देहरादून।आज देश के साहित्य की शान सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी,महान देशभक्त नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्म दिवस की पूर्व संध्या और बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मैं सबको बधाई देती हूं और देशवासियों से अपील करती हूं कि देश की स्वतंत्रता के लिए शहीद देशभक्तों को जरूर याद रखें और अपनी नई पीढ़ी को भी उनके बलिदान से अवगत कराएं।
यह कहना है दून विश्वविद्यालय की उपकुलपति श्रीमती कुसुम अरुणाचलम का।वे आज यहां दून यूनिवर्सिटी के सभागार में दून यूनिवर्सिटी और नाड़ी वैद्य कायाकल्प की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।उन्होंने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करने की अपील भी की।
कार्यक्रम में संभल उत्तर प्रदेश से आये कवि सौरभकान्त शर्मा ने अपनी कविता आवरण प्यार का तेरे ओढ़ कर हम चले आये।
आस विश्वास का रिश्ता छोड़ कर हम चले आये।
बतन में मिल नहीं जाये कहीं
नापाक वो मिट्टी,
जूती पर लगी थी जो छोड़ कर हम चले आये सुना कर पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की पत्नी की जूतियों को पाकिस्तान द्वारा रोक लेने पर उनकी पत्नी की ऒर उनकी भावाभिव्यक्ति की।
हरियाणा के पानीपत से आये प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि योगेंद्र मौदगिल ने अपनी कविता सुनाई की जब भी देखो आइना तो धड़ से गायब सर लगे।
सर कटा धड़ अपना सच बहुत ही डर लगे।
मुझको तुम्हारी बेबफाई पर यकीं बिल्कुल न था,
लेकिन मुझे करना पड़ा जब पीठ पर ख़ंजर लगे। इस कविता के माध्यम से उन्होने महफ़िल लूटी।
श्रीगंगा नगर राजस्थान से आये कवि डॉ. संदेश त्यागी ने कहा कि जीवन के कितने नुस्ख़ों को जान लिया,
कहना बड़े बुज़ुर्गों का जब मान लिया।
ऐसा इस धरती पर ही हो सकता है,
जंग के मैदाँ में अर्जुन ने ज्ञान लियाऔर हवाओं की बड़ी साज़िश है लेकिन,
भला दीपक जलाना छोड़ दूँ क्या।
तेरा मज़हब अगर मुझसे जुदा है,
मैं तुझसे दोस्ताना छोड़ दूँ क्या। सुना कर खूब वाहवाही लूटी।
कवि सम्मेलन में उपस्थित धौलपुर राजस्थान के कवि रामबाबू सिकरवार ने अपनी कविता में देश के जाबांज़ शहीदों की बहादुरी का बखान कर वाहवाही लूटी।उन्होंने कहा कि जो वतन की खातिर मिटे उनको सलाम है।
जाबांज सैनिकों को कोटिशः प्रणाम है।
आतंकवादियों को उनके घर में मार कर,
दुनियां को बता दिया यह हिंदुस्तान है।
कार्यक्रम में वीर रस के कवि जसवीर सिंह हलधर ,सुरेखा सैनी मेरठ और महिमा श्री देहरादून ने भी अपनी अपनी कविताएं सुनाई और लोगों की वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांत संयोजक व प्रसिद्ध वीर रस कवि श्रीकांत श्री ने।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर बीजेपी नेता उमेश अग्रवाल,यूसर्क के निदेशक प्रो.दुर्गेश पंत,वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके खन्ना,अशोक गोयल,धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अरविंद जसरावत, सतेंद्र सिंह अरोड़ा,सुरेन्द्रकुमार समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह कहना है दून विश्वविद्यालय की उपकुलपति श्रीमती कुसुम अरुणाचलम का।वे आज यहां दून यूनिवर्सिटी के सभागार में दून यूनिवर्सिटी और नाड़ी वैद्य कायाकल्प की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।उन्होंने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करने की अपील भी की।
कार्यक्रम में संभल उत्तर प्रदेश से आये कवि सौरभकान्त शर्मा ने अपनी कविता आवरण प्यार का तेरे ओढ़ कर हम चले आये।
आस विश्वास का रिश्ता छोड़ कर हम चले आये।
बतन में मिल नहीं जाये कहीं
नापाक वो मिट्टी,
जूती पर लगी थी जो छोड़ कर हम चले आये सुना कर पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की पत्नी की जूतियों को पाकिस्तान द्वारा रोक लेने पर उनकी पत्नी की ऒर उनकी भावाभिव्यक्ति की।
हरियाणा के पानीपत से आये प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि योगेंद्र मौदगिल ने अपनी कविता सुनाई की जब भी देखो आइना तो धड़ से गायब सर लगे।
सर कटा धड़ अपना सच बहुत ही डर लगे।
मुझको तुम्हारी बेबफाई पर यकीं बिल्कुल न था,
लेकिन मुझे करना पड़ा जब पीठ पर ख़ंजर लगे। इस कविता के माध्यम से उन्होने महफ़िल लूटी।
श्रीगंगा नगर राजस्थान से आये कवि डॉ. संदेश त्यागी ने कहा कि जीवन के कितने नुस्ख़ों को जान लिया,
कहना बड़े बुज़ुर्गों का जब मान लिया।
ऐसा इस धरती पर ही हो सकता है,
जंग के मैदाँ में अर्जुन ने ज्ञान लियाऔर हवाओं की बड़ी साज़िश है लेकिन,
भला दीपक जलाना छोड़ दूँ क्या।
तेरा मज़हब अगर मुझसे जुदा है,
मैं तुझसे दोस्ताना छोड़ दूँ क्या। सुना कर खूब वाहवाही लूटी।
कवि सम्मेलन में उपस्थित धौलपुर राजस्थान के कवि रामबाबू सिकरवार ने अपनी कविता में देश के जाबांज़ शहीदों की बहादुरी का बखान कर वाहवाही लूटी।उन्होंने कहा कि जो वतन की खातिर मिटे उनको सलाम है।
जाबांज सैनिकों को कोटिशः प्रणाम है।
आतंकवादियों को उनके घर में मार कर,
दुनियां को बता दिया यह हिंदुस्तान है।
कार्यक्रम में वीर रस के कवि जसवीर सिंह हलधर ,सुरेखा सैनी मेरठ और महिमा श्री देहरादून ने भी अपनी अपनी कविताएं सुनाई और लोगों की वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांत संयोजक व प्रसिद्ध वीर रस कवि श्रीकांत श्री ने।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर बीजेपी नेता उमेश अग्रवाल,यूसर्क के निदेशक प्रो.दुर्गेश पंत,वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके खन्ना,अशोक गोयल,धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अरविंद जसरावत, सतेंद्र सिंह अरोड़ा,सुरेन्द्रकुमार समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


Post A Comment: