेस और लंबे समय से उत्तर प्रदेश में राज करने वाली अन्य पार्टियों को भी नहीं मिलीं।' 
अमेठी : गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल बुधवार को पहली बार अमेठी पहुंचे। राहुल गांधी के लिऐ वोट मांगने पहुंचे हार्दिक ने तिलोई के सिंहपुर स्थित आहोरवा भवानी मे एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा।
हार्दिक ने कहा कि आज बनारस की जनता मोदी से इतना त्रस्त है के आने वाले दिनो मे मैं दावे के साथ कह सकता हूं, बनारस से नरेंद्र मोदी हारेंगे चुनाव हारेंगे-चुनाव हारेंगे।
चुनाव मे ही गुजरात आती हैं स्मृति
अपने संबोधन मे हार्दिक पटेल ने कहा के अगर दिल्ली मे किसी को बैठना हो न तो उत्तर प्रदेश मे होकर जाना पड़ता है। क्योंकि उत्तर प्रदेश की भूमि है ही ऐसी। लेकिन 2014 मे गलती आप लोगों ने कर दी।
एक आदमी को आप गुजरात से बनारस लेकर आए। और बनारस से आप लोगों ने दिल्ली भेज दिया। मैं बीच मे बनारस भी गया बनारस मे ऐसा विनाश कर रखा है इन्होंने। मां गंगा ने बुलाया है ये कहकर आए थे सारे रस्ते तोड़ दिए फोड़ दिए। गड्ढ़े ही गड्ढ़े हैं पूरे बनारस मे।
स्मृति ईरानी पर हमला बोलते हुए हार्दिक ने कहा- स्मृति ईरानी गुजरात से राज्यसभा मेम्बर हैं, लेकिन गुजरात कभी नही आती। चुनाव मे ही आती हैं। उन्होंने कहा सीरियल मे काम करना ठीक है सीरियल मे काम हो सकता है। वहां किरदार निभाना होता है।
ये राजनीति है यहां किरदार नही चलता यहां नेता चलते हैं जो लोगों का काम कर सकें। इसलिए हमे किरदार को नही पसंद करना नेता को पसंद करना है जो अमेठी का लाल हो अमेठी का बेटा हो। मैं दावे के साथ कहता हूं अमेठी उसके साथ जो अमेठी के साथ है। और अमेठी उसी के साथ है जो राहुल के साथ है।
तीन चरण के चुनाव के बाद कांग्रेसियो के मुंह पर है हंसी, बीजेपी के मुंह पर निराशा
वही मीडिया से बात करते हुए हार्दिक ने कहा कि इस बार राहुल गांधी के सामने कोई है ही नहीं। लास्ट टाइम की बात करे तो थोड़ा लड़ना शुरू किया था उन्होंने, इस बार कोई लड़ाई ही नही है।
इस बार यहां की जनता भारी वोटों से राहुल को विजेता करेगी। इसलिए की राहुल के नेतृत्व मे इनकी ईमानदारी से यहां के लोगों का अच्छा काम हो सकता है। उन्होंने कहा ये चुनाव यहां पर किसी के सामने नही है, ये चुनाव नरेंद्र मोदी के सामने किसानो के हित के लिए राहुल गांधी लड़ रहे हैं।
हार्दिक ने ये भी कहा कि पहले तीन चरण के चुनाव के बाद कांग्रेसियो के मुंह पर हंसी है बीजेपी के मुंह पर निराशा है।
हार्दिक ने कहा हम सिर्फ किसान, नौजवान, स्वास्थ्य और शिक्षा पर लड़ रहे हैं और बीजेपी भारत-पाकिस्तान पर लड़ रही है। भारत किसी पाकिस्तान के बराबर मे नही है बल्कि भारत आज विश्व गुरु सत्ता पर है।
रुड़की I रुड़की रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को डाक के जरिये रुड़की और हरिद्वार समेत दस रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला है। पत्र में लश्कर-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम का जिक्र है, जिसमें छह मई को हरिद्वार समेत कई धार्मिक स्थलों और 13 मई को रुड़की रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई है।
पत्र मिलने से रुड़की से मुरादाबाद तक खलबली मच गई। आननफानन में रेलवे अधीक्षक ने मामले की जानकारी मुरादाबाद कंट्रोल रूम समेत जीआरपी और आरपीएफ को दी। साथ ही गंगनहर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने धमकी भरे पत्र की जांच शुरू कर दी है। 

बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा के घर डाक से एक पत्र पहुंचा। उनकी पत्नी ने पत्र खोलकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी तो वे घर पहुंचे। उन्होंने पत्र पढ़ा तो उसमें लश्कर-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम का जिक्र था।

पत्र में लिखा गया है कि 13 मई को रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, लक्सर, रामपुर, शाहजहांपुर, बरेली, गोरखपुर, फैजाबाद, लखनऊ रेलवे स्टेशन पर धमाके किए जाएंगे। जबकि, 16 मई को हरिद्वार के हरकी पैड़ी, भारत माता मंदिर, चंडी देवी मंदिर, मंशा देवी मंदिर और इलाहाबाद के कई मंदिरों व अयोध्या समेत कई धार्मिक स्थलों पर भी धमाके होंगे। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद कंट्रोल रूम, रुड़की जीआरपी और आरपीएफ को पत्र की जानकारी दी।

पत्र मिलने के बाद रुड़की रेलवे स्टेशन समेत आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया। उधर, इंटेलीजेंस, जीआरपी, आरपीएफ समेत पुलिस भी अलर्ट हो गई है। एसपी जीआरपी रोशनलाल शर्मा ने बताया कि ऐसे पत्र पूर्व में भी मिल चुके हैं। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। अन्य स्टेशनों को भी पत्र मिलने की जानकारी दे दी गई है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सोनी शर्मा ने बताया कि मामले को गंभीरता के साथ दिखवाया जा रहा है। 

रेलवे स्टेशन की बढ़ाई सुरक्षा  
पत्र में रुड़की सहित कई स्टेशनों को उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस का कहना है कि एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जीआरपी और आरपीएफ की तरफ से रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों के सामान की तलाशी ली जा रही है। साथ ही रेलवे स्टेशन परिसर में घूमने वाले संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। ट्रेनों में भी चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। 

