संजय अग्रवाल
डोईवाला। तीन तलाक पर मुस्लिम समाज की महिलाओं को कुछ आस जगी थी तो वहीं इसे काला कानून की संज्ञा देते हुएं मुस्लिम समाज की महिलाएं भी एकजुट होकर इस कानून के खिलाफ थी। केन्द्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट की ओर इस आशा से नजरें लगाएं हुए कि शायद अब इस समाज की बुराई का अंत होगा। लेकिन अभी भी मुस्लिम समाज के कुछ लोग शायद इस बुराई के खात्मे में बाधा बनकर मुस्लिम समाज की महिलाओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। 
डोईवाला निवासी महिला को उसके शौहर ने एक तरफा त्रिपल तलाक दे दिया। महिला का कहना है कि शौहर ने उसे तलाक की सूचना भी सीधे नहीं दी। पिता के जरीये उसे यह पैगाम भेंजा गया। पीड़िता ने महिला हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज की तो पति ने फतवा दिखाते हुए तलाक को वैध ठहराने की कोशिश की। अब महिला ने अपने शौहर को कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि तीन तलाक को नहीं मानती हूं और अपनी लड़ाई कोर्ट व मुस्लिम समाज के इस काले कानून के खिलाफ जारी रखूंगी ताकि किसी अन्य युवती का भविष्य इस तरह अंधकार मय ना हो।
यू तो उत्तराखंड में तीन तलाक के मामले नाम मात्र के ही सामने आएं है लेकिन ताजा मामला डोईवाला में सामने आया है जिससे हर कोई हैरान है। डोईवाला में मिल रोड़ निवासी शराफत की बेटी शाहिना परवीन का निकाह मात्र ढेड़ साल पहले 3 मई 2016 को बड़ी धूमधाम से मुस्लिम समाज के रिति रिवाज से सहारनपुर निवासी युवक मंसूर आलम से हुआ था, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही शाहिना की खुशियंा उस समय काफुर हो गई जब शाहिना के शौहर, उसकी बहन व सास ने कम दहेज लाने का ताना देकर उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। मामला मारपीट तक पहुंच गया लेकिन शाहिना ने किसी तरह सब कुछ सहते हुए हालातों से समझौता इसलिए किया कि किसी दिन तो उसकी सुसराल वाले उसके अपनाकर प्यार देंगे। लेकिन शाहिना का सोचना उस समय गलत साबित हुआ जब उसके शौहर ने पिता सराफत को फोन पर तलाक देने की बात कहते हुए शाहिना से अपना रिश्ता तोड़ने की बात कही।
मुस्लिम समाज की 22 वर्षीय पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए मीडियां सामने अपनी कहानी बयां की और तीन तलाक जैसे काले मुस्लिम कानून की खिलाफत करते हुए इंसाफ की मांग की। कहा कि उसे ससुराल में जलाने से लेकर हाथ तक काटा गया और दो बार गर्भ पात भी कराया गया। मई 2017 में जब वह चार माह के गर्भ से थी तो उसके पति ने घर से बाहर निकाल दिया। जिसके बाद से वह मायके डोईवाला में रह रही हैं। 
डोईवाला मिल रोड़ की शाहिना जो कि मात्र 22 साल की है और 18 महीने पूर्व उसका मुस्लिम रिति रिवाज के साथ सहारनपूर के युवक से हुआ था। क्योकि अब शाहिना का शौहर शाहिना से दूरी बनाकर तलाक देने की बात कर रहा है तो शाहिना ने भी अपने शौहर को सबक सिखाने की ठान ली है और अब डोईवाला कोतवाली में अपने सुसराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व तीन तलाक देने की शिकायत दर्ज कराकर शासन प्रशासन से इंसाफ मांगा है। पीड़िता की मां शबनम भी चाहती है कि समाज में कोढ़ बना तीन तलाक बंद हो और उनकी बेटी को इंसाफ मिले।
डोईवाला में इस तरह का पहला मामला हेाने के कारण मुस्लिम समाज के धर्म गुरू कुछ भी बोलने से बच रहे हे लेकिन कानून के जानकारों की माने तो शाहिना का मामला दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा का प्रतीत हो रहा है लेकिन क्यांेकि मामला कोर्ट में है और तीन तलाक पर भी कोर्ट से ही फैसला आना है तो इस बारे में कुछ भी अधिक कहना जल्द बादी होगी लेकिन जिस तरह से शाहिना परवीन का उत्पीड़न और तीन तलाक की बात सामने आ रही है उससे उत्तराखं उमें जरूर इस मामले को लेकर मुस्लिम धर्म गुरूओं को आगे आकर पीड़िता की मद्द को हाथ बटाना चाहिए ताकि देवभूमि कंलकित ना हो और मुस्लिम समाज के लोग व महिलाएं अमन चेन से अपना जीवन गुजार सकें।


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