देश की स्वच्छता एवं शुचिता पर हुई विशेष चर्चा*

महागंरथ हिन्दुधर्म विश्वकोश के 11 खण्ड विश्व शान्ति विश्वविद्यालय के पुस्तकालय हेतु किये भेंट

*इनफर्मेशन के साथ इन्स्परेशन और ट्रान्सफर्मेशन है आज की आवश्यकता-स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

 ऋषिकेश।परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी जी की पूणे में आपसी भेंटवार्ता हुई। उनके मध्य देश की स्वच्छता एवं शुचिता पर विशेष चर्चा के साथ ’’इनफर्मेशन के साथ इन्स्परेशन और ट्रान्सफर्मेशन पर भी वार्ता हुई। स्वामी जी ने जानकारी के साथ प्रेरणा स्रोत और सकारात्मक बदलाव’’ को आज की आवश्यकता बताया ताकि युवाओं को एक दिशा मिल सके।
 स्वामी जी ने श्रीमती स्मृति ईरानी जी को अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभाग हेतु आमंत्रित किया। श्रीमती ईरानी जी ने आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। आगामी अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में वे सहभाग कर विश्व के 100 से अधिक देशों से आये योग जिज्ञासुओं को योगमय जीवन जीने की प्रेरणा देगी।
स्वामी जी ने कहा कि इनफर्मेशन हमें बाहरी सुचनाओं से भरता है, इन्स्परेशन हमें जीवन की पूर्णता प्रदान करता है; जीवन को प्रेरणा प्रदान करता है। पे्ररणा ही जीवन को पूर्णता प्रदान करती है। उन्होने कहा कि आज हमारे देश में एक ऐसे प्रधानमंत्री जी है जो भीतर की प्रेरणा से सारा कार्य कर रहे है जिससे देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आन्दोलित हो रहा है। पूरा विश्व उनके विचारों की ओर आकर्षित होकर भारत की ओर आशा की नजरों से देख रहा है। उन्होनेेेे कहा कि अपने राष्ट्र को समृद्ध बनाने का दायित्व हम सब का भी है और इस ओर हमें मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
 स्वामी जी महाराज ने कहा कि युवा में वायु की तरह; पवन की तरह शक्ति होती है। उनमे इतनी अधिक शक्ति होती है, वेग होता है की वे कोई भी परिवर्तन कर सकते है, आवश्यकता है तो बस उन्हे एक दिशा देने की। वैसे भी अगर युवा शब्द को उलट दिया जाये तो वायु बनता है, लगता है युवा का; उनकी जवानी का; इस रवानी का देश के हित में महत्वपूर्ण रूप से उपयोग किया जा सकता हैं क्योंकि अक्सर देखा गया है कि देश के जवान अपने आप मंेे अद्भुत क्षमता रखते है, उनकी क्षमताओं को विशेष दिशा दी जा सकती है।
स्वामी जी ने कहा कि युवाओं के लिये 4 टी प्रोग्राम ’’टाइम, टैलेंट, टेक्नोजाॅजी तथा टिनैसिटी इन चारों का उपयोग उनके जीवन में हो तो देश, विश्व में अपना अप्रतिम स्थान बना सकता है और हर क्षेत्र में विश्व गुरू का स्थान प्राप्त कर सकता है।
 स्वामी जी महाराज ने देश की स्वच्छता एवं शुचिता के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि मनुस्मृति मंे बाह्य एवं आन्तरिक स्वच्छता एवं शुचिता के सम्बंध में स्पष्ट वर्णन मिलता है। हमें बच्चों के अन्दर मन, बुद्धि एवं पर्यावरण के स्तर की स्वच्छता एवं शुचिता के संस्कार विकसित करना होगा।
  श्रीमती स्मृति ईरानी जी ने कहा कि योग को सही अर्थ में समझे तो वह समाज के सभी वर्गो के साथ बिना भेदभाव, जातिवाद, भाषावाद और हर वाद-विवाद को समाप्त करते हुये संवाद स्थापित करने का मार्ग है जो जीवन में योग से संयोग की ओर बढ़ने का संदेश देता है।
 स्वामी जी महाराज ने श्रीमती स्मृति ईरानी जी को महागं्रथ हिन्दुधर्म विश्वकोश भेंट किया। पूज्य स्वामी जी ने श्रीमती स्मृति ईरानी के हाथों से महागं्रथ हिन्दुधर्म विश्वकोश के 11 खण्ड विश्व शान्ति विश्वविद्यालय के पुस्तकालय हेतु जाने माने विद्वान और लेखक श्री विश्वनाथ डी कराड जी को भेंट किये।

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