पहले मिल चुके हैं धमकी भरे पत्र
पहले भी लक्सर और हरिद्वार रेलवे स्टेशन अधीक्षक को धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं, लेकिन इस बार पत्र में उत्तराखंड समेत यूपी के कई रेलवे स्टेशनों का भी जिक्र है। वहीं, उत्तराखंड और यूपी के धार्मिक स्थलों का भी जिक्र है। लिहाजा पुलिस और इंटेलिजेंस मामले को गंभीरता से ले रही है। उत्तराखंड और यूपी के पुलिस अधिकारी एक-दूसरे से संपर्क कर रहे हैं।
बदायूं। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि सपा को नहीं पता कि उसने बसपा के साथ गठबंधन करके कितनी बड़ी भूल की है। राजनाथ ने यहां दातागंज में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मन में गांठ होने के बाद भी सपा को नहीं पता कि उसने बसपा के साथ गठबंधन करके कितनी बड़ी भूल कर दी है। उसके सपा को परिणाम भुगतने ही होंगे। पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी शिविरों को नष्ट किये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद 13वें दिन ही पाकिस्तान में घुस कर बदला ले लिया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सबूत मांगने लगे कि कितने आतंकी मारे, कितने कैम्प नष्ट किये... एक-दो होते तो गिन लेते। इतने सारे थे कि कहाँ तक गिनते... वायुसेना के जवानों का काम नहीं है कि लाशें गिनें। राजनाथ ने कहा कि 2009 से सैनिक बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग कर रहे थे लेकिन उनको जैकेट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पता चली, उन्होंने तुरंत कहा कि हमारे सेना के जवानों को जैकेट मुहैया करायी जाये और हमने एक लाख छियासी हजार जैकेट सैनिकों को दीं। 




बावन हरदोई। नारायण बालिका इंटर कॉलेज बावन मैं आयोजित प्रबंधक श्री कृष्ण पहलवान गुरुजी के यहां पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा नेता नरेश अग्रवालने  24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में मां गायत्री के चरणो में शीश झुकाया। और
 वैदिक मंत्रोच्चार के बीच  माता का पूजन कर आरती उतारकर आशीर्वाद लिया।उसके बाद श्रीकृष्ण पहलवान गुरु गोल्डन मिश्रा और संदीप शुक्ला ने भाजपा नेता नरेश अग्रवाल को माँ गायत्री स्मृति चिह्नों के अलावा एक शॉल को भी भेंट किया गया। इसके बाद भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने सभी लोगों को नूतन वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं दी। इस मौके पर सुधीर सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह, नाजिम प्रधांन निजामपुर, सरद सिंह, शैलेंद्र सिंह, अमित त्रिवेदी  (रांनु)  प्रियंम मिश्रा, सोंनू  बाजपैई ,अनूप  यादव, विनोद मिश्रा, बचस्पति मिश्रा, आशीष सिंह सोलकी, संदीप शुक्ला, निशीत शुक्ला, गोल्डेन मिश्रा मास्टर शमसाद, जीतेद्र सिंह, भूपेंद्र अवस्थी, पप्पू मिश्रा, लोनार स्पेक्टर बृजेश सिंह, चौकी इंचार्ज राजेश सिंह, देवेंद्र यादव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को काशी के बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मनाएंगे। वह काशी में दो दिन रहेंगे। जन्मदिन पर वह बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद भी लेंगे। बदलते बनारस की झलक लेने के लिए नगर भ्रमण भी संभव है। दो दिन पूर्व स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ कर देश को बड़ा संदेश देने वाले नरेंद्र मोदी अपना 68वां जन्मदिन उस परिवार के साथ मनाएंगे, जिसे उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के रूप में चुना है। 

चलो जीते हैं
अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री का अधिकतर समय उन बच्चों और युवाओं के बीच गुजरेगा जो राष्ट्र के भावी निर्माता कहे जाते हैं। वे इस दौरान अपनी आंखों में पल रहे सपनों को नई पीढ़ी की पलकों में उतारेंगे और जिंदगी के सफर की सच्चाइयों से उन्हें अवगत कराने का यत्न करेंगे। उधर, शहर में सैकड़ों स्कूली बच्चे पीएम के जन्मदिन के अवसर पर उन्हीं पर बनी फिल्म 'चलो जीते हैं' देख रहे होंगे। उन बच्चों के लिए यह एक अविस्मरणीय लम्हा होगा, क्योंकि सामने चल रही फिल्म का नायक देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्हीं के शहर में मौजूद भी होगा। 

लोकार्पण
362 करोड़ : शहरी विद्युत सुधार कार्य, पुरानी काशी (आइपीडीएस)।
84.61 करोड़ : 3722 मजरो में विद्युतीकरण का काम।
9.90 करोड़ : सिंगल फेज के 90 हजार मीटर लगाने का काम।
2.80 करोड़ : 33 केवी विद्युत उपकेंद्र बेटावर का निर्माण।
 2.58 करोड़ : 33 केवी विद्युत उपकेंद्र कुरुसातो का निर्माण।
2.74 करोड़ : नागेपुर ग्राम पेयजल योजना।
20 करोड़ : बीएचयू में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर।

शिलान्यास
14.10 करोड़ : बीएचयू में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना
34 करोड़ : रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ आफ्थेल्मोलाजी।
23.08 करोड़ : 132 केवी विद्युत उपकेंद्र चोलापुर का निर्माण।

 रोजगार 
98 लाख : कुंभकारी उद्योग के तहत 260 विद्युत चालित चाक, आधुनिक भट्ठी। 
53.25 लाख : हनी मिशन के तहत 500 मधुमक्खी बाक्स। 
7.50 लाख : खादी व सोलर वस्त्र के अंतर्गत 3 रेडीबार्प मशीन।

बच्चों से  मन की बात
काशी प्रवास के पहले दिन 17 सितंबर की शाम जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर नरउर गांव के सरकारी स्कूल में जाकर वहां के 200 बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मनाते हुए पीएम उनसे संवाद भी करेंगे। यह आयोजन कई लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। एक ओर जहां वे बच्चों से अपने मन की बात साझा कर रहे होंगे तो वहीं बच्चे भी बिना रोकटोक से अपने मन की बात कहेंगे। संवाद के लिए सरकारी स्कूल को चुन कर उन्होंने सरकारी मशीनरी को भी एक मौन संदेश दिया है कि उपेक्षा के शिकार इन विद्यालयों के लिए वे न सिर्फ संवेदनशील हैं बल्कि इनकी बेहतरी के लिए दृढ़ संकल्पित भी हैं।  
बाराबंकी I सपा नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके आजम खान ने शनिवार को एक एक करके कई सियासी तीर छोड़े. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए एकबार फिर प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश जाहिर की. सपा के दिवंगत नेता इजहार हुसैन के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शरीक होने बाराबंकी आए आजम खान ने ये बातें कही.

सपा के फायर ब्रांड नेता आजम खान ने केंद्र की मोदी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया. उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है जबकि प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी ने वादा किया था कि हर साल वह दो करोड़ लोगों को नौकरी देंगे. महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार इसपर लगाम नहीं लगा पा रही है. पिछले चार सालों में रिकॉर्ड तोड़ काला धन देश से बाहर गया है और सरकार कुछ नहीं कर पाई.

