मौसम विभाग ने सोमवार समेत तीन दिन तक उत्तराखंड में बारिश और बर्फ़बारी की चेतावनी जारी की थी. सोमवार को सुबह से ही ऊंचे इलाक़ों में बर्फ़बारी और निचले इलाकों में बारिश होती रही. इस से राज्य में पारा बेहद गिर गया है. यह फ़सलों के लिए अच्छा है लेकिन सेहत के लिए चिंताजनक.
देहरादून के के मुख्य उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव कहते हैं कि इस बारिश का फ़सलों को बहुत इंतज़ार था. यह बारिश एकदम सही समय में हुई है. इससे सेब, अखरोट, आड़ू, पुलम जैसी फ़सलों को बहुत फ़ायदा होगा.
श्रीवास्तव के अनुसार इससे मौसमी सब्ज़ियों को भी बहुत फ़ायदा मिलेगा और गेहूं को भी. हालांकि वह यह भी कहते हैं कि अगर यह बारिश बीस-पच्चीस दिन तक होती तो गेहूं को नुक़सान हो जाता. तीन दिन की बारिश और बर्फ़बारी बेहद फ़ायदेमंद हो सकती है.
लेकिन सब्ज़ियों के लिए अच्छी ख़बर सांस और इस से जुड़े मरीज़ों के लिए चिंता लेकर आई है. देहरादून के छाती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुधांशु कालरा कहते हैं कि दिल और सांस, विशेषकर अस्थमा के मरीज़ों को बहुत सावधान रहने की ज़रूरत है.
दरअसल ठंड के मौसम में सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं और इससे सीओपीडी अटैक पड़ने की आशंका बेहद पड़ जाती है. इसलिए डॉक्टरों की दी गई दवाओं को नियमित रूप से लेने की ज़रूरत है. डॉक्टर कालरा यह भी कहते हैं कि अगर दिक्कत सामान्य से अधिक महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को सेहत का विशेष ख़्याल रखने की ज़रूरत है. ऐसे मामलों में ज़रा सी लापरवाही बेहद भारी पड़ सकती है.


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