प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर कंट्रोवर्सी में घिर गई हैं. लेकिन इस बार कंट्रोवर्सी में उनके घिरने की वजह कोई फिल्म नहीं, बल्कि उनका क्लीवेज है! जी हां, प्रियंका के क्लीवेज दिखाने का मामला असम के असेंबली सेशन के दौरान सोमवार को उठाया गया. उनके कपड़ों और पहनावे पर कांग्रेस पार्टी के कुछ सदस्यों से सवाल उठाए.
दरअसल प्रियंका असम राज्य की ब्रांड एंबेसेडर हैं. नए साल पर वो असम टूरिज्म के कैलेंडर पर नजर आईं. इस फोटो में उन्होंने फ्रॉक पहनी है जहां उनका थोड़ा सा क्लीवेज नजर आ रहा है. अब असम असेंबली सेशन के दौरान कांग्रेस पार्टी की मेंबर रूपज्योती कुर्मी (एमएलए, मरिअनी), रोजलीन टिर्की (एमएलए, सारुपथर) और नंदिता दास (एमएलए, बोको) ने प्रियंका पर आरोप लगाया कि उनके इस ड्रेस और पहनावे के कारण असम की सभ्यता को गलत तरह से पेश किया गया है.
यह भी कहा गया कि ऐसा करने के लिए उन्हें असम के ब्रांड एंबेसेडर पद से हटा देना चाहिए. एक चैनल से बातचीत के दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि फ्रॉक किसी भी तरह से असम की वेशभूषा नहीं है और कैलेंडर पर छपे ये फोटोज बिलकुल भी सभ्य नहीं है. फ्रॉक की बजाय प्रियंका को यहां की पारंपरिक मेखेला चादर का इस्तमाल करना चाहिए थे. इसलिए अब उनके खिलाफ विरोध किया जा रहा है.
हालांकि असम के टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमेन जयंत मल्ला ने कहा कि यह कैलेंडर असम टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था. साथ ही उन्होंने प्रियंका का बचाव करते हुए कहा कि प्रियंका एक इंटरनेशनल स्टार बन चुकी हैं. असम के कैलेंडर पर उनके होने से राज्य का सामान बढ़ेगा ही. उनका मानना है कि प्रियंका का कैलेंडर पर होना किसी भी तरह से राज्य की अस्मिता का हनन नहीं करता.


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