आजम खान ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख लोगों को भ्रमित न करें. मोहन भागवत को गंगा सफाई, बीफ एक्सपोर्ट, महंगाई, गोरखपुर में मर रहे बच्चों के बारे में बोलना चाहिए. भागवत वह बात करें जो लोगों को समझ में आएं. आजम खान भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो उन्होंने विश्व हिंदू सम्मलेन में कही थीं. भागवत ने शिकागो सम्मलेन में कहा था कि हिंदू किसी का विरोध नहीं कर सकते, लेकिन कुछ लोग हिंदुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसके लिए लोगों को तैयार रहना होगा.

आजम खान के अंदर आज भी खुद के प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश जिंदा है. तभी उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके मन में अभी भी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा है. उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी से अभी किसी का नाम प्रधानमंत्री के पद के लिए आगे नहीं किया गया है. अगर आप लोग कहेंगे तो मैं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम का भी ऐलान करवा दूंगा.'

शिवपाल यादव के अलग मोर्चा बनाने पर आजम खान ने कहा कि अगर किन्हीं मुद्दों पर आपकी किसी से असहमति है तो मिल बैठकर बात करनी चाहिए. आपने जिस पार्टी को अपनी पूरी जिंदगी दे दी और अच्छे पद पर रहे, उसे छोड़ना नहीं चाहिए. आजम खान ने अपने बयान के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी विवादित बयान दिया. अपनी बात कहते-कहते उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को अनपढ़ बता दिया. आजम खान सीएम योगी के उस बयान पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव को औरंगजेब बताते हुए कहा था कि जो अपने बाप और चाचा का नहीं हुआ वह और किसी का क्या होगा.
बागपत । माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुर्खियों में आई बागपत जेल बारूद के ढेर पर बैठी है। सुए से लेकर पिस्टल तक बैरक में मौजूद है। असलाह ही नहीं बल्कि बदमाशों के पास स्मार्ट फोन हैं जिनसे वह बाहर की दुनिया से अपडेट रहते हैं। हत्या जैसी वारदातों की स्क्रिप्ट भी बदमाश अपने हाथों से तैयार करते हैं। सवाल यही उठता है कि जेल के अंदर हथियार आ कैसे रहे हैं। या तो अधिकारी बदमाशों से घबराते हैं या फिर पर्दे के पीछे मिलीभगत का खेल चल रहा है।

सोमवार को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल जेल के अंदर हथियार पहुंचने का है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पुलिस ने पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की है। हत्या व पिस्टल बरामद होने के बाद भी पुलिस ने किसी बैरक की तलाशी लेना जरूरी नहीं समझा। यदि पुलिस गंभीरता से तलाशी अभियान चलाती है तो जेल की हरेक बैरक में सुए, कट्टन, चाकू, तमंचा, पिस्टल आदि सामान बरामद हो सकता है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पिस्टल मिलने का उदाहरण सबसे ताजा है।

जेल में असलाह होने की शिकायत पर गत दिवस मंडलायुक्त मेरठ के निर्देश पर जेल में छापा मारा गया था तो सुआं, चाकू, कट्टन, गांजा, सिगरेट, स्मार्ट फोन आदि बरामद हुआ था। पुलिस ने उस समय भी हरेक बैरक की गंभीरता से तलाशी नहीं ली थी। सुनील राठी की बैरक के पास ही स्मार्ट फोन बरामद हुआ था। मुलाकात के दौरान कोई भी व्यक्ति जेल में बंद बदमाश को कुछ नहीं दे सकता है चूंकि मुलाकात करने वाले और बदमाश के बीच लोहे की जाली लगी हुई है इसलिए अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुनील राठी को या तो किसी बाहर के व्यक्ति ने यह हथियार जेल के अंदर ही उपलब्ध कराए या फिर जेल का ही कोई कर्मचारी हथियार लेकर सुनील की बैरक तक पहुंचा।

उधर, बागपत जेल में सुनील राठी के अलावा प्रमोद राठी, योगेश भदौड़ा, उधम करनावल आदि कुख्यात बदमाशों के गिरोह के सदस्य बंद हैं, जिनके बीच आए दिन टकराव के आसार बनते रहते हैं। कई बार ऐसा भी हुआ है जब बदमाशों के गुट आपस में भिड़े हैं और जमकर धारदार हथियारों का प्रयोग हुआ है। जेल प्रशासन दूर खड़ा तमाशा देखने के अलावा बदमाशों का कुछ नहीं बिगाड़ सका। एक दिन पूर्व ही मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद गटर में फेंकी गई पिस्टल की खोजबीन के दौरान गटर से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, दो मैगजीन के अलावा कई छोटे नुकीले सामान और भी बरामद हुए हैं।

खूब ऐशो आराम
जेल से जमानत पर आने वाले बदमाश बताते हैं कि बागपत जेल बदमाशों के लिए ऐशो आराम का स्थान बन गया है। यहां पैसा फेंको और तमाशा देखो। जेल में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मैनेज होने के लिए तैयार बैठे रहते हैं। सूत्रों की मानें तो बैरक की जमीन को खोदकर सामान दबा दिया जाता है तो कई बैरकों की दीवारों से ईंटों को निकाल रखा है जब भी तलाशी होती है तो सामान को रखकर दीवार में ईंटों को लगा दिया जाता है। इनके अलावा शौचालयों के आसपास भी सामान छुपाया जाता है।

शातिर अपराधी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते हैं। जब मन चाहा तो बदमाश वाट्सएप पर ऑनलाइन रहते हैं तो कभी फेसबुक पर अपने दोस्तों को लाइक और उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया करते देखे जा सकते हैं। खेकड़ा कस्बे का एक बदमाश तो स्मार्ट फोन से वीडियो कॉलिंग कर अपने दोस्तों के साथ अपडेट रहता था। जेल से बदमाश हर रोज कितने ही लोगों को फोन पर डराते-धमकाते हैं। लुहारा गांव के कुख्यात बदमाश अमरपाल ने तो अपने विरोधी को मोबाइल से कई बार समझौता करने के लिए धमकाया। पीडि़त की मानें तो जेल से उसके बाद कितनी ही कॉल आयी।

जेल से लिखते हैं घटनाओं की स्क्रिप्ट
हथियार और स्मार्ट फोन के अलावा बदमाश जेल से ही अपराधिक घटनाओं की स्क्रिप्ट भी लिखते हैं। हत्या, अपहरण, रंगदारी वसूलने का ताना-बाना जेल में ही बदमाशों की बैठक में तैयार होता है। मुन्नी बेगम की हत्या की गई तो आरोपित के पकड़े जाने पर राजफाश हुआ था कि योजना जेल में ही बनी थी। बिनौली के शहजाद पर जानलेवा हमला हुआ तो प्लान बागपत जेल में ही बना था।

