मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को हरगढ़ गांव (गैरसैंण) में बन रही नर्सरी का निरीक्षण किया एवं स्थानीय लोगों तथा किसानों से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने हरगढ़ (गैरसैंण) को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेन्स के रूप में विकसित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि 500 नाली जमीन पर फार्म बनाकर इस सेंटर को विकसित किया जाएगा. इसमें लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा.

इस सेंटर में अनेक प्रजातियों के फलदार वृक्ष एवं औषधीय पुष्प विकसित किए जाएंगे. जड़ी-बूटियां विकसित कर हर्बल अगरबत्ती बनाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. उन्होंने कहा कि यहा पर सोलर पैनल के माध्यम से पानी की व्यवस्था की जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सेंटर में बागवानी के लिए उत्तम प्रजाति के पौधे लगाए जाएं. फलदार वृक्षों एवं औषधीय पादपों के रोपण के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया जाए. इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया. मुख्यमंत्री ने हरगढ़ में उच्च घनत्व सेब एवं अखरोट उत्पादन प्रदर्शन प्रखण्ड का लोकार्पण किया.

मुख्यमंत्री ने हरगढ़ में महिलाओं एवं किसानों से गढ़वाली में संवाद किया. उन्होंने किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सगन्ध की खेती कर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों की समय-समय पर जानकारी दी जाए. खेती एवं बागवानी करने के लिए महिला समूहों को प्रोत्साहित करना ज़रूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि चकबन्दी के आधार पर खेती करने पर किसानों को सुविधा होगी. हमारे पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी की अपार संभावनाएं हैं. हमें अपनी ताकत का सही उपयोग करना होगा.


इस अवसर पर विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, भरसार विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर सीएम शर्मा, ज़िलाधिकारी चमोली आशीष जोशी, एसपी चमोली तृप्ति भट्ट, अपर सचिव डॉक्टर मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित थे.

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