हल्द्वानी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही लोकपाल बिल को लटकाने का काम कर रहे हैं। 6 साल पूर्व से लोकपाल बिल लाने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार इस दिशा में संजीदगी से काम किसी भी दल अथवा उसकी सरकार ने नहीं किया। विपक्ष की कमज़ोरी का फायदा उठाकर वर्तमान सरकार ने बिल को लटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार को जगाने के मकसद से ही दिल्ली के जंतर-मंतर में सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर किया जा रहा है। सत्याग्रह आंदोलन को सपफल बनाने के लिए वह अब तक देश के 22 राज्यों का दौरा कर चुके हैं। यह बात सुप्रसिद्ध समाजसेवी और लोकपाल बिल आंदोलन के प्रणेता पदम भूषण अन्ना हजारे ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। वह आगामी 23 मार्च को नई दिल्ली के जंतर मंतर में आयोजित सत्याग्रह आंदोलन के लिए जनसमर्थन जुटाने के लिए सोमवार को वह हल्द्वानी पहुंचे। यहां काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुप्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि वह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए साल 2011 से लोकपाल बिल लाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार अपने मंत्रियों और चहेतों को बचाने के चक्कर में बिल नहीं ला रही है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक पार्टी ग्रेजुएट है तो दूसरी डाक्टर है। उन्होंने कहा कि 23 मार्च से जो सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है वह आर-पार की लड़ाई का ऐलान है। यह सत्याग्रह जनता को जागरूक करने के मकसद से चलाया जा रहा है। सत्याग्रह आंदोलन की सफलता के लिए जनता का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम लोकतंत्र की ओर नहीं बल्कि हुकुंम तंत्र की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में संगठन को मजबूत बनाने के लिए सत्याग्रह आंदोलन छेड़ा जा रहा है। आंदोलन किसी भी संगठन को मजबूत बनाने के मकसद से ही किए जाते हैं। मजबूत संगठन किसी को भी सरकार को गिराने का माद्दा रखते हैं। अन्ना ने कहा कि लोकपाल बिल लाने में दोनों ही दलों की सरकारें बेपरवाह बनी हुई है। उन्होंने दो टूक कहा कि लोकपाल बिल पर दोनों ही सरकारें बेकार साबित हुई हैं। सरकार को जगाने के मकसद से ही जंतर मंतर में सत्याग्रह आंदोलन किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए आंदोलन के दौरान जिन्होंने राजनीति का लबादा ओढ़ा हुआ है उन्हें इस आंदोलन से दूर ही रखा गया है। जिन-जिन लोगों को संगठन से जोड़ा गया है उनके लिए सौ रूपए का स्टाॅम्प पेपर बनाया गया है जिसमें साफ शब्दों में लिखा गया है कि वह कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे। जो भी स्टाॅम्प में लिखे के खिलाफ जाएगा उसे कोर्ट में घसीटा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक पांच हजार लोग उन्हें स्टाॅम्प पेपर सौंप चुके हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान सुशील भट्ट, गोल्डी, श्रीकांत खंडेलवाल आदि भी मौजूद थे। 

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