टीकरी के नितिन ने रंगदारी के लिए जेल से ही दुकान पर फायरिंग करा दी थी। सुनील राठी ने बागपत जेल में रहते ही रुड़की के प्रतिष्ठित चिकित्सक से लाखों रुपए की रंगदारी मांगी थी, जिसमें सुनील राठी और उसकी मां राजबाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

मुलाकात करने वाले लोग बताते हैं कि जेल कर्मचारियों को खुश कर दो तो फिर चाहे जैसी और कितनी भी देर मुलाकात कर लो। समय सीमा के बाद भी मुलाकातों का सिलसिला जारी रहता है। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि जेलों में असलहे पहुंचने का मामला गंभीर है, यह चूक किस स्तर पर हुई इसका पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा को और पुख्ता कराया जाएगा
नई दिल्ली I अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि शिक्षण संस्थान में जिन्ना की तस्वीर लगाने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी.
उन्होंने यह बात आजतक की ओर से आयोजित पंचायत 'जिन्ना एक विलेन पर जंग क्यों' के पांचवें सत्र 'हिंदुस्तान में किसको चाहिए जिन्ना' पर बहस के दौरान कही. इस सत्र का संचालन मशहूर एंकर अंजना ओम कश्यप ने किया.

मोहसिन रजा ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक शिक्षण संस्थान है. अगर वहां पर बच्चों को यह सच्चाई नहीं बताई जाएगी कि जिसको वो आदर्श मानकर बैठे हैं और जिसको लेकर उनको गुमराह किया जा रहा है वो आजादी में विलेन रहा है, तो इससे देश का नुकसान होगा. ये बच्चे देश का भविष्य हैं.
उन्होंने सवाल किया कि हम भारत के महापुरुषों की तस्वीर क्यों नहीं लगाते? बच्चों को गुमराह किया जा रहा है. एएमयू के लोग दूसरों के हाथ की कठपुतली बन गए हैं. मोहसिन रजा ने सख्त लहजे में कहा कि जो आजादी में विलेन रहा है, उसकी तस्वीर को शिक्षण संस्थान में रखने की इजाजत हम कतई नहीं देंगे.
वहीं, जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि आजादी के आंदोलन के सबसे बड़ा नेता महात्मा गांधी हैं. जिन्ना को किसी भी तरीके से महिमामंडित करने का प्रयास अच्छा नहीं है. महात्मा गांधी ने कहा था पाकिस्तान मेरी डेड बॉडी पर बनेगा, लेकिन कांग्रेस की थकी हुई लीडरशिप के आगे वो भी बेबस हो गए थे. गांधी को भी विभाजन स्वीकार करना पड़ा.

त्यागी ने कहा, ''क्या 80 साल के बाद लोगों को पता चला कि यहां जिन्ना की तस्वीर लगी है? मैं तो चाहता हूं कि जिन्ना की तस्वीर हटाकर गांधी की तस्वीर लगा देनी चाहिए.''
इसके अलावा आरएसएस के विचारकर राकेश सिन्हा ने कहा कि देश में जब-जब आजादी के लिए आंदोलन हुए, तब-तब जिन्ना देश से बाहर था. लंदन से भारत तब आया जब उसने मुस्लिम लीग से कहा कि उसे अध्यक्ष बनाया जाए. जिन्ना नादिर शाह था.

उन्होंने कहा कि ट्रिब्यून अखबार ने 23 अगस्त 1946 में अपने संपादकीय में लिखा था कि 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता की सड़कों को जिन्ना ने बूचड़खाने में तब्दील कर दिया. उस समय 15 हजार लोग मारे गए थे. जिन्ना की तुलना हिटलर से की जा सकती है, नादिर शाह, गौरी-गजनी से की जा सकती है.
इसके अलावा राजनीतिक विश्लेषक सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि आज हम हिंदू-मुस्लिम लड़ रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि देश के विभाजन के लिए जिन्ना से ज्यादा अंग्रेज दोषी हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सभी की राय इस बात पर एक है कि भारत का विभाजन नहीं होना चाहिए था और खून-खराबा नहीं होना चाहिए था, लेकिन ऐसा हुआ.

उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के लिए जिन्ना से ज्यादा अंग्रेज दोषी हैं. अंग्रेजों ने फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाई थी. उन्होंने कहा कि आजादी तो जून 1948 में मिलने वाली थी, लेकिन वायसराय माउंटबेटन ने इसको अगस्त 1987 तक ही खींचा, जिसके कारण डर का माहौल पैदा हुआ.
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जब साल 1979 में माउंटबेटन की मौत हुई, तो भारत सरकार ने सात दिन का शोक घोषित किया था और राष्ट्र ध्वज आधा झुकाया था. जबकि हकीकत यह है कि जिन्ना से ज्यादा ये अंग्रेज दोषी हैं, लेकिन आज हम हिंदू-मुसलमान में लड़ रहे हैं.

लेखक सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि साल 2005 में लालकृष्ण आडवाणी के साथ मैं भी पाकिस्तान गया था. तब जिन्ना की मजार पर आडवाणी ने कहा कि साल 1930 तक हिंदू-मुसलिम एकता के जिन्ना हिमायती थे. दूसरी बात आडवाणी ने यह कही कि 11 अगस्त 1947 को जिन्ना ने पाकिस्तान की संविधान समिति में अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान मजहबी मुल्क नहीं होगा. इस्लामी मुल्क नहीं होगा. यहां हिन्दू-मुसलमान सब मिलकर बराबर रहेंगे.
सर सय्यद अहमद खान ने इसे साल 1875 में स्थापित किया था. मूल रूप से यह एक मदरसा था जिसका नाम था मदरसातुल उलूम मुसलमानन-ए-हिंद. हिंदुस्तानी मुसलामानों को हर स्तर पर बाकियों के समकक्ष लाने के लिए इसे स्थापित किया गया था.


11वीं से लेकर इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई विकास ने एएमयू से की. 7 साल एएमयू में बिताने वाले विकास मानते हैं कि कॉलेज और हॉस्टल में कभी किसी ने अलग महसूस नहीं करवाया. विकास दुबई में नौकरी करते हैं और कहते हैं कि एएमयू में बिताया गया उनका समय उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन समय था.

