ऋषिकेश। सीओ विरेंद्र सिंह रावत ने ऋषिकेश की कमान संभालते ही सर्किल में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमें से संबंधित कोई भी अधिकारी व पुलिस कर्मी की शराब तस्करी व शराब तस्करों से संलिप्ता पाई जाती है तो उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया जायेगा। उन्होंने अपने सर्किल के सभी थानेदारों को भी साफ चेतावनी दी है।
सीओं वीरेंद रावत ने ऋषिकेश कोतवाली में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि पुलिस से वह आम आदमी है। उन्होंने कह कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है और यदि कोई कोतवाली में फरयादी आता है तो उसे परेशान ने किया जाए। उन्होंने कहा की तीर्थनगरी में शराब पूर्णतया बैन है। लेकिन फिर भी शराब की तस्करी हो रही है। इसलिए तीर्थनगरी की गरिमा बनाए रखने के लिए शहर में अवैध शराब की तस्करी को रोकना होगा और तस्करों पर शिकंजा कसना होगा। उन्होंने कोतवाली ऋषिकेश, थाना रायवाला,रानीपोखरी के साथ-साथ अन्य चैकियों के प्रभारियों को प्रतिदिन वाहनों की चैकिंग करने के आदेश दिए। उन्होनंे सभी प्रभारियों को कहा कि अपने क्षेत्र में सुबह शाम सख्ताई से वाहनों की चेकिंग करेंगे।
सीओ ने कहा कि पुराने शराब तस्करों की कुंडली भी खंगालनी चाहिए। तीर्थनगरी में महिला शराब तस्कर सक्रिय है इसलिए उन पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी महिला चीता पुलिस को दी।
उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी के चंद्रभागा, मायाकुंड, शांतिनगर, लेबर काॅलोनी, हीरालाल मार्ग पर बनी अवैध झुग्गी झोपडियों में भी पुलिस को चैकिंग अभियान चलाने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि उनकी नज़र शराब माफियाओं के साथ-साथ उनसे सांठ गांठ करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी रहेगी और जैसे ही कोई मामला सामने आत है तो पुलिसकर्मी को सीधा सस्पेंड कर दिया जायेगा। अब देखना यह है कि तीर्थनगरी की सबसे बड़ी समस्या शराब तस्करी से सीओ वीरेंद्र सिंह रावत छुटकारा दिला पाते हैं या नहीं। क्योंकि शराब तस्करों से परेशान क्षेत्रीय लोग डीएम से लेकर सीएम तक गुहार लगा चुके है।


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