मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी निवासी ट्रासंपोर्टर प्रकाश पाण्डे के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति और दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है.
मुख्यमंत्री ने प्रकाश पांडे के निधन को दुखद बताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके परिवार के साथ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पांडे की जीवन रक्षा के लिए सभी आवश्यक एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं. उनको इलाज के लिए शीघ्र मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों को उनको बेहतर ट्रीटमेंट देने को कहा गया था.
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को यह भी कहा गया था कि यदि प्रदेश के बाहर भी कहीं उनका सफल इलाज हो सकता है तो सभी व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा की जाएंगी. मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न हो.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रकाश पांडे की मौत सरकार की नीतियों की वजह से हुई है. उन्होंने कहा कि किसानों की मौत को लेकर भी इस सरकार ने ऐसी ही संवेदनहीनता दिखाई थी और इसी वजह से प्रकाश पांडे की मौत हुई है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि क़र्ज़ से परेशान होकर अब तक लगभग 5-6 व्यक्ति अपनी जान दे चुके हैं. प्रकाश पांडे की मौत के बाद तो सीधी बात यह भी सामने आई है कि इस मौत की वजह नोट बंदी है. लोग नोट बंदी और जीएसटी से भी दुखी हैं.
अग्रवाल ने कहा कि साबित भी हो गया कि नोट बंदी से छोटे कारोबारियों की कमर टूटी है, क़र्ज़ से परेशान कई किसानों ने भी अपनी जान दी है. इस सरकार में लोगों की समस्याओं को बहुत बढ़ाया है, समाधान के नाम पर तंग किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके इलाज में भी लापरवाही बरती है.


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