अपनी जिंदगी के 14 साल एएमयू में बिताने वाले वसीम हाल में हुई घटनाओं से बहुत व्याकुल हैं. वो कहते हैं कि उनके बहुत से दोस्त हिंदू हैं, क्रिस्चियन हैं और अलग-अलग मान्यताओं को मानने वाले हैं. लेकिन एएमयू में पढ़ाई के दौरान ना तो यहां कभी धर्म को लेकर कोई झगड़े हुए ना ही कभी ऐसी कोई घटनाएं हुईं जहां खुद को एक-दूसरे से अलग करके देखा गया हो. हर कॉलेज की ही तरह एएमयू में पढ़ने वाले बच्चे भी वहां पढ़ने और जिंदगी में कुछ हासिल करने जाते हैं. ऐसे में दोस्त बनाए हुए आप कभी किसी से क्या उसका मजहब पूछेंगे?

समर लखनऊ में रहती हैं और एएमयू की हवा को अपने खून का हिस्सा मानती हैं. उनके नाना से लेकर उनके परिवार के लगभग हर शख्स से कभी ना कभी एएमयू में पढ़ाई की है. उन्होंने भी दो साल एएमयू में गुजारे हैं लेकिन कभी भी उनका किसी भी धर्म या देशविरोधी घटना से सारोकार नहीं हुआ. हाल ही में एएमयू के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज में उनके कजिन पर भी लाठियां बरसी हैं. इससे उनका पूरा परिवार बहुत विचलित है.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार वजह है मोहम्मद अली जिन्ना की एक तस्वीर. यह विवाद इतना बढ़ गया है कि यूनिवर्सिटी के छात्रों पर लाठीचार्ज होने की खबरें भी सामने आई हैं. जिस तेजी से यह आग फैल रही है, डर है कि कहीं यह कम्युनल जामा ना पहन ले. लेकिन एएमयू में पढ़ रहे और वहां पढ़ चुके छात्रों का मानना है कि 'ये मेरा चमन है मेरा चमन, मैं इस चमन का बुलबुल हूं' के तरानों से गूंजने वाली एएमयू की सरजमीं पर कभी कोई हिंदू-मुसलमान नहीं हुआ.

चम्पावत छतार में रामधाम मंदिर में मंदिर में श्री 1008 मौनी महाराज ने संकट मोचन हनुमान व रामेवश्वरम शंकर की मूर्ति स्थापित की गईं. मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अयोध्या से श्री रामजन्म भूमि न्यास समिति के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने शिरकत की. मौनी बाबा ने मन्दिर में भगवान हनुमान और शंकर की मूर्ति स्थापित करने के बाद चम्पावत के रामधाम मंदिर में ही भक्तों को रामेवश्वरम का फल मिलने की बात कही.

इस दौरान महंत नृत्यगोपाल ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया से राम मन्दिर बनने में जरूर देरी हो रही है. लेकिन उन्हें विश्वास है. अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी गंभीर हैं. जल्द ही अयोध्या में राममंदिर का निर्माण होगा.

साथ ही अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा राम मन्दिर निर्माण से हिंदू लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. अगर मंदिर नहीं बनता है तो इसका असर भाजपा के 2019 के चुनाव में भी दिख सकता है.
नई दिल्ली I उत्तर प्रदेश के चार दलित बीजेपी सांसदों की राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत गंभीरता से लिया है. पिछले दिनों सावित्रीबाई फुले, छोटे लाल, इटावा के सांसद अशोक कुमार, नागिना के यशवंत सिंह दलितों के मसले पर राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं.
पीएम मोदी ने शनिवार को चारों दलित सांसदों की नाराज़गी की चिंता करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुलाया और इस विषय पर न केवल चर्चा की  बल्कि इस मसले पर विस्तृत रिपोर्ट भी यूपी बीजेपी से मांगी है.
दरअसल, बीजेपी आलाकमान पहले ही गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव में हार से पहले परेशान था. अब SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद पार्टी के एक के बाद एक यूपी के चार बीजेपी दलित सांसदों की नाराजगी पीएम मोदी के लिए भी सिरदर्द बन गई है.

सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी ने योगी आदित्यनाथ को साफ तौर से ये बता दिया है कि इस मसले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए. साथ ही इस बात की भी हिदायत दी कि जरूरत पड़े तो नाराज सांसद से पार्टी बैठकर बात करे और इनकी समस्या का समाधान किया जाए.
पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच क़रीब एक घंटा बैठक चली. इसमें आगामी विधान परिषद के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई. 

इनके अलावा बीजेपी सांसद उदित राज ने भी शनिवार रात आरोप लगाया कि इस सप्ताह के शुरू में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में दलित समुदाय के सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है.
उदित राज ने इस बारे में सिलसिलेवार ट्वीट किए. उन्होंने कहा, 'दो अप्रैल को हुए आंदोलन में हिस्सा लेने वाले दलितों पर अत्याचार की खबरें मिल रही हैं और यह रुकना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'दो अप्रैल के बाद दलितों को देशभर में प्रताड़ित किया जा रहा है. बाड़मेर, जालौर, जयपुर, ग्वालियर, मेरठ, बुलंदशहर, करौली और अन्य स्थानों के लोगों के साथ ऐसा हो रहा है. न केवल आरक्षण विरोधी बल्कि पुलिस भी उन लोगों को पीट रही है. फर्जी मामले लगा रही है.'
नई दिल्ली I बीजेपी को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बुधवार को एक चौंका देने वाला झटका लगा क्योंकि लोकसभा की उन तीनों सीटों पर उसके उम्मीदवार हार गए जिनके लिए उपचुनाव हुआ था. इन तीन सीटों में उत्तर प्रदेश में उसका गढ़ रहा गोरखपुर और फूलपुर तथा बिहार में अररिया शामिल है.
बीजेपी के लिए यह चौंकाने वाला चुनाव परिणाम त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में उसकी शानदार जीत के कुछ ही दिन बाद आया है. बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम दल के किले को ढहा दिया था, जहां वह पिछले 25 वर्ष सत्ता में था. बीजेपी ने अपने क्षेत्रीय सहयोगी दलों के साथ मिलकर नगालैंड और मेघालय में भी सरकार बना ली थी.

अन्य पिछड़ वर्ग (ओबीसी), दलित और मुस्लिम वोटों के एकीकरण होने से सपा उम्मीदवारों को गोरखपुर और फूलपुर में जीत मिली. गोरखपुर सीट का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच बार किया जबकि फूलपुर सीट पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी. बीजेपी ने तब पहली बार फूलपुर सीट जीती थी.
दोनों ने अपनी सीटें तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थीं.
गोरखपुर में सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी के उपेंद्र दत्त शुक्ला को 21961 वोट से हराया, यह सीट 1989 से बीजेपी के पास थी. वहीं सपा के नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने फूलपुर सीट पर बीजेपी के कौशलेंद्र सिंह पटेल को 59,460 वोट से हराया.

