हरिद्वार नीति आयोग की 115 अति पिछड़े जिलों की सूची में हरिद्वार जनपद का नाम शामिल होने से प्रशासन में खलबली मच गई है,उत्तराखंड के दो जिले हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिले अलग अलग छः श्रेणियों में अति पिछड़े जिलों की सूची में चिन्हित किया गया है,चिन्हित छः सेक्टर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण,कृषि एवं सिंचाई, मूलभूत निर्माण, पंचायती राज विभाग शामिल है.जिलाधिकारी दीपक रावत ने आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में नीति आयोग केनिर्देशों के सम्बंध में एक समीक्षा बैठक ली, जिलाधिकारी ने बैठक में नीति आयोग द्वारा भारत के कुल 115 अति पिछड़े जिलों की सूची में हरिद्वार जनपद का नाम शामिल होने के बाद प्राप्त निर्देशों के फलस्वरूप बैठक की।जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड से हरिद्वार एवंउधमसिंह नगर को विभिन्न छः श्रेणियों में अति पिछड़े जिलों की सूची में चिन्हित किया गया है,चिन्हित छः सेक्टर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण,कृषि एवं सिंचाई, मूलभूत निर्माण, पंचायती राज विभाग शामिल है.जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार को प्रशासनिक स्तरपर विशेष दृष्टिकेंद्र करते हुए विकास योजनाऐं तैयार कर भारत सरकार को अवगत कराने के निर्देश दिये गये हैं । जिलों की रिर्पोट भारत सरकार के समक्ष जनपद के विकास कार्यो में आ रही चुनौतियों, कारणों व निवारण के उपायों सहित विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार को प्रस्तुत करनी है।डीएम ने नीति आयोग द्वारा चिन्हित छः सेक्टर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि एवं सिंचाई, मूलभूत निर्माण, पंचायती राज विभाग आदि को बैठक में निर्देशित किया कि प्राप्त निर्धारित प्रारूप पर वर्ष 2016-17 की सभी अद्यतन सूचनाऐं आंकड़े लक्ष्य प्राप्ति को प्रतिशत में दर्ज कर आज रात तक जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाये।सीएमओ अशोक कुमार गैरोला को गर्भवती महिलाओं के कुल रजिस्ट्रेशन, प्रसव सुविधा, लिंगानुपात, एनीमिया पीड़ित महिलाऐं, शिशु जन्म एवं मृत्युदर, टीकाकरण, एएनम, आशाओ के पदों व सीएचसी, पीएचसी की अद्यतन वास्तविक स्थिति प्रतिशत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक श्री ब्रम्हपाल सैनी को जूनियर हाई स्कूलों में बालक-बालिका का विद्यालयों में रजिस्ट्रेशन प्रतिशत, सर्व शिक्षा तथा रमसा अभियान में ब्लाॅकवार एवं जातिगतआधार पर विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों का प्रतिशत, विद्यालयों में पेयजल एवं विद्युत सप्लाई, जिलेभर में शिक्षा का अधिकार के कोटा के अन्तर्गत निजि विद्यालयों में दालिख छात्रों की अद्यतन स्थिति विस्तारपूर्वक प्रतिशत सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिये कि जिले में विभागों के मुखिया योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं व सुझाव सहित उक्त डाटा तैयार कर प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वयं अपनी प्रजेंटेशन देंगे। शेष विभागों की समीक्षा सोमवार को किये जाने की बात कही।


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