गैरसैंण I गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र सत्र में वित्त मंत्री प्रकाश पंत साल 2018-19 का बजट पेश कर दिया है. आगामी साल का बजट 45,585 करोड़ रुपये का है.

आइए नज़र डालते हैं बजट की ख़ास बातों परः-

विधानसभा सचिवालय में ई-विधान सभा की स्थापना के लिए धनराशि की व्यवस्था.

गैरसैंण (भराडीसैंण) में अन्तर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन शोध केंद्र एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना हेतु धनराशि की व्यवस्था.


ईवीएम और वीवीपीएटी हेतु गोदाम निर्माण के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था.

मध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत कार्यरत भोजन माताओं को वर्दी उपलब्ध कराये जाने हेतु 3 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था.

संस्कृत के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए धनराशि प्रस्तावित.

आवासीय विद्यालय की स्थापना के लिए राजकीय संस्कृत धनराशि का प्रावधान.

आशा कार्यकर्ताओं/एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू होगी.

उत्तराखण्ड आयुष शोध संस्थान की स्थापना के लिए धनराशि प्रस्तावित.

पेयजल विभाग के अन्तर्गत केएफडब्लयू परियोजना के लिए 40 करोड़ की व्यवस्था.

मेट्रो रेल परियोजना के लिए 86 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित.

राज्य के सरकारी सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए सुगम्य उत्तराखण्ड अभियान.

आरपी डब्ल्यूडीएक्ट 2016 के अन्तर्गत धनराशि प्रस्तावित.

कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल आदि की व्यवस्था के लिए ‘राष्ट्रीय क्रेच योजना’ के अन्तर्गत 3,70,00,000 रुपये की व्यवस्था.

मातृ एवं शिशु कुपोषण रोकने के लिए ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ के अन्तर्गत 10,25,42,000 रुपये का प्रावधान.

एनडीए, आईआईए, ओटीए हेतु पूर्व प्रशिक्षण के लिए सैनिक कल्याण के अन्तर्गत नई योजना प्रारम्भ की गई है.

हर जनपद पर राज्य सरकार द्वारा बन्धु श्रमिकों के पुनर्वास के लिए बन्धुआ श्रमिक पुनर्वास निधि की स्थापना.

गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के मुखिया के लिए आम आदमी बीमा योजना में 11,37,15,000 रुपये की व्यवस्था.

प्रदेश के किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनाओं के अन्तर्गत 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण के लिए पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था.

उत्तराखण्ड राज्य में उद्यमियों के निवेश करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय विनिवेश मेला डेस्टिनेशन उत्तराखंड के आयोजन के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमिता प्रोत्साहन और पलायन रोकने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए ग्रोथ सेंटर’ की स्थापना के लिए 15 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था.

ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिस्ट कैम्प का निर्माण के लिए 7 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित.

13 जनपदों में दीर्घ अवधि प्लानिंग के अन्तर्गत प्रदेश थीम आधारित एक-एक नवीन पर्यटन गन्तव्य स्थापित किए जाने के धनराशि प्रस्तावित.

पर्यटन विभाग की योजना ‘होम स्टे’ के लिए 15 करोड़ व्यवस्था की.

श्रीनगर गढ़वाल में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के भवन निर्माण के लिए धनराशि की व्यवस्था.

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