लालू प्रसाद की राजद ने अररिया लोकसभा सीट बरकरार रखी जहां उसके उम्मीदवार सरफराज आलम ने बीजेपी के प्रदीप कुमार सिंह को 60 हजार से अधिक वोट से हराया. यह जदयू-बीजेपी गठबंधन के लिए एक झटका है जो कि नीतीश कुमार के राजग में वापसी के बाद पहली बार चुनाव में उतरा था.
बीजेपी को थोड़ी राहत इस रूप में मिली कि उसकी उम्मीदवार रिंकी रानी पांडेय ने भभुआ विधानसभा सीट पार्टी के लिए बरकरार रखी. रिंकी रानी पांडेय ने कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी शंभु सिंह पटेल को करीब 14000 वोट से हराया.
राजद ने जहानाबाद विधानसभा सीट बरकरार रखी जहां उसके उम्मीदवार सुदय यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी जदयू के अभिराम शर्मा को 30000 वोटों के अंतर से हराया.

योगी ने स्वीकारा- अति आत्मविश्वास ने हराया
उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के ‘‘अति आत्मविश्वास’’ को हार का जिम्मेदार ठहराया और इसके कारणों के लिए गहरी समीक्षा की बात कही.
उन्होंने कहा, ‘‘हम सपा और बसपा के बीच हुए गठबंधन के प्रभावों को समझने में असफल रहे जो कि बेमेल गठबंधन है और राज्यसभा चुनाव के लिए सौदेबाजी का हिस्सा है.’’ सपा राज्य में आगामी राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार का समर्थन कर रही है.

उत्तर प्रदेश में राजनीति के मैदान में बीजेपी के अलावा सपा और बसपा मुख्य पात्र हैं. सपा और बसपा ने 1993 में तब गठबंधन सरकार बनायी थी जब बीजेपी बाबरी मस्जिद गिराये जाने के बाद हुए चुनाव में अकेली सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी.
गोरखपुर में ओबीसी-दलित-मुस्लिम वोटों का एकसाथ आने ने सपा उम्मीदवार की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. ये वोट पहले सपा और बसपा के अलावा छोटे दलों जैसे निषाद पार्टी और पीस पार्टी के बीच बंट जाते थे.

जमीन पर बखूबी ट्रांसफर हुआ बसपा का वोट
निषाद पार्टी का क्षेत्र में निषाद समुदाय में काफी प्रभाव है, जबकि पीस पार्टी का क्षेत्र में मुस्लिमों में काफी प्रभाव है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा की जीत बसपा की अपने वोट सपा को हस्तांतरित करने की क्षमता का परिणाम है.

उपचुनाव की यह जीत आम चुनाव से पहले धर्मनिरपेक्ष दलों को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी विरोधी एक व्यापक गठबंधन बनाने के लिए प्रेरित करेगी. ऐसी ही एक संभावना का पता लगाने के लिए कल संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से दिये गए भोज में 20 विपक्षी दलों के नेता एकत्रित हुए थे.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने परिणामों को बीजेपी के खिलाफ जनता के आक्रोष का एक प्रतिबिंब बताया.

'यूपी में नवनिर्माण के लिए तत्पर है कांग्रेस'
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज के उपचुनावों में जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई. नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं में बीजेपी के प्रति बहुत क्रोध है और वो उस गैर बीजेपी उम्मीदवार के लिए वोट करेंगे, जिसके जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा हो. कांग्रेस यूपी में नवनिर्माण के लिए तत्पर है, ये रातों रात नहीं होगा.’’
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत को‘‘ सामाजिक न्याय’’ में से एक बताया और इसके लिए बीजेपी को धन्यवाद दिया.

सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि कासगंज दंगे में योगी सरकार एक समुदाय विशेष को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को भड़के हिंसा में चंदन गुप्ता की जान हिंदू ने ही ली है, लेकिन मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है. रामगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी यह बर्दाश्त नहीं करेगी.

बकौल रामगोपाल यादव, मुस्लिम बाहुल इलाके में जाकर अगर ये नारे लगाएं कि 'मुसलमान का है दो स्थान कब्रिस्तान या पाकिस्तान' तो कोई आदमी इसको सुन नहीं सकता. जहां पर तिरंगा झंडा लगा था वहां पर हिंदू वाहिनी का झंडा लगाना चाहते थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं हुई और गोली चली. चंदन को गोली मारने वाले हिंदू ही थे, लेकिन आरोप मुसलमानों पर लग गया. तमाम वायरल वीडियो में यह आपने भी देखा."

रामगोपाल यादव ने कहा, “एनकाउंटर भी विशेष समुदाय के लोगों का ही किया जा रहा है. फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं सूबे के मुख्यमंत्री गंदी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. हम मुसलामानों के ऊपर अन्याय नहीं होने देंगे. कोई नाराज हो जाएगा इस वजह से विरोध नहीं करेंगे ऐसा नहीं है. चाहे अन्याय हिंदू करे या फिर मुसलमान, हम अन्याय नहीं करेंगे.”

समाजवादी पार्टी के महासचिव ने कहा, "बिना जिला प्रशासन की अनुमति के भगवाधारी जुलूस निकाल रहे थे. रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी समझ को कम्युनल लाइन पर बांटने की कोशिश करेगी. बता दें रामगोपाल मंगलवार को मैनपुरी के घिरोर में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे.
इससे पहले 2 फरवरी को रामगोपाल ने राज्य सभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए एक समुदाय विशेष को जान बुझकर फंसाने का आरोप लगाया था. हालांकि उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिया था, इसलिए उन्हें बोलने नहीं दिया गया.

इससे पहले आज कासगंज हिंसा के दौरान हुए चंदन गुप्ता हत्याकांड में फरार चल रहे नामजद अभियुक्त सलमान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सलमान कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नवाब का निवासी है. पुलिस ने सलमान के पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं. इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

मामले में फिलहाल मुख्य आरोपी वसीम जावेद और नसीम जावेद अभी भी फरार हैं. गौरतलब है कि पुलिस एफआईआर के मुताबिक सलीम की ही गोली से चंदन की मौत हुई थी. आरोपियों की धर पकड़ के लिए एसटीएफ लगातार कैंप भी कर रही है.

कासगंज हिंसा के दौरान हुए चंदन गुप्ता हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ईटीवी/न्यूज़18 को मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सलीम को गिरफ्तार किया है. एडीजी आगरा जोन अजय आनंद जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी देंगे. बता दें कि चंदन गुप्ता हत्याकांड में तीन भाई सलीम, वासिम और नसीम मुख्य आरोपी हैं. फिलहाल वासिम और नसीम अभी भी फरार हैं.

डीजीपी ओपी सिंह ने सलीम की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, “हमनें चंदन की हत्या के मुख्य आरोपी सलीम को गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ सलीम के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था. सलीम की गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी है. जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार होंगें.” उन्होंने कहा कि कासगंज के हालात अब सामान्य हैं. “हमारी एसआईटी वीडियो, मोबाईल सर्विलांस से सबूत जमा कर रही है. सलीम से भी कुछ बरामदगी हुई है. हम कासगंज की घटना का विश्लेषण कर रहे हैं. अपनी व्यवस्था में गतिशीलता लाने की कोशिश करेंगें”

सलीम को कासगंज से ही गिरफ्तार किया गया है. गौरतलब है कि पुलिस एफआईआर के मुताबिक सलीम की हो गोली से चंदन की मौत हुई थी. इस बीच आरोपियों की धर पकड़  के लिए एसटीएफ भी कासगंज पहुँच गई है.

गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में भड़की हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों की लिस्ट जारी की है. अब तक इस मामले में 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं. हिंसा में दर्ज 5 एफआईआर के तहत 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 81 लोगों को धारा-144 के उल्लंघन के आरोप में अरेस्ट किया गया है. कासगंज हिंसा के दौरान शहर में आगजनी की 7 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.
चंदन हत्याकांड के नामज़द आरोपियों की लिस्ट में सलीम, वसीम, नसीम मुख्य आरोपी हैं. इनके अलावा जाहिद जग्गा, आसिफ़ हिटलर को भी आरोपी बनाया गया है. असलम, असीम, नसरुद्दीन, आकरम, तौफीक, खिल्लन, शबाब, राहत, सलमान, मोहसिन, साकिब, बब्लू, नीशू और वासिफ को भी आरोपी बनाया गया है.



ऋषिकेश। भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों यथा चीन, ब्राजील, अमेरीका, ब्रिटेन, दुबई और कई अन्य देशों के लगभग 400 से अधिक छात्र ने आज परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर ’’स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण’’ का संकल्प ग्रहण किया। इस अवसर पर स्वच्छता का संदेश प्रसारित करने हेतु ’’स्वच्छता जागरूकता रैली’’ का आयोजन किया गया जिसमंे वेल्हम बाॅयज स्कूल देहरादून, विश्व के विभिन्न देशों से आये विद्यार्थी, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक एवं जिला स्वच्छ भारत प्रेरक बिहार के प्रतिभागी, लद्दाख से आयी बौद्ध भिक्षुुनियां, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार और देशी विदेशी सैलानियों ने सहभाग किया। 
जीवा एवं गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन द्वारा पपेट शे के माध्यम से ’’स्वच्छता का महत्व’’ विषय पर लघु नाटिका का चित्रण किया गया। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियांे ने विश्व में स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की तथा माँ गंगा की आरती में भाग लिया।
भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों से आया यह छात्रों का दल परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के द्वारा पर्यावरण संरक्षण, नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाने तथा वृक्षारोपण के लिये किये जा रहे अथक प्रयासों एवं अद्भुत कार्यो से प्रेरित होकर परमार्थ निकेतन पधारा है।
विदेशी छात्रों मंे गंगा आरती को लेकर भी अत्यधिक उत्सुकता थी। छात्रों ने भारतीय आध्यात्म को परमार्थ निकेतन आकर नजदीक से जाना और यह महसूस किया की वास्तव में परमार्थ तट पर होने वाली आरती के वह पल अमृत के समान है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता केवल अनुभव किया जा सकता है। छात्रों के दल को परमार्थ परिवार की ओर से भेंट स्वरूप विभिन्न प्रजातियों के 50 पौधें दिये गये। जिन्हे वे अपने शिक्षण संस्थाओं में रोपित करेंगे।
छात्रों के दल ने परमार्थ में आयोजित तीन दिवसीय ’सीखें, जाने और जीवन बचायें़’कार्यशाला एवं विश्व शौचालय काॅलेज का भ्रमण किया तथा स्वच्छता पाठ्यक्रम का अवलोकन किया। तत्पश्चात छात्रों के दल को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने लाइव संदेश दिया। उन्होने सभी का माँ गंगा के तट पर अभिनन्दन करते हुये कहा, ’’नव सृजन के लिये नये जोश और नये उत्साह की नितांत अवश्यकता है। नई ऊर्जा, नई सम्भावनाओं को जन्म देती है और वर्तमान समय में सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य का निर्माण सबसे बड़ी चुनौती है। हमें भविष्य को सुरक्षित रखने के लिये आज से ही पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने हेतु समुचित उपाय करना होगा। स्वामी जी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट का जिक्र करते हुये कहा कि पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 130 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण होती है। अगर हम सभी जागरूक रहे तो इस भयावह आंकडों को कम किया जा सकता है। स्वामी जी ने सभी युवाओं का आहृवान करते हुये कहा कि परिवर्तन ही जीवन है, अतः नई सोच; नये विचारों के साथ आगे बढ़े और प्रदूषण नामक वैश्विक समस्या के समाधान के लिये स्वच्छता के अग्रदूत बने।’’
गंगा तट पर सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रदूषण को जड़ से मिटाने तथा स्वच्छता को अंगीकार करने का संकल्प लिया। उन्होने दोहराया की हमारी नदियांे, समुद्रों एवं जल स्रोतों की प्लास्टिक एवं रसायनों से रक्षा करेंगे तथा पृथ्वी के संरक्षण के लिये मिलकर कार्य करेंगे। वैश्विक स्तर पर स्वच्छ जल की उपलब्धता हेतु निरन्तर प्रयास करेंगे जिससे हम सम्पूर्ण पृथ्वी पर खुशी और समृद्धि ला सकते है।
इस अवसर पर छात्र प्रतिनिधि लाॅरेंस स्कूल, एडवक, डेली काॅलेज इन्दौर, प्रगुन सिंह, तेगवीर सिंह, वेल्हम स्कूल प्रतिनिधि, स्वामिनी आदित्यनन्दा सरस्वती जी, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी जी, डाॅ जीना, राजेन्द्र बोरा, सैमुअल, टोपो, सुश्री श्रुति पंत, ऐलिस, ट्रेसा, जुन, क्लाउडीन, बाॅबी, श्रीमती इन्दू जी, विशाल भट्ट, रामचरण जी एवं अन्य देशी विदेशी स्कूलों के प्रतिनिधि एवं परमार्थ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 
देहरादून। बुधवार को प्रातः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के साथ मुख्यमंत्री आवास का भ्रमण किया। उन्होंने परिसर में स्थापित मन्दिर में पूजा-अर्चना की तथा गौशाला में गायों को गुड़ भी खिलाया। उन्होंने परिसर के प्राकृतिक सौन्दर्य तथा स्वच्छ पर्यावरण की सराहना की। उन्होंने परिसर में गौशाला स्थापना की भी प्रशंसा की। इसके पश्चात यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, जीटीसी हेली पैड से शिमला के लिये रवाना हुए तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए। 
ज्ञातव्य है कि मंगलवार को देर सांय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उनका शॉल एवं गंगाजली भेंट कर स्वागत किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने रात्रि विश्राम मुख्यमंत्री आवास पर ही किया। 

यूपी विधानसभा चुनाव के बाद अब निकाय चुनाव में भी बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. नगर निगमों की संख्या बढ़ने के बावजूद बीजेपी पिछली बार की तरह की सिर्फ दो सीटों पर हारी है, जबकि 16 में 14 पर उसने कब्जा कर लिया है. वहीं नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर बीजेपी को भारी बढ़त मिली है.
दूसरी तरफ पहली बार पार्टी सिंबल पर चुनाव में उतरने वाली बीएसपी ने कड़ी टक्कर दी है. पार्टी ने दो नगर निगमों में जीत का परचम लहराया है. बीएसपी ने अलीगढ़ और मेरठ में जीत दर्ज की.
इस बार यूपी में 4 नए नगर निगम शामिल किए गए हैं.  पिछली बार 12 निगमों में से 10 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार सहारनपुर, मथुरा, फिरोजाबाद और अयोध्या को भी नगर निगम में शामिल किया गया और 16 में 14 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की.
नगर निगम महापौर के रिजल्ट
1. लखनऊ- संयुक्ता भाटिया (BJP)
2. गोरखपुर- सीताराम जायसवाल (BJP)
3. गाजियाबाद- आशा शर्मा (BJP)
4. वाराणसी- मृदुला जायसवाल (BJP)
5. सहारनपुर- संजीव वालिया (BJP)
6. फिरोजाबाद- नूतन राठौर (BJP)
7. आगरा- नवीन जैन (BJP)
8. झांसी- रामतीर्थ सिघंल (BJP)
9. इलाहाबाद- अभिलाषा गुप्ता (BJP)
10. मेरठ- सुनीता वर्मा (BSP)
11. अयोध्या- ऋषिकेश उपाध्याय (BJP)      
12. मथुरा- मुकेश आर्य (BJP)
13. अलीगढ़- मोहम्मद फुरकान (BSP)
14. बरेली- उमेश गौतम (BJP)
15. कानपुर- प्रमिला पांडे (BJP)
16. मुरादाबाद- विनोद अग्रवाल (BJP)
नगर निगम पार्षद (कुल सीट-1300)
बीजेपी- 592
बीएसपी- 147
कांग्रेस- 110
सपा- 45
अन्य- 19
निर्दलीय-222
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष (कुल सीट-198)
बीजेपी- 67
बीएसपी- 27
कांग्रेस- 9
सपा- 45
निर्दलीय- 42
नगर पंचायत अध्यक्ष (कुल सीट-438)
बीजेपी- 100
बीएसपी-45
सपा-83
कांग्रेस-17
अन्य-10
निर्दलीय-181
अब इन नतीजों की तुलना 2012 से करने पर पता चलता है कि बीजेपी को काफी बढ़त मिली है. पिछली बार कुल 12 नगर निगमों में महापौर पद के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से 10 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. जबकि दो महापौर निर्दलीय जीते थे. वहीं 12 नगर निगमों में पार्षद के 980 पदों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 304 सीटें जीती थीं.
नगर पालिका में बीजेपी
नगर पालिका अध्यक्ष पद की बात की जाए तो 2012 में इस पर भी बीजेपी सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरी थी. कुल 194 अध्यक्ष पदों में से 42 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. जबकि 130 सीटों पर निर्दलीय या दूसरे राजनीतिक दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवार अध्यक्ष बने थे.  वहीं इस बार बीजेपी ने कुल 198 सीटों में 67 पर परचम लहराया है.
नगर पंचायतों की बात की जाए तो 2012 में बीजेपी ने कुल 423 सीटों में से 36 पर जीत दर्ज की थी. इस बार कुल 438 सीटों में जीत का ये आंकड़ा 100 पहुंच गया है.

यू पी से संवाददाता ( आलिया )

       यूपी एटीएस की टीम ने नाभा जेल पटियाला, पंजाब से नवम्बर 2016 में भागने वाले अभियुक्तों को असलहा सप्लाई करने एवं सहयोग देनेके प्रकरण में पंजाब पुलिस के वांछित अभियुक्त जितेन्द्र सिंह टोनी पुत्र बलदेव सिंह को जनपद  लखीमपुर खीरी के मैलानी क्षेत्र से आज देर रात गिरफ्तार किया हैl ये मु0अ0सं0-142/06 अंतर्गत धारा 307/ 392/ 223/ 224/ 120b /148/ 149/201/ 419/170 /171 IPC कोतवाली नाभा के प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है l


          पूर्व में 16 अगस्त 2017 को ATS  द्वारा लखनऊ से गिरफ्तार बब्बर खालसा के अभियुक्त बलवंत सिंह से हुई पूछताछ के क्रम में प्रकाश में आये अभियुक्त सतनाम सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी सिकंदरपुर लखीमपुर को भी आज रात यूपी एटीएस की टीम ने पंजाब पुलिस और जनपद  लखीमपुर खीरी पुलिस के सहयोग से Crime No- 44/17 अंतर्गत धारा 121/121 A IPC 10/13 UA(P) ACT 25 Arms Act PS मुकंदपुर जिला नवाशहर पंजाब के प्रकरण  में गिरफ्तार किया l दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायलय से वारंट  जारी था .
         यूपी एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक श्री डीके पूरी तथा श्री हृदेश कठेरिया के निर्देशन में टीम द्वारा उपरोक्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई हैl

यू पी से संवाददाता ( आलिया )


धरना शुरू करने से पहले विवि के छात्रसंघ भवन में छात्रों ने एक प्रेसवार्ता की। इस वार्ता में छात्र नेता पुनीत सिंह, समाजवादी छात्रसभा प्रतिनिधि,ABVP, अन्य छात्रसंगठन वा आम छात्र भी शामिल रहे। धरने पे बैठे छत्रों का दावा है की मांगें पूरी न होने तक धरना 24 घंटे जारी रहेंगे और आगे चल कर ये आमरण अनशन का रूप भी ले सकता है। इस दौरान तमाम छात्र नेता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद है इनलोगो का कहना है के छात्रों और विवि और प्रशासन के बीच सामंजस्य बनाए रखने के लिए छात्रसंघ चुनाव का होना ज़रूरी है।






आपको बता दे 2007 में लखनऊ विवि आखरी बार चुनाव हुए थे। 2012 में चुनाव की तारीख़ घोषित हो गई थी, 15 अक्टूबर 2012 में चुनाव होना था पर इसके  बाद हेमंत सिंह की याचिका पर चुनावो पर रोक लगा दी